भास्कर न्यूज| लुधियाना। फेस्टिवल सीजन में हर चीज की बढ़ी डिमांड की वजह से मिलावट जोरों पर होने लगती है। ऐसे में घर पर ही शुद्ध चीजों को बनाकर खाने से कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है। घर पर ही बने खोया में मिलावट का कोई खतरा नहीं होता है। इसे बनाने के लिए सिर्फ दूध की जरूरत होती है। जानिए घर पर खोया बनाने की विधि। {आवश्यक सामग्री : 1 लीटर फुल क्रीम दूध। {विधि : सबसे पहले एक गहरे, मोटे तले वाले बर्तन में 1 लीटर फुल क्रीम दूध डालें और मध्यम आंच पर गर्म करना शुरू करें। ध्यान रखें कि दूध अधिक फैलने न पाए, इसलिए इसे बीच-बीच में चलाते रहें। दूध में उबाल आने पर आंच को धीमा कर दें और इसे लगातार चलाते रहें, ताकि दूध तले पर न लगे। दूध को तब तक पकाएं, जब तक कि यह आधे से कम मात्रा में न रह जाए। दूध के गाढ़ा होने पर उसमें छोटे-छोटे दाने (मिल्क सॉलिड्स) बनने लगेंगे। दूध को इसी तरह पकाते रहें और बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें। गाढ़ा होने पर आंच कम करें, जैसे-जैसे दूध और गाढ़ा होता जाएगा, इसे धीमी आंच पर पकाएं। धीरे-धीरे यह सूखकर मावा (खोया) बन जाएगा। ‘जब दूध पूरी तरह से गाढ़ा हो जाए और पानी लगभग सूख जाए, तब इसे आंच से उतार लें। खोया तैयार हो जाएगा। इसे ठंडा होने के बाद किसी बर्तन में निकाल लें। ताजगी बनाए रखने के लिए इसे फ्रिज में रखें, और 2-3 दिनों के भीतर उपयोग कर लें। इस शुद्ध खोया का उपयोग कई तरह की मिठाईयों को बनाने में कर सकती हैं। भास्कर न्यूज| लुधियाना। फेस्टिवल सीजन में हर चीज की बढ़ी डिमांड की वजह से मिलावट जोरों पर होने लगती है। ऐसे में घर पर ही शुद्ध चीजों को बनाकर खाने से कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है। घर पर ही बने खोया में मिलावट का कोई खतरा नहीं होता है। इसे बनाने के लिए सिर्फ दूध की जरूरत होती है। जानिए घर पर खोया बनाने की विधि। {आवश्यक सामग्री : 1 लीटर फुल क्रीम दूध। {विधि : सबसे पहले एक गहरे, मोटे तले वाले बर्तन में 1 लीटर फुल क्रीम दूध डालें और मध्यम आंच पर गर्म करना शुरू करें। ध्यान रखें कि दूध अधिक फैलने न पाए, इसलिए इसे बीच-बीच में चलाते रहें। दूध में उबाल आने पर आंच को धीमा कर दें और इसे लगातार चलाते रहें, ताकि दूध तले पर न लगे। दूध को तब तक पकाएं, जब तक कि यह आधे से कम मात्रा में न रह जाए। दूध के गाढ़ा होने पर उसमें छोटे-छोटे दाने (मिल्क सॉलिड्स) बनने लगेंगे। दूध को इसी तरह पकाते रहें और बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें। गाढ़ा होने पर आंच कम करें, जैसे-जैसे दूध और गाढ़ा होता जाएगा, इसे धीमी आंच पर पकाएं। धीरे-धीरे यह सूखकर मावा (खोया) बन जाएगा। ‘जब दूध पूरी तरह से गाढ़ा हो जाए और पानी लगभग सूख जाए, तब इसे आंच से उतार लें। खोया तैयार हो जाएगा। इसे ठंडा होने के बाद किसी बर्तन में निकाल लें। ताजगी बनाए रखने के लिए इसे फ्रिज में रखें, और 2-3 दिनों के भीतर उपयोग कर लें। इस शुद्ध खोया का उपयोग कई तरह की मिठाईयों को बनाने में कर सकती हैं। पंजाब | दैनिक भास्कर
Related Posts

लुधियाना में SGPC की बैठक आज:ज्ञानी हरप्रीत सिंह- वल्टोहा के बीच विवाद पर हो सकती है चर्चा; अकाली दल पर भी होगी बातचीत
लुधियाना में SGPC की बैठक आज:ज्ञानी हरप्रीत सिंह- वल्टोहा के बीच विवाद पर हो सकती है चर्चा; अकाली दल पर भी होगी बातचीत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठक आज कुछ ही समय में लुधियाना के समराला स्थित कटाना साहिब में होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी करेंगे। एसजीपीसी ने इस बैठक को लेकर अभी तक कोई भी एजेंडा साझा नहीं किया है, लेकिन अनुमान है कि ये बैठक श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और विरसा सिंह वल्टोहा के बीच हुए विवाद को लेकर हो सकती है। एडवोकेट धामी के एसजीपीसी प्रधान बनने के बाद यह पहली बैठक है, जो अमृतसर से बाहर होने वाली है। अनुमान के अनुसार विरसा सिंह वल्टोहा की तरफ से ज्ञानी हरप्रीत सिंह की वीडियो वायरल करने के बाद पैदा हुए विवाद को लेकर ही ये बैठक बुलाई गई है। वल्टोहा ने सोशल मीडिया पर 15 अक्टूबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने का एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें ज्ञानी हरप्रीत सिंह और वल्टोहा के बीच बहस हो रही है। दोनों में गाली-गलौज भी हुआ। ज्ञानी हरप्रीत का आरोप- उन्हें परेशान किया जा रहा वीडियो पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब से लिए गए फैसलों के कारण उन्हें राजनीति और व्यक्तिगत तौर पर बदनाम किया जा रहा है। उनके खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है। उनका तल्खी भरा क्लिप काटकर वायरल किया गया। फैसला बदलने को लेकर अगर बैठक बुलाई तो नहीं जाएंगे ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने दो माह पहले अपना इस्तीफा श्री अकाल तख्त साहिब को भेज दिया था। अब चाहें तो उसको मंजूर कर लें। वह दोबारा इस्तीफा नहीं दे सकते। 