भास्कर न्यूज | रोहतक अपनी खूबियों से समृद्ध और राष्ट्रभाषा का गौरव प्राप्त िंहंदी की दुर्दशा कम नहीं हो रही है। इसकी वजह शासन-प्रशासन की तरफ से इसको लेकर लगातार किया जा रहा उपेक्षा का व्यवहार है। देश की सांस्कृतिक धरोहर संजोने वाली इस भाषा के प्रति समाज का भी नजरिया हीन भावना वाला है, जबकि आमजन की ओर से सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा यही हिंदी है। इसके बावजूद हिंदी भाषा की उन्नति पर संकट बरकरार है। सार्वजनिक स्थलों पर मार्गदर्शन के लिए लगे बैनर पोस्टरों पर भी आम बोलचाल के लिखे शब्दों में त्रुटियां देखने को मिलती हैं। यही नहीं, शहर में विभिन्न प्रमुख विभागों और सरकारी कार्यालयों में जहां तहां लिखे हिंदी के वाकयों में गलती मिलती हैं। यह समस्या हिंदी के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। क्योंकि हिंदी के आम बोलचाल चाल के शब्दों में भी त्रुटियां मिल रही हैं। यहां तक की आमजन को सतर्क और मार्गदर्शन करने वाले बैनर व पोस्टर के शब्दों में अशुद्धियां देखने को मिलती हैं। इतना ही नहीं, विभिन्न विभागों के नामों में गलतियां अकसर प्रशासनिक दस्तावेजों और सार्वजनिक सूचनाओं में देखने को भी मिलती हैं। सरकारी विभागों में अंग्रेजी शब्दों का हो रहा प्रयोग प्रदेश के सरकारी स्कूलों हिंदी विषय के कुल 7381 हैं। इनमें से जिले में 4487 नियमित शिक्षक, 922 अतिथि शिक्षक, 185 एचकेआरएन शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं, लगभग 1681 पद अभी भी खाली हैं। प्रदेश भर में कक्षा 12वीं के 186815 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 185329 विद्यार्थी पास हुए हैं। यानी हिंदी विषय का कुल परीक्षा पास प्रतिशत 99.20 रहा। कक्षा 10वीं में 286714 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 277913 विद्यार्थी पास हुए हैं, जोकि 96.93 % रहा है। भास्कर न्यूज | रोहतक अपनी खूबियों से समृद्ध और राष्ट्रभाषा का गौरव प्राप्त िंहंदी की दुर्दशा कम नहीं हो रही है। इसकी वजह शासन-प्रशासन की तरफ से इसको लेकर लगातार किया जा रहा उपेक्षा का व्यवहार है। देश की सांस्कृतिक धरोहर संजोने वाली इस भाषा के प्रति समाज का भी नजरिया हीन भावना वाला है, जबकि आमजन की ओर से सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा यही हिंदी है। इसके बावजूद हिंदी भाषा की उन्नति पर संकट बरकरार है। सार्वजनिक स्थलों पर मार्गदर्शन के लिए लगे बैनर पोस्टरों पर भी आम बोलचाल के लिखे शब्दों में त्रुटियां देखने को मिलती हैं। यही नहीं, शहर में विभिन्न प्रमुख विभागों और सरकारी कार्यालयों में जहां तहां लिखे हिंदी के वाकयों में गलती मिलती हैं। यह समस्या हिंदी के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। क्योंकि हिंदी के आम बोलचाल चाल के शब्दों में भी त्रुटियां मिल रही हैं। यहां तक की आमजन को सतर्क और मार्गदर्शन करने वाले बैनर व पोस्टर के शब्दों में अशुद्धियां देखने को मिलती हैं। इतना ही नहीं, विभिन्न विभागों के नामों में गलतियां अकसर प्रशासनिक दस्तावेजों और सार्वजनिक सूचनाओं में देखने को भी मिलती हैं। सरकारी विभागों में अंग्रेजी शब्दों का हो रहा प्रयोग प्रदेश के सरकारी स्कूलों हिंदी विषय के कुल 7381 हैं। इनमें से जिले में 4487 नियमित शिक्षक, 922 अतिथि शिक्षक, 185 एचकेआरएन शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं, लगभग 1681 पद अभी भी खाली हैं। प्रदेश भर में कक्षा 12वीं के 186815 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 185329 विद्यार्थी पास हुए हैं। यानी हिंदी विषय का कुल परीक्षा पास प्रतिशत 99.20 रहा। कक्षा 10वीं में 286714 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 277913 विद्यार्थी पास हुए हैं, जोकि 96.93 % रहा है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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हिसार में प्रॉपर्टी डीलरों से परेशान बुजुर्ग ने फांसी लगाई:बेटा बोला- धोखाधड़ी से प्रॉपर्टी बेची, पूरी रकम भी नहीं दी, इससे पिता परेशान थे
