पानीपत में सहकारी समिति के एजेंटों पर FIR:समय पूरा होने के बाद भी नहीं लौटाए पैसे, निवेशकों का आरोप- करोड़ों रुपए की धांधली हुई

पानीपत में सहकारी समिति के एजेंटों पर FIR:समय पूरा होने के बाद भी नहीं लौटाए पैसे, निवेशकों का आरोप- करोड़ों रुपए की धांधली हुई

हरियाणा के पानीपत जिले में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के अधिकारियों व एजेंटों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निवेशक पुलिस को सोसाइटी के सीएमडी व प्रदेश स्तर पर काम देखने वालों के साथ एजेंटों के खिलाफ भी शिकायत दे रहे हैं। पुलिस ने तीन मामलों में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के पास अभी तक करीब 120 लोगों की शिकायतें आ चुकी हैं। 3 दिसंबर, 2024 से सोसाइटी ने लेन देन को बंद करने के साथ अपने एप व सॉफ्टवेयर आदि तक को भी हटा दिया था। तब से निवेशक परेशान हैं। वो पुलिस को शिकायत दे रहे हैं। केस एक: महिला से 1.68 लाख हड़पे
पुलिस को दी शिकायत में सुषमा ने बताया कि उसने 3 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से उक्त कंपनी में आरडी करवाई थी। यह तीन साल की थी। वह लगातार पैसे जमा करवाती रही। वह 1 लाख 8 हजार रुपए जमा करवा चुकी। लेकिन अब उसे वापस नहीं मिल रहे। सोसाइटी के मैनेजर ने पहले तो कई बार तारीखें दी। लेकिन अब उसने फोन भी स्विच ऑफ कर लिया। केस दो: महिला से 5 लाख की ठगी
गांव शाहपुर निवासी महिला सरोज ने बताया कि उसका पति कर्मपाल एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। गांव सिवाह के रहने वाले नरेश शर्मा, गांव बुडशाम का रहने वाला प्रेम गुलिया, हुमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रीफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैनों, सैक्रेटरी, कैशियर, सदस्यों व अन्य लोगों ने उसके साथ ठगी की है। आरोपियों ने झांसे में लेकर उसे आरडी करवाई। उनसे 3 लाख रुपए की 18 माह की एफडी में निवेश करने के नाम पर कैश ले गए। मामला जुलाई 2020 का है। आरोपियों ने इसके कुछ दिनों बाद फिर से एक नई स्कीम का झांसा देकर और रुपए ले लिए। ठगों ने उनसे कुल 5 लाख रुपए ले लिए। लेकिन न ही रुपए वापस लौटाए और न ही उन्हें कोई प्रोफिट मिला। केस तीन: पति-पत्नी से ठगे 5.68 लाख
समालखा थाना पुलिस को दी शिकायत में सोहन सिंह ने बताया कि वह समालखा का रहने वाला है। उसको सोसाइटी के ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार, प्रदीप कुमार निवासी गांव पावटी समालखा और अन्य लोगों ने ठगी का शिकार बनाया। ठगों ने उसे बताया था कि उनकी कंपनी भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा पंजीकृत है। उन्होंने अधिक ब्याज का लालच देकर उसके आरडी अकाउंट खोले। जिसमें 2200 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से निवेश किए। कुछ समय बाद झांसे में आकर अपनी पत्नी के नाम भी अकाउंट खुलवा लिया। दोनों खातों में उसने करीब 5 लाख 68 हजार रुपए निवेश किए। समय पूरा होने के बाद ठगों ने न ही रुपए लौटाए और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया। जिसके बाद उसने खुद के साथ हुई ठगी का पता लगा। हरियाणा के पानीपत जिले में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के अधिकारियों व एजेंटों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निवेशक पुलिस को सोसाइटी के सीएमडी व प्रदेश स्तर पर काम देखने वालों के साथ एजेंटों के खिलाफ भी शिकायत दे रहे हैं। पुलिस ने तीन मामलों में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के पास अभी तक करीब 120 लोगों की शिकायतें आ चुकी हैं। 3 दिसंबर, 2024 से सोसाइटी ने लेन देन को बंद करने के साथ अपने एप व सॉफ्टवेयर आदि तक को भी हटा दिया था। तब से निवेशक परेशान हैं। वो पुलिस को शिकायत दे रहे हैं। केस एक: महिला से 1.68 लाख हड़पे
पुलिस को दी शिकायत में सुषमा ने बताया कि उसने 3 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से उक्त कंपनी में आरडी करवाई थी। यह तीन साल की थी। वह लगातार पैसे जमा करवाती रही। वह 1 लाख 8 हजार रुपए जमा करवा चुकी। लेकिन अब उसे वापस नहीं मिल रहे। सोसाइटी के मैनेजर ने पहले तो कई बार तारीखें दी। लेकिन अब उसने फोन भी स्विच ऑफ कर लिया। केस दो: महिला से 5 लाख की ठगी
गांव शाहपुर निवासी महिला सरोज ने बताया कि उसका पति कर्मपाल एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। गांव सिवाह के रहने वाले नरेश शर्मा, गांव बुडशाम का रहने वाला प्रेम गुलिया, हुमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रीफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैनों, सैक्रेटरी, कैशियर, सदस्यों व अन्य लोगों ने उसके साथ ठगी की है। आरोपियों ने झांसे में लेकर उसे आरडी करवाई। उनसे 3 लाख रुपए की 18 माह की एफडी में निवेश करने के नाम पर कैश ले गए। मामला जुलाई 2020 का है। आरोपियों ने इसके कुछ दिनों बाद फिर से एक नई स्कीम का झांसा देकर और रुपए ले लिए। ठगों ने उनसे कुल 5 लाख रुपए ले लिए। लेकिन न ही रुपए वापस लौटाए और न ही उन्हें कोई प्रोफिट मिला। केस तीन: पति-पत्नी से ठगे 5.68 लाख
समालखा थाना पुलिस को दी शिकायत में सोहन सिंह ने बताया कि वह समालखा का रहने वाला है। उसको सोसाइटी के ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार, प्रदीप कुमार निवासी गांव पावटी समालखा और अन्य लोगों ने ठगी का शिकार बनाया। ठगों ने उसे बताया था कि उनकी कंपनी भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा पंजीकृत है। उन्होंने अधिक ब्याज का लालच देकर उसके आरडी अकाउंट खोले। जिसमें 2200 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से निवेश किए। कुछ समय बाद झांसे में आकर अपनी पत्नी के नाम भी अकाउंट खुलवा लिया। दोनों खातों में उसने करीब 5 लाख 68 हजार रुपए निवेश किए। समय पूरा होने के बाद ठगों ने न ही रुपए लौटाए और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया। जिसके बाद उसने खुद के साथ हुई ठगी का पता लगा।   हरियाणा | दैनिक भास्कर