लुधियाना|घंटाघर नजदीक नशेड़ी युवकों ने पुल के नीचे बैठे बच्चों को वहां से जाने के लिए कहा तो बच्चों ने जब जाने से मना किया तो नशेड़ी युवकों ने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इससे एक बच्चे का सिर फट गया। इसकी वीडियो सामने आई। इसमें देख सकते हैं कि शराब के नशे में कुछ युवक बच्चों को बुरी तरह से पीट रहा है। वीडियो में पुलिस मुलाजिम भी दिखे रहा है। पहले तो पुलिस मुलाजिम लड़ाई को छुड़वाने के लिए नहीं आया, लेकिन जब नशेड़ी युवकों ने बच्चे को ईंट मारकर जख्मी किया तो पुलिस मुलाजिम आया। फिर सभी को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर युवक बच्चों को पीटते रहे। फिर जब पुलिस ने उन पर डंडे से मारने की कोशिश की तो हमलावर युवक भाग गए। लुधियाना|घंटाघर नजदीक नशेड़ी युवकों ने पुल के नीचे बैठे बच्चों को वहां से जाने के लिए कहा तो बच्चों ने जब जाने से मना किया तो नशेड़ी युवकों ने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इससे एक बच्चे का सिर फट गया। इसकी वीडियो सामने आई। इसमें देख सकते हैं कि शराब के नशे में कुछ युवक बच्चों को बुरी तरह से पीट रहा है। वीडियो में पुलिस मुलाजिम भी दिखे रहा है। पहले तो पुलिस मुलाजिम लड़ाई को छुड़वाने के लिए नहीं आया, लेकिन जब नशेड़ी युवकों ने बच्चे को ईंट मारकर जख्मी किया तो पुलिस मुलाजिम आया। फिर सभी को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर युवक बच्चों को पीटते रहे। फिर जब पुलिस ने उन पर डंडे से मारने की कोशिश की तो हमलावर युवक भाग गए। पंजाब | दैनिक भास्कर
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लुधियाना में कन्हैया मित्तल का विरोध:सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास, शिवसेना नेता बोले- नहीं होने देंगे कोई भी प्रोग्राम
लुधियाना में कन्हैया मित्तल का विरोध:सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास, शिवसेना नेता बोले- नहीं होने देंगे कोई भी प्रोग्राम हरियाणा में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भजन गायक कन्हैया मित्तल द्वारा कांग्रेस में जाने का बयान दिए जाने के पंजाब में जहां कन्हैया मित्तल का विरोध किया जा रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर हिंदू संगठनों और भाजपा नेता खुलकर कन्हैया मित्तल पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। शिवसेना के एक नेता ने तो कन्हैया मित्तल का लुधियाना में एक भी प्रोग्राम ना करवाने का ऐलान कर दिया है। बता दें कि, कन्हैया मित्तल के गत दिनों कांग्रेस में जाने के दिए बयान के बाद लुधियाना में कन्हैया मित्तल के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। लुधियाना शहर के विभिन्न हिंदू संगठनों के नेता कन्हैया मित्तल पर जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं। दो दिनों से सोशल मीडिया पे कन्हैया मित्तल के खिलाफ हिंदू संगठनों द्वारा लगातार पोस्ट शेयर की जा रही हैं। भाजपा नेत्री बोली- राम की तरह अनुशासन में रहें कन्हैया भाजपा नेत्री रश्मि अग्रवाल ने एक पोस्ट शेयर कर कन्हैया मित्तल से कहा कि वह भगवान राम की तरह अनुशासन में रहें। एक टिकट के लालच में वह अपना सनातन भंग ना करें। उन्होंने कहा कि भगवान राम का नाम लेना बेहद आसान है लेकिन मुश्किल है तो उनके वचनों पर चलना। उन्होंने कहा कि इस बाबत वह कन्हैया मित्तल से बात भी करेंगे। रवनीत बिट्टू के पक्ष में खुलकर उतरे थे मैदान में बता दें कि कन्हैया मित्तल लोकसभा चुनाव के समय रवनीत बिट्टू के पक्ष में खुलकर मैदान में उतरे थे। जहां उन्होंने रोड शो भी निकाला था, वहीं लुधियाना पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर भाजपा के पक्ष में लोगों को वोट देने की अपील भी की थी। लुधियाना में एक भी कार्यक्रम नहीं करने देंगे: रोहित साहनी शिव सेना के नेता रोहित साहनी ने कन्हैया मित्तल ने कांग्रेस में जाने के बयान की निंदा करते कहा कि वह कन्हैया मित्तल का लुधियाना में एक भी प्रोग्राम नहीं करने देंगे। इस बाबत उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की है। भाजपा नेताओं ने कन्हैया को अनफालो करने की छेड़ी मुहिम कांग्रेस में जाने का बयान दिए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया है। लुधियाना में भाजपा ने कन्हैया मित्तल को सोशल मीडिया से अनफालो करने की मुहिम छेड़ दी है। भाजपा यूथ के सीनियर उपाध्यक्ष विनीत बहल ने कहा कि, हम लोगों से भी अपील कर रहे हैं कि वह सोशल मीडिया से कन्हैया को अनफालो करें। जिन्होंने करोडों हिंदुओं की भावना से खिलवाड़ किया है। लुधियाना में उन्हें हिंदू समाज अब लाइक नहीं करेंगे। चंडीगढ में रहते हैं कन्हैया मित्तल कन्हैया मित्तल चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने 7 साल की आयु में भजन गान शुरू कर दिया था। 2015 के बाद कन्हैया मित्तल अपने भजनों पर लोगों की पहली पसंद बन गए थे। उन्होंने 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव के समय “जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे” का भजन गायक वह देश विदेश में कन्हैया ने अपनी पैठ जमा ली थी। कन्हैया मित्तल ने नहीं उठाया फोन इस बाबत बार-बार कन्हैया मित्तल से फोन पर बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।