हिसार में प्रॉपर्टी डीलरों से परेशान बुजुर्ग ने फांसी लगाई:बेटा बोला- धोखाधड़ी से प्रॉपर्टी बेची, पूरी रकम भी नहीं दी, इससे पिता परेशान थे हिसार में मोहल्ला कसाबा में एक बुजुर्ग ने दो प्रॉपर्टी डीलरों से परेशान होकर फांसी लगा ली। बुजुर्ग की उम्र 66 साल थी और वह धोखाधड़ी से प्रॉपर्टी बेचे जाने और प्रॉपर्टी की पूरी रकम न मिलने से परेशान था। पुलिस ने बेटे केशव की शिकायत पर दो प्रॉपर्टी डीलर सचिन और अक्षय के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बेटे का कहना है कि सचिन से हमें 39 लाख और अक्षय से 3 लाख 50 हजार रुपये लेने हैं। केशव ने बताया कि मेरी मां सरोज के नाम पर कसाबा मोहल्ला में एक मकान था, जिसे मेरी मां ने 19 नवंबर 2024 को सचिन पुत्र सत्यवान गांव सिसाय बोलान को बेच दिया, जिसने मेरी मां को धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और पूरी रकम नहीं दी। सचिन से भाईचारे में पंचायत में भी पैसे देने को कहा था। लेकिन सचिन ने पैसे नहीं दिए। इस बात से पिता काफी परेशान था। पुलिस ने बेटे की शिकायत पर प्रॉपर्टी डीलर सचिन और अक्षय के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में बेटे ने सारी बात बताई..
1. पिता ने ग्राउंड फ्लोर पर फंदा लगाया
बेटे केशव ने बताया कि उनके पिता हररोज खाना खाने के बाद मकान के ग्राउंड फ्लोर पर चले गए। मैं वा मेरी मां सरोज मकान के ऊपर वाले फ्लोर पर थे। करीब 1.30 दोपहर मैं नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गया तो मैने देखा की पिता शॉल से हुक से बंधे फंदे पर लटके हुए थे। तभी मैंने मेरी मां को जोर से आवाज लगाकर बुलाया तभी मेरी मां व भाई सूर्यकांत भी आ गए। फिर हमने मेरे पिता को फंदा की गांठ खोलकर नीचे उतारा। 2. रिश्तेदारों को बुलाया, फोन पर सूचना दी
शिकायतकर्ता ने बताया कि हमने अपने रिश्तेदारों को फोन किया। करीब 4 बजे हमारे रिश्तेदार आने के बाद हमने करीब शाम 4.20 पर पुलिस को सूचना दी। मैं व मेरे रिश्तेदारों के साथ पिता को लेकर सरकारी अस्पताल हिसार गए जो डॉक्टर ने पिता को मृत घोषित कर दिया। 3. मां को धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री करवाई
शिकायतकर्ता ने बताया कि मेरी माता सरोज के नाम कसाबा मोहल्ला में मकान था, जो मेरी मां ने 19 नवंबर 2024 को सचिन पुत्र सत्यवान गांव सिसाय बोलान को बेचा था, जिसने मेरी मां को धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और पूरे पैसे नहीं दिए। सचिन के साथ भाईचारे में भी पंचायती तौर पर भी पैसे देने बारे कहा मगर, उसने पैसे नहीं दिए। इसी बात को लेकर मेरे पिता परेशान रहते थे। 4. पिता को मानसिक अघात लगा, परेशान रहने लगे
बेटे केशव ने बताया कि धोखे से मकान बिकने पर मेरे पिता बार-बार कहते थे कि हमारी दुकानें भी बिक गई मकान भी बिक गया और सचिन व अक्षय ने पैसे भी नहीं दिए। हम तो रोड पर आ गए हैं। सचिन व अक्षय की वजह से हमारा सबकुछ तो खत्म हो गया। पिता कहते थे कि मैं अब और जीना नहीं चाहता। हमारे परिवार को तो सचिन व अक्षय ने बर्बाद कर दिया है हमारे सारे पैसे खा गए। 5. सचिन और अक्षय प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं
बेटे केशव ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर अक्षय और सचिन की बात से परेशान मेरे पिता ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सचिन व अक्षय मलिक प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं और मुलतानी चौंक पर अपना दफ्तर बना रखा है। सचिन से हमने 39 लाख रुपए और अक्षय से हमने 3 लाख 50 हजार रुपए लेने हैं। सचिन व अक्षय बार-बार आकर मकान पर कब्जा करने के लिए दबाव बना रहे थे जिस वजह से मेरे पिता ने परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

रोहतक MDU में दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ी:12 तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 10 प्रतिशत सुपरन्यूमेरी सीटों का प्रावधान