2 दिसंबर वाले निर्णय को बदलने के लिए पांच सिंह साहिबान कोई बैठक बुलाते हैं तो वह उसमें शामिल नहीं होंगे। गलत प्रचार को फैलाने वाला नछत्तर नाम का शख्स है। अकाली दल को भी लेकर हो सकती है बातचीत वहीं, इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से दिए गए फैसले, जिसमें अकाली दल की वर्किंग कमेटी को भेजे नोटिस स्वीकार कर, अकाली दल के दोबारा से गठित करने को लेकर भी बातचीत होने का अनुमान है।

राज्य मंत्री का साथी लुधियाना कोर्ट में होगा पेश:2 दिन का रिमांड खत्म, कारोबारी से फिरौती मांगी, डेटा तैयार कर रही पुलिस
राज्य मंत्री का साथी लुधियाना कोर्ट में होगा पेश:2 दिन का रिमांड खत्म, कारोबारी से फिरौती मांगी, डेटा तैयार कर रही पुलिस पंजाब के लुधियाना में केन्द्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथी राजीव राजा को आज जिला पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। राजा का पुलिस को दिन पहले रिमांड मिला था। रिमांड आज समाप्त होने के बाद उन्हें फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस राजा का पिछला खाका भी तैयार कर रही है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने राजीव राजा के फोन से कई नंबरों को शक के दायरे में रखकर उनकी जांच शुरू कर दी है। कई संदिग्ध नंबरों की सूची पुलिस ने बनाई है। उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई है। इस केस में कई लोग पुलिस रडार पर है। पुलिस राजा के पिछले करीब 6 महीने से अधिक का डेटा इकट्ठा कर रही है। उधर, पुलिस ने कोर्ट में रिमांड लेटर में कहा है कि रंगदारी मांगने वाले 3 आरोपियों के साथ राजा के लिंक है। उनकी फोन पर बातें होती रही थीं, वो भी इस साजिश में शामिल था। रोहन ने उगला राजीव राजा का नाम सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि रंगदारी की शिकायत की जांच करते हुए पुलिस ने पहले रकम लेने आए 2 आरोपी सरहस मौदगिल और जगजीत सिंह को पकड़ा था। उनकी सूचना पर पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले रोहन सिंह को पकड़ा। जब रोहन से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने राजीव राजा के कहने पर रंगदारी मांगी थी। इसके बाद पुलिस ने राजा को गिरफ्तार किया। कारोबारी रवीश के पास काम करता था सरहस
सरहस कारोबारी रवीश के पास 2019 से 2021 तक काम करता रहा है। वह उसके पास मार्केटिंग पर्सन के तौर पर काम करता था। उसने नौकरी छोड़ दी और रवीश को भी नुकसान पहुंचाया। उसने रवीश के ग्राहकों से सीधा संपर्क करना शुरू कर दिया था। सरहस ने अपना व्यवसाय शुरू किया था। एक दिन सरहस से रोहन ने 5 लाख की रंगदारी मांगी तो उसने कहा कि वह पैसे नहीं दे सकता, लेकिन किससे पैसे मिल सकते है इस बारे जरूर बता सकता है। यह कहकर आरोपियों ने मिलकर गिरोह बनाया है और रवीश से रंगदारी मांगी। 2022 में राजा ने कहा था, मुझे मिल रही धमकियां
नवंबर 2022 में राजीव राजा खुद मीडिया में कह रहा था कि मुझे फेसबुक मैसेंजर पर वीडियो कॉल पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं। कॉल करने वाले ने उसे एके 47 दिखाई है। उस समय घबराए राजीव राजा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंचा और वहां शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्होंने शहर छोड़ने का भी ऐलान कर दिया। उसने कहा था कि यह पहली बार नहीं है कि मुझे जान से मारने की धमकियां मिली हैं। वह पहले भी पुलिस से इस बारे में शिकायत कर चुका हैं। लेकिन कोई सुनवाई न होने के कारण उसे शहर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। ये है पूरा मामला
