पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर एक साल से चल रहे किसान आंदोलन-2.0 को आज (27 फरवरी) को मजबूती मिलने के पूरे आसार है। आज शंभू और खनौरी बॉर्डर के नेताओं की संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं से चंडीगढ़ में एक बार फिर एकता मीटिंग होने जा रही है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन 94वें दिन में दाखिल हो गया है। लेकिन अभी तक उनकी सेहत ठीक नहीं है। उन्हें तेज बुखार 103.6 हो गया था। लगातार पानी पटि्टयां उनके सिर पर रखी जा रही हैं। दूसरी तरफ उनके यूरीन की रिपोर्ट में कीटोन पॉजिटिव आने के बाद अब, यूरिक एसिड की रिपोर्ट भी ठीक नहीं आई है। इसके बावजूद भी वह मोर्चे पर डटे हुए हैं। किसान नेताओं ने लोगों से आहवान किया है कि वह अधिक से अधिक संख्या में मोर्चे पर पहुंचे। ताकि इस संघर्ष को कामयाब बनाया जा सकें। तीन बॉर्डरों पर होगी महिला किसान महापंचायत डल्लेवाल की सेहत बिगड़ने के बाद संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं की खनौरी में मीटिंग हुई है। साथ ही इस संघर्ष को कैसे आगे चलाने है। इसको लेकर स्ट्रेटजी बनी है। वहीं, आज चंडीगढ़ संयुक्त किसान मोर्चे के साथ मीटिंग से पहले दोनों दलों की एक मीटिंग होने जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार से 7वें राउंड की मीटिंग 19 मार्च को चंडीगढ़ में होनी है। डल्लेवाल की सेहत को देखते हुए व संघर्ष को ताकत देने के लए किसानों ने तय किया है कि 8 मार्च को शंभू, खनौरी और रतपनुर बॉर्डर पर महिला किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी नसें ब्लॉक होने से टेंशन ज्यादा किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल जब से आमरण अनशन पर चल रहे हैं वह कुछ खा नहीं रहे हैं। वह पानी के सहारे ही चल रहे है। उनके लिए हरियाणा के किसानों द्वारा अपने खेतों से पानी लाया जा रहा है। जिसे पीकर मोर्चे पर डटे हुए हैं। दूसरी तरफ मेडिकल सहायता लेने में दिक्कत आ रही है। क्योंकि उनकी नसें ब्लॉक हो रही है। हाथों में सूजन आ रही है। इस चीज से किसान नेता भी डर रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों की टीम लगातार उन पर नजर रख रही है। डल्लेवाल की सेहत का मामला पहुंच चुका है सुप्रीम कोर्ट इसी बीच किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने बेटे-बहू और पोते के नाम संपत्ति कर आमरण अनशन का ऐलान कर दिया। हालांकि 26 नवंबर 2024 को अनशन से पहले पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मगर, उन्होंने वहीं अनशन शुरू कर दिया। किसानों के दबाव में 1 दिसंबर को पंजाब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। तब से ही डल्लेवाल का अनशन जारी है। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। लेकिन डल्लेवाल ने मेडिकल मदद लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट में करीब 10 बार उनकी सेहत को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद केंद्र ने 14 फरवरी को बातचीत का न्योता दे दिया। तब डल्लेवाल मेडिकल सुविधा लेने के लिए राजी हो गए। पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर एक साल से चल रहे किसान आंदोलन-2.0 को आज (27 फरवरी) को मजबूती मिलने के पूरे आसार है। आज शंभू और खनौरी बॉर्डर के नेताओं की संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं से चंडीगढ़ में एक बार फिर एकता मीटिंग होने जा रही है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन 94वें दिन में दाखिल हो गया है। लेकिन अभी तक उनकी सेहत ठीक नहीं है। उन्हें तेज बुखार 103.6 हो गया था। लगातार पानी पटि्टयां उनके सिर पर रखी जा रही हैं। दूसरी तरफ उनके यूरीन की रिपोर्ट में कीटोन पॉजिटिव आने के बाद अब, यूरिक एसिड की रिपोर्ट भी ठीक नहीं आई है। इसके बावजूद भी वह मोर्चे पर डटे हुए हैं। किसान नेताओं ने लोगों से आहवान किया है कि वह अधिक से अधिक संख्या में मोर्चे पर पहुंचे। ताकि इस संघर्ष को कामयाब बनाया जा सकें। तीन बॉर्डरों पर होगी महिला किसान महापंचायत डल्लेवाल की सेहत बिगड़ने के बाद संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं की खनौरी में मीटिंग हुई है। साथ ही इस संघर्ष को कैसे आगे चलाने है। इसको लेकर स्ट्रेटजी बनी है। वहीं, आज चंडीगढ़ संयुक्त किसान मोर्चे के साथ मीटिंग से पहले दोनों दलों की एक मीटिंग होने जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार से 7वें राउंड की मीटिंग 19 मार्च को चंडीगढ़ में होनी है। डल्लेवाल की सेहत को देखते हुए व संघर्ष को ताकत देने के लए किसानों ने तय किया है कि 8 मार्च को शंभू, खनौरी और रतपनुर बॉर्डर पर महिला किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी नसें ब्लॉक होने से टेंशन ज्यादा किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल जब से आमरण अनशन पर चल रहे हैं वह कुछ खा नहीं रहे हैं। वह पानी के सहारे ही चल रहे है। उनके लिए हरियाणा के किसानों द्वारा अपने खेतों से पानी लाया जा रहा है। जिसे पीकर मोर्चे पर डटे हुए हैं। दूसरी तरफ मेडिकल सहायता लेने में दिक्कत आ रही है। क्योंकि उनकी नसें ब्लॉक हो रही है। हाथों में सूजन आ रही है। इस चीज से किसान नेता भी डर रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों की टीम लगातार उन पर नजर रख रही है। डल्लेवाल की सेहत का मामला पहुंच चुका है सुप्रीम कोर्ट इसी बीच किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने बेटे-बहू और पोते के नाम संपत्ति कर आमरण अनशन का ऐलान कर दिया। हालांकि 26 नवंबर 2024 को अनशन से पहले पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मगर, उन्होंने वहीं अनशन शुरू कर दिया। किसानों के दबाव में 1 दिसंबर को पंजाब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। तब से ही डल्लेवाल का अनशन जारी है। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। लेकिन डल्लेवाल ने मेडिकल मदद लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट में करीब 10 बार उनकी सेहत को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद केंद्र ने 14 फरवरी को बातचीत का न्योता दे दिया। तब डल्लेवाल मेडिकल सुविधा लेने के लिए राजी हो गए। पंजाब | दैनिक भास्कर
