सोनीपत में ट्रैफिक पुलिस हैवी व्हीकलों के ड्राइवरों से चालान काटने का डर दिखा कर अवैध वसूली कर रही है। ट्रैफिक पुलिस के एक एरिया इंचार्ज समेत दो कर्मियों के अवैध वसूली करने का वीडियो सामने आया है। एक ड्राइवर से 500 रुपए ओर दूसरे से 400 रुपए वसूले गए। उनको डमी चालान की स्लिप दिखाई गई। एक ड्राइवर से वसूली के लिए 20-25 मिनट तक उसको रोका गया। नशा जांचने वाली मशीन भी मुंह में डाली गई। नेशनल हाईवे पर ड्राइवरों से अवैध वसूली की ये पूरी प्रक्रिया दैनिक भास्कर डिजीटल के रिपोर्टर ने अपनी आंखों से देखी। पुलिसकर्मी रोड से गुजरने वाले भारी वाहन ड्राइवर्स को गलत लेन में चलने का डर दिखाकर अवैध वसूली कर रहे थे। अवैध वसूली का ये खेल सोनीपत-रोहतक रोड पर खरखौदा की ओर जाने वाले रास्ते पर गांव रोहट के नजदीक चल रहा था। यहां से हैवी व्हीकल राजस्थान, गुजरात, रोहतक, हिसार, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व अन्य जिलों के लिए गुजरते हैं। पहला मामला: 400 रुपए में छूटा ट्रक ड्राइवर भास्कर रिपोर्टर ने देखा कि ड्राइवर सीट पर बैठे एक पुलिसकर्मी ने एक ट्रक को रुकवाया। जींद निवासी ट्रक ड्राइवर नवीन को गलत लेन में चलने के नाम पर चालान की धमकी दी गई। नवीन ने बताया कि उसके पास गाड़ी के सभी दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन पुलिसकर्मी ने उसे भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी और चालान भी निकाल दिया। पुलिसकर्मी ने नवीन से कहा कि यदि वह मौके पर ही पैसे दे देता है, तो उसे चालान भरने की आवश्यकता नहीं होगी। लगभग 15-20 मिनट की बातचीत के बाद, नवीन ने 400 रुपए देकर पुलिस से पीछा छुड़ाया और अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया। जब ट्रक नंबर HR56- C-9845 के ड्राइवर नवीन से बात करने की कोशिश की गई, तो उसने पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात कहकर बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, उसके कंडक्टर कृष्ण ने बताया कि वे सोनीपत के बहालगढ़ से तेल भरवाकर निकले थे और अपनी लेन में ही गाड़ी चला रहे थे। रोहट गांव से निकलने के बाद खरखौदा ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोका और 1500 रुपए का चालान करने की बात कही, लेकिन बाद में 400 रुपए में मान गए। कृष्ण ने यह भी बताया कि उनके पास सभी दस्तावेज थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनी और पैसे देने का दबाव बनाया। उन्होंने यह भी बताया कि पहले पुलिस 500 रुपए लेती थी, लेकिन इस बार 400 रुपए लिए गए। कृष्ण ने बताया कि वे खाली गाड़ी लेकर जा रहे थे और मुर्गी ढुलाई का काम करते हैं। दूसरा मामला: दूध टैंकर ड्राइवर से वसूली
रिश्वतखोरी का यह खेल खरखौदा ट्रैफिक पुलिस तक ही सीमित नहीं था। इसके बाद, उन्होंने सोनीपत-खरखौदा चौक पर राजस्थान नंबर के एक दूध के टैंकर को भी रोका। चौक पर ड्राइवर सीट पर बैठे पुलिसकर्मी ने राजस्थान नंबर की गाड़ी RJ19- GE -2915 के ड्राइवर के मुंह में यंत्र लगाकर शराब पीने की जांच की। इसके बाद, उसे भी गलत लेन में ट्रक चलाने के नाम पर चालान काटने की धमकी दी गई। ड्राइवर ने असमर्थता जताई, तो उसे भी डमी चालान दिखाकर 1500 रुपए के जुर्माने का डर दिखाया गया। काफी देर तक बहस करने के बाद, आखिर में ड्राइवर को 500 रुपए देकर जाना पड़ा। दूध केंटर ड्राइवर ने बताया दूध वाहन के ड्राइवर ने भी बताया कि गलत लेन में चलने के नाम पर ट्रैफिक पुलिस ने 1500 रुपए मांगे थे और शराब पीने की जांच की गई, जबकि उसने शराब नहीं पी थी। उसने बताया कि 500रु लेने के बाद उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी गई। ड्राइवरों में पुलिस का डर
