फरीदाबाद के सेक्टर-28 के रहने वाले कनिष्क अग्रवाल ने यूपीएससी में 279वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने यूट्यूब से पढ़ाई की है। परिणाम घोषित होते ही उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। कनिष्क के पिता इंजीनियर हैं और माता गृहिणी हैं। उनकी छोटी बहन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। बेटे की इस सफलता पर माता मीनाक्षी और पिता सतेंद्र अग्रवाल ने बताया कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनका बेटा यूपीएससी की परीक्षा में पास जरूर होगा । उन्होंने कहा कि आज का दिन उसके और उसके परिवार के लिए बेहद खास दिन है। लगातार जब से रिजल्ट आया है, तब से ही लोगों के फोन आ रहे हैं। बधाई देने वाले लगातार फोन कर रहे हैं। वहीं कनिष्क की मां ने बताया की उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार था। इसलिए उन्हें भरोसा था कि उनका बेटा इस सफलता को जरूर प्राप्त करेगा। लोगों की सेवा करेंगे कनिष्क ने कहा कि उन्हें जो भी पद मिलेगा, वह उसका सदुपयोग करेंगे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गुजरात में हुई। पिता के ट्रांसफर के कारण उन्होंने विभिन्न राज्यों में पढ़ाई की। यूपीएससी की तैयारी के दौरान वह सुबह से रात 10 बजे तक पढ़ते थे। परिणाम घोषित होने से पहले कनिष्क लगातार वेबसाइट पर रिजल्ट चेक कर रहे थे। जैसे ही उन्हें अपनी सफलता का पता चला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया से बनाई दूरी कनिष्क अग्रवाल ने बताया कि इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई। हालांकि यूट्यूब और नेट से उन्होंने काफी कुछ सीखा। यदि कोई यूट्यूब और इंटरनेट का सदुपयोग करें तो उससे काफी कुछ सीखा जा सकता है। फरीदाबाद के सेक्टर-28 के रहने वाले कनिष्क अग्रवाल ने यूपीएससी में 279वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने यूट्यूब से पढ़ाई की है। परिणाम घोषित होते ही उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। कनिष्क के पिता इंजीनियर हैं और माता गृहिणी हैं। उनकी छोटी बहन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। बेटे की इस सफलता पर माता मीनाक्षी और पिता सतेंद्र अग्रवाल ने बताया कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनका बेटा यूपीएससी की परीक्षा में पास जरूर होगा । उन्होंने कहा कि आज का दिन उसके और उसके परिवार के लिए बेहद खास दिन है। लगातार जब से रिजल्ट आया है, तब से ही लोगों के फोन आ रहे हैं। बधाई देने वाले लगातार फोन कर रहे हैं। वहीं कनिष्क की मां ने बताया की उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार था। इसलिए उन्हें भरोसा था कि उनका बेटा इस सफलता को जरूर प्राप्त करेगा। लोगों की सेवा करेंगे कनिष्क ने कहा कि उन्हें जो भी पद मिलेगा, वह उसका सदुपयोग करेंगे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गुजरात में हुई। पिता के ट्रांसफर के कारण उन्होंने विभिन्न राज्यों में पढ़ाई की। यूपीएससी की तैयारी के दौरान वह सुबह से रात 10 बजे तक पढ़ते थे। परिणाम घोषित होने से पहले कनिष्क लगातार वेबसाइट पर रिजल्ट चेक कर रहे थे। जैसे ही उन्हें अपनी सफलता का पता चला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया से बनाई दूरी कनिष्क अग्रवाल ने बताया कि इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई। हालांकि यूट्यूब और नेट से उन्होंने काफी कुछ सीखा। यदि कोई यूट्यूब और इंटरनेट का सदुपयोग करें तो उससे काफी कुछ सीखा जा सकता है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