पंजाब के IG उमरानंगल मामले में सरकार को नोटिस:HC ने पूछा सस्पेंशन के दौरान का बकाया क्यों नहीं दिया, 8 अगस्त को होगी सुनवाई
पंजाब के IG उमरानंगल मामले में सरकार को नोटिस:HC ने पूछा सस्पेंशन के दौरान का बकाया क्यों नहीं दिया, 8 अगस्त को होगी सुनवाई पंजाब पुलिस के IG परमराज सिंह उमरानंगल से जुड़े मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही पूछा है कि उन्हें बहाल करने के बाद अभी तक उनकी बकाया सेलरी व अन्य लाभ क्यों जारी नहीं किए। अदालत ने सरकार को साफ आदेश दिए हैं कि 8 अगस्त तक सारे बकाया जारी करे, वरना अगली पेशी पर गृह सचिव को पेश होना पड़ेगा। इस मामले की सुनवाई गत दिवस हुई थी, जबकि आज इस संबंधी आदेश जारी हुए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर हुए थे बहाल हाईकोर्ट के आदेश पर ही करीब पांच साल से निलंबित चल रहे IG परमराज उमरानंगल को पंजाब सरकार ने 5 दिन पहले बहाल किया था। हालांकि उन्हें अभी तक पोस्टिंग नहीं दी गई है। अभी तक वह डीजीपी को ही रिपोर्ट करेंगे। करीब पांच महीने पहले फरवरी महीने में हाईकोर्ट ने उन्हें बहाल करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी उन्हें बहाल नहीं किया गया था। इसके बाद उमरानंगल ने दोबारा उच्च न्यायालय की शरण ली थी। कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए सरकार व पुलिस को फटकार लगाई थी व उन्हें 15 दिन में आदेश के पालन करने के आदेश दिए थे। 2019 में हुए थे सस्पेंड बहिबल कलां और कोटकपूरा पुलिस फायरिंग मामले में गठित एसआईटी ने 2019 आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उमरानंगल को सस्पेंड कर दिया गया है। पंजाब के गृह विभाग ने इस पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी और उसके बाद अदालत द्वारा उसे जेल भेजे जाने की अधिकृत सूचना के बाद उक्त कार्रवाई की थी।

खालिस्तानी अमृतपाल के नाम से फर्जी पत्र वायरल:शपथ के लिए स्पीकर से समय मांगा; संगठन बोले- ये पत्र फेक, बदनाम किया जा रहा
खालिस्तानी अमृतपाल के नाम से फर्जी पत्र वायरल:शपथ के लिए स्पीकर से समय मांगा; संगठन बोले- ये पत्र फेक, बदनाम किया जा रहा पंजाब की श्री खडूर साहिब सीट से चुनाव जीतने वाले खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के नाम से यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इसमें अमृतपाल का नाम लिखा गया था और लोकसभा स्पीकर से उसे शपथ लेने के लिए जेल से रिहा करने की मांग की जा रही थी। लेकिन अब उक्त पत्र को लेकर अमृतपाल के सोशल मीडिया अकाउंट से स्पष्टीकरण आया है, जिसमें उन्होंने कहा- यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है। ऐसे में यह जांच का विषय होगा कि उक्त पत्र किसने लिखा और किसने इसे वायरल किया। अमृतपाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट शेयर कर बताया फेक प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमृतपाल द्वारा आज सुबह उक्त पत्र के संबंध में एक पोस्ट शेयर की गई है। जिसमें उक्त पत्र की कॉपी पर फर्जी लिखा हुआ था। जिसमें लिखा था कि भाई अमृतपाल सिंह खालसा के नाम से एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। जिसमें स्पीकर से अनुरोध किया गया है कि भाई अमृतपाल सिंह को दिल्ली में पद की शपथ दिलाई जाए। सिख संगत को इस झूठ से अवगत होना चाहिए कि भाई अमृतपाल सिंह द्वारा ऐसा कोई पत्र किसी को नहीं लिखा गया। यह झूठा पत्र भी पिछले डेढ़ साल से भाई अमृतपाल सिंह खालसा के चरित्र को नष्ट करने के नापाक इरादों की अगली कड़ी है। समय आने पर ऐसे नापाक कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम सिख संगत के सामने रखे जाएंगे। खडूर साहिब से सीट से अमृतपाल ने जीता चुनाव अमृतसर से करीब 40 किमी दूर जल्लूपुर खेड़ा गांव के रहने वाले अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे संगठन के चीफ है। जिनसे खडूर साहिब सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर MP बना। अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में 23 फरवरी 2023 को हजारों लोगों की भीड़ अमृतसर के अजनाला थाने में घुस गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो गया। 18 मार्च को अमृतपाल घर छोड़कर फरार हो गए। जांच एजेंसियों के साथ पुलिस उन्हें एक महीने तलाशती रही। 23 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को मोगा से अरेस्ट कर लिया था। तभी से अमृतपाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। खालिस्तानी विचारधारा का समर्थन करने की वजह से उन पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगा है। अमृतपाल को प्रचार के लिए जेल से बाहर आने की परमिशन नहीं मिली, इसके बावजूद उन्हें 4 लाख से ज्यादा वोट मिले।