रोहतक MDU में दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ी:12 तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 10 प्रतिशत सुपरन्यूमेरी सीटों का प्रावधान रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ा दी गई है। पहले यह तिथि 8 जून तय की गई थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 12 जून कर दिया गया है। इसलिए छात्र 12 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2024-2025 के विभिन्न चार वर्षीय/पंचवर्षीय स्नातकीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जून तक बढ़ा दी है। कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने कहा कि विभिन्न स्टेक होल्डर्स के अनुरोध तथा विद्यार्थी समुदाय के हित में विश्वविद्यालय स्नातकीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाई है। 10 प्रतिशत प्रतिशत सुपरन्यूमैरी सीटें कुलसचिव ने कहा कि सीसीआई, एआईसीटीई, एनसीटीई, पीसीआई (नियामक संस्थानों) के स्नातकीय पाठ्यक्रमों को छोड़कर अन्य सभी स्नातकीय पाठ्यक्रमों में ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के अभ्यर्थियों के लिए एक सुपरन्यूमैरी सीट का प्रावधान भी विश्वविद्यालय ने किया है। इसके अलावा, हरियाणा से बाहर के प्रदेशों के अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत सुपरन्यूमेरी सीटों का प्रावधान स्नातकीय पाठ्यक्रमों में किया गया है। ये सुपरन्यूमैरी सीटें एंट्रेंस टेस्ट के मेरिट पर ऑल इंडिया ओपन कैटेगरी में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से भरी जाएंगी। 40 प्रतिशत करने होंगे प्राप्त इन अभ्यर्थियों को एंट्रेंस परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। हरियाणा से अलग राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थियों के लिए यूजी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत सुपरन्यूमरेरी सीटें सृजित की गई हैं। इसके अलावा ट्रांसजेंडर्स कम्युनिटी के लिए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रत्येक में एक सीट मुहैया करवाई गई है। पाठ्यक्रमों समेत अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

विनेश फोगाट-बजरंग पूनिया आज कांग्रेस जॉइन करेंगे:दोनों पहलवान दिल्ली पहुंचे; विनेश का चुनाव लड़ना तय, बजरंग स्टार प्रचारक होंगे
विनेश फोगाट-बजरंग पूनिया आज कांग्रेस जॉइन करेंगे:दोनों पहलवान दिल्ली पहुंचे; विनेश का चुनाव लड़ना तय, बजरंग स्टार प्रचारक होंगे हरियाणा की पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया आज कांग्रेस जॉइन करेंगे। इसके लिए दोनों दिल्ली पहुंच गए हैं। बजरंग पूनिया ने मीडिया से बात करते हुए इसकी पुष्टि की। दोपहर करीब डेढ़ बजे उनकी जॉइनिंग हो सकती है। उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात होगी। विनेश फोगाट विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। उनकी जींद के जुलाना से टिकट तय मानी जा रही है। हालांकि चचेरी बहन बबीता फोगाट को भाजपा टिकट न मिलने से अब दादरी सीट का विकल्प भी उनके लिए खुला है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि विनेश 11 सितंबर को नामांकन करेंगी। जबकि बजरंग पूनिया को स्टार प्रचारक बना प्रचार का जिम्मा मिल सकता है। असल में बजरंग झज्जर की बादली सीट मांग रहे थे। कांग्रेस ने यहां से मौजूदा विधायक कुलदीप वत्स का टिकट काटने से इनकार कर दिया। बजरंग को संगठन में कोई बड़ा पद दिया जा सकता है। वह पूरे हरियाणा में प्रचार करेंगे। वहीं इसको लेकर अब WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह का बयान भी वायरल हो रहा है। जिसमें वे कह रहे हैं कि जब मेरे खिलाफ आरोप लगाए गए तो मैंने तभी बोल दिया था कि यह साजिश कांग्रेस की है। दीपेंद्र हुड्डा और भूपेंद्र हुड्डा की है। मैंने पहले भी कहा था आज तो देश कह रहा है। अब मुझे इस बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। वहीं भाजपा के पूर्व मंत्री अनिल विज ने कहा कि विनेश फोगाट देश की बेटी से कांग्रेस की बेटी बनना चाहती हैं। 2 दिन पहले राहुल गांधी से मिले थे दोनों रेसलर