दोनों वाहन ड्राइवरों ने बातचीत में बताया कि अगर वे पुलिस के खिलाफ बोलते हैं, तो उन्हें आगे भी परेशान किया जा सकता है। उन्हें उसी सड़क पर अपना काम करना है, और वे जानते हैं कि पुलिस उन्हें फिर से तंग कर सकती है। ड्राइवरों के मन में पुलिस की रिश्वतखोरी का डर साफ झलक रहा था। डमी चालान का खेल खरखौदा की ट्रैफिक पुलिस रिश्वत लेने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाती है। वे चालान काटने का दिखावा करते हैं, जिससे आम जनता को लगता है कि पुलिस ईमानदारी से काम कर रही है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। खरखौदा की ट्रैफिक पुलिस भारी वाहन चालकों को भारी जुर्माने की धमकी देती है और जब ड्राइवर विरोध करता है, तो उसे एक डमी चालान स्लिप दिखाई जाती है। डर के कारण, ड्राइवर चालान की राशि का एक तिहाई हिस्सा रिश्वत के रूप में देने को मजबूर हो जाता है। ड्राइवर को यह भी पता नहीं चल पाता कि दिखाया गया चालान किस गाड़ी का है। ट्रैफिक एवं क्राइम डीसीपी का बयान पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक एवं क्राइम नरेंद्र कादयान ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो के आधार पर दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और जांच के लिए स्पेशल एसीपी राहुल देव को नियुक्त किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होते ही दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनीपत में ट्रैफिक पुलिस हैवी व्हीकलों के ड्राइवरों से चालान काटने का डर दिखा कर अवैध वसूली कर रही है। ट्रैफिक पुलिस के एक एरिया इंचार्ज समेत दो कर्मियों के अवैध वसूली करने का वीडियो सामने आया है। एक ड्राइवर से 500 रुपए ओर दूसरे से 400 रुपए वसूले गए। उनको डमी चालान की स्लिप दिखाई गई। एक ड्राइवर से वसूली के लिए 20-25 मिनट तक उसको रोका गया। नशा जांचने वाली मशीन भी मुंह में डाली गई। नेशनल हाईवे पर ड्राइवरों से अवैध वसूली की ये पूरी प्रक्रिया दैनिक भास्कर डिजीटल के रिपोर्टर ने अपनी आंखों से देखी। पुलिसकर्मी रोड से गुजरने वाले भारी वाहन ड्राइवर्स को गलत लेन में चलने का डर दिखाकर अवैध वसूली कर रहे थे। अवैध वसूली का ये खेल सोनीपत-रोहतक रोड पर खरखौदा की ओर जाने वाले रास्ते पर गांव रोहट के नजदीक चल रहा था। यहां से हैवी व्हीकल राजस्थान, गुजरात, रोहतक, हिसार, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व अन्य जिलों के लिए गुजरते हैं। पहला मामला: 400 रुपए में छूटा ट्रक ड्राइवर भास्कर रिपोर्टर ने देखा कि ड्राइवर सीट पर बैठे एक पुलिसकर्मी ने एक ट्रक को रुकवाया। जींद निवासी ट्रक ड्राइवर नवीन को गलत लेन में चलने के नाम पर चालान की धमकी दी गई। नवीन ने बताया कि उसके पास गाड़ी के सभी दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन पुलिसकर्मी ने उसे भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी और चालान भी निकाल दिया। पुलिसकर्मी ने नवीन से कहा कि यदि वह मौके पर ही पैसे दे देता है, तो उसे चालान भरने की आवश्यकता नहीं होगी। लगभग 15-20 मिनट की बातचीत के बाद, नवीन ने 400 रुपए देकर पुलिस से पीछा छुड़ाया और अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया। जब