मॉल एन्क्लेव निवासी 37 वर्षीय कारोबारी पीड़ित रवीश गुप्ता ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से लगातार वॉट्सऐप पर कॉल और मैसेज आ रहे थे। अज्ञात कॉलर ने 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी और धमकी दी कि ऐसा न करने पर जान से मारने सहित गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रवीश गुप्ता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डिवीजन नंबर 8 पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4) (जबरन वसूली) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की है। राजा पर विधान सभा रिटर्निंग ऑफिसर ने करवाया था पर्चा
2022 में लुधियाना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर के बयान के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि राजीव राजा ने वोट डालते समय मतदान केंद्र का वीडियो पोस्ट किया था, जो सोशल मीडिया पर सामने आया था। उस समय आरोपी के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 बी, 132 और आईपीसी की धारा 188 के तहत थाना डिवीजन नंबर 5 में मामला दर्ज किया गया था। केन्द्रीय मंत्री बिट्टू CM पर साध रहे निशाना केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर भड़के हुए है। बिट्टू ने कहा था कि मुझे सुबह ही पता था कि लुधियाना में क्या हो रहा है। मुख्यमंत्री मान अपनी कुर्सी बचाने के लिए मेरे नजदीकियों पर मामले दर्ज करवा रहे हैं। बिट्टू ने कहा था कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी बुरी तरह हारी है। इसमें कोई शक नहीं है कि हम सभी ने मिलकर कड़ी मेहनत की है। हिम्मत है तो मेरे खिलाफ मामला दर्ज कराएं- बिट्टू बिट्टू ने कहा था कि अगर सीएम मान में हिम्मत है तो वह मेरे खिलाफ केस दर्ज करवाएं। बिट्टू ने कहा कि संसद सत्र खत्म होने के बाद मैं खुद मुख्यमंत्री मान के आवास के बाहर सरेंडर करने जाऊंगा। बिट्टू ने कहा कि राजीव राजा मेरे यूथ समय के दोस्त हैं। वह एक व्यापारी हैं। उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है। राजीव राजा के परिवार से मुझे फोन आया और उन्होंने मुझे इस घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके मुंह से राजा का नाम निकलवाया गया है और उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है। बिट्टू ने कहा था कि लुधियाना पुलिस ने 10 जगहों पर छापेमारी की है। पुलिस मेरे करीबियों पर छापेमारी कर रही है और युवाओं को झूठे केस में फंसा रही है। बिट्टू ने कहा था कि भगवंत सिंह मान सत्ता के नशे में चूर हैं।

ढंडरिया वाले पर हत्या-रेप का केस चलेगा:2012 साल पहले मिली थी 22 साल की युवती की लाश, धाराएं जोड़ी गई
ढंडरिया वाले पर हत्या-रेप का केस चलेगा:2012 साल पहले मिली थी 22 साल की युवती की लाश, धाराएं जोड़ी गई 2012 के एक मामले में रंजीत सिंह ढडरियांवाले के खिलाफ बलात्कार और हत्या के आरोपों के साथ एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। पंजाब के डीजीपी ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक हलफनामा प्रस्तुत किया। जिसमें कहा गया है कि एफआईआर संख्या 208 के तहत पुराने मामले में नए आरोप जोड़े गए हैं। आईपीसी की धारा 302, 376 और 506 को शामिल किया गया है। 2012 में मृत मिली थी 22 साल की युवती यह मामला 2012 का है, और इसमें करनाल की एक 22 वर्षीय लड़की शामिल है। जो अपने परिवार के साथ परमेश्वर द्वार गई थी। 22 अप्रैल 2012 को लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहर की मौजूदगी बताई गई। हालांकि परिवार ने आरोप लगाया कि लड़की के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसे जहर देकर मार दिया गया। परमेश्वर द्वार के अधिकारियों ने दावा किया कि लड़की की मौत परिसर के बाहर हुई और कहा कि उस समय रंजीत सिंह ढडरियांवाले देश से बाहर थे। बाद में पीड़िता के परिवार के सदस्यों द्वारा एक याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के आदेशों पर जोड़ी गई उक्त धाराएं पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा- ये मामला दुखद स्थिति को दर्शाता है। न्यायालय ने कहा कि कथित बलात्कार और हत्या के संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा 24 मई 2012 को दी गई थी। पहली सूचना के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के बजाय पुलिस ने आरोपों की विश्वसनीयता को सत्यापित करने के लिए एक अवैध और असंवैधानिक जांच शुरू कर दी।