4 सितंबर को विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। राहुल से मिलने के बाद वे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मिले थे। इसके बाद मीटिंग में क्या चर्चा हुई, कांग्रेस ने इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। अपने राजनीतिक दांव के बारे में भी दोनों पहलवानों ने चुप्पी साध रखी है। भूपेंद्र हुड्डा टिकट की कर रहे थे पैरवी
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय चुनाव समिति की मीटिंग में भूपेंद्र हुड्डा ने विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को टिकट देने की पैरवी कर रहे थे। हुड्डा ने कहा था कि पहलवानों के साथ खड़े होने से हरियाणा में लोगों का समर्थन कांग्रेस के पक्ष में आएगा। केंद्रीय चुनाव समिति ने इसके लिए चर्चा के बाद हामी भर दी थी। हालांकि चुनाव लड़ने या न लड़ने और सीट चुनने का फैसला विनेश और बजरंग पर छोड़ दिया गया गया था। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक विनेश फोगाट को 3 सीटों का ऑफर दिया गया था, उनमें पहली 2 सीटें चरखी दादरी की दादरी और बाढड़ा थी। जबकि तीसरा ऑप्शन जींद की जुलाना सीट का दिया गया। जहां उनका ससुराल है। बजरंग पूनिया झज्जर की बादली सीट मांग रहे थे लेकिन वहां कांग्रेस के पास मजबूत चेहरा कुलदीप वत्स हैं। इसके अलावा बजरंग को भिवानी, बहादुरगढ़ और सोनीपत की राई सीट का भी विकल्प दिया गया था। हालांकि अभी दोनों पहलवानों की टिकट फाइनल करने के लिए शाम को केंद्रीय चुनाव समिति की मीटिंग में मुहर लगाई जाएगी। एयरपोर्ट पर दीपेंद्र हुड्डा ने किया था स्वागत
पेरिस ओलिंपिक में एक दिन में 3 फाइट जीतने के बाद भी मेडल से चूकीं विनेश का 17 अगस्त को भारत लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट से उनके गांव बलाली तक ग्रैंड वेलकम हुआ था। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा एयरपोर्ट पर ही स्वागत करने पहुंचे और फिर उनके काफिले में भी गुरुग्राम तक चले। इसके बाद से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खाप पंचायतें विनेश को बुलाकर उनका सम्मान कर रही हैं। झज्जर, रोहतक, जींद, दादरी जिले में उनका कई जगह सम्मान भी हो चुका है। विनेश केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन में भी शामिल हो चुकी हैं। विनेश-बजरंग ने बृजभूषण के खिलाफ धरने की अगुआई की
साल 2023 में महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के (WFI) के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। उनकी गिरफ्तारी की मांग पर बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक की अगुआई में पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया। यह धरना करीब 140 दिन तक चला। विनेश फोगाट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला खत लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मेडल लौटा देंगी। इससे पहले पहलवान साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास लेने की घोषणा की थी। पहलवान बजरंग पूनिया ने भी अपना पद्मश्री पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर रख दिया था। विनेश-बजरंग ने बृजभूषण के खिलाफ धरने की अगुआई की
साल 2023 में महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के (WFI) के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। उनकी गिरफ्तारी की मांग पर बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक की अगुआई में पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया। यह धरना करीब 140 दिन तक चला। विनेश फोगाट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला खत लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मेडल लौटा देंगी। इससे पहले पहलवान साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास लेने की घोषणा की थी। पहलवान बजरंग पूनिया ने भी अपना पद्मश्री पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर रख दिया था।