ट्रक नंबर HR56- C-9845 के ड्राइवर नवीन से बात करने की कोशिश की गई, तो उसने पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात कहकर बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, उसके कंडक्टर कृष्ण ने बताया कि वे सोनीपत के बहालगढ़ से तेल भरवाकर निकले थे और अपनी लेन में ही गाड़ी चला रहे थे। रोहट गांव से निकलने के बाद खरखौदा ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोका और 1500 रुपए का चालान करने की बात कही, लेकिन बाद में 400 रुपए में मान गए। कृष्ण ने यह भी बताया कि उनके पास सभी दस्तावेज थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनी और पैसे देने का दबाव बनाया। उन्होंने यह भी बताया कि पहले पुलिस 500 रुपए लेती थी, लेकिन इस बार 400 रुपए लिए गए। कृष्ण ने बताया कि वे खाली गाड़ी लेकर जा रहे थे और मुर्गी ढुलाई का काम करते हैं। दूसरा मामला: दूध टैंकर ड्राइवर से वसूली
रिश्वतखोरी का यह खेल खरखौदा ट्रैफिक पुलिस तक ही सीमित नहीं था। इसके बाद, उन्होंने सोनीपत-खरखौदा चौक पर राजस्थान नंबर के एक दूध के टैंकर को भी रोका। चौक पर ड्राइवर सीट पर बैठे पुलिसकर्मी ने राजस्थान नंबर की गाड़ी RJ19- GE -2915 के ड्राइवर के मुंह में यंत्र लगाकर शराब पीने की जांच की। इसके बाद, उसे भी गलत लेन में ट्रक चलाने के नाम पर चालान काटने की धमकी दी गई। ड्राइवर ने असमर्थता जताई, तो उसे भी डमी चालान दिखाकर 1500 रुपए के जुर्माने का डर दिखाया गया। काफी देर तक बहस करने के बाद, आखिर में ड्राइवर को 500 रुपए देकर जाना पड़ा। दूध केंटर ड्राइवर ने बताया दूध वाहन के ड्राइवर ने भी बताया कि गलत लेन में चलने के नाम पर ट्रैफिक पुलिस ने 1500 रुपए मांगे थे और शराब पीने की जांच की गई, जबकि उसने शराब नहीं पी थी। उसने बताया कि 500रु लेने के बाद उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी गई। ड्राइवरों में पुलिस का डर
दोनों वाहन ड्राइवरों ने बातचीत में बताया कि अगर वे पुलिस के खिलाफ बोलते हैं, तो उन्हें आगे भी परेशान किया जा सकता है। उन्हें उसी सड़क पर अपना काम करना है, और वे जानते हैं कि पुलिस उन्हें फिर से तंग कर सकती है। ड्राइवरों के मन में पुलिस की रिश्वतखोरी का डर साफ झलक रहा था। डमी चालान का खेल खरखौदा की ट्रैफिक पुलिस रिश्वत लेने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाती है। वे चालान काटने का दिखावा करते हैं, जिससे आम जनता को लगता है कि पुलिस ईमानदारी से काम कर रही है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। खरखौदा की ट्रैफिक पुलिस भारी वाहन चालकों को भारी जुर्माने की धमकी देती है और जब ड्राइवर विरोध करता है, तो उसे एक डमी चालान स्लिप दिखाई जाती है। डर के कारण, ड्राइवर चालान की राशि का एक तिहाई हिस्सा रिश्वत के रूप में देने को मजबूर हो जाता है। ड्राइवर को यह भी पता नहीं चल पाता कि दिखाया गया चालान किस गाड़ी का है। ट्रैफिक एवं क्राइम डीसीपी का बयान पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक एवं क्राइम नरेंद्र कादयान ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो के आधार पर दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और जांच के लिए स्पेशल एसीपी राहुल देव को नियुक्त किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होते ही दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हरियाणा | दैनिक भास्कर
