सोनीपत STP केमिकलयुक्त पानी पर सीएम सख्त:नायब सैनी बोले-मामला दोबारा मिला तो होगी कार्रवाई, ड्रेन-6 में डाला जा रहा था प्रदूषित पानी

सोनीपत STP केमिकलयुक्त पानी पर सीएम सख्त:नायब सैनी बोले-मामला दोबारा मिला तो होगी कार्रवाई, ड्रेन-6 में डाला जा रहा था प्रदूषित पानी

सोनीपत में एसटीपी से ड्रेन -6 में डाले जा रहे काला- बदबूदार पानी को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि कोई भी एसटीपी बंद या खराब नहीं होना चाहिए। उन्होंने नवीनीकरण और रिपेयरिंग को लेकर भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में अगर दोबारा फिर ऐसा मामला मिलता है तो अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। क्या था पूरा मामला सोनीपत के राठधाना रोड पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को बिना साफ किए ही ड्रेन -6 में डाला जा रहा था। दैनिक भास्कर ने डेढ़ महीने में दो बार जाकर हड़ताल की थी और जहां मौके पर दोनों बार केमिकल युक्त काला बदबूदार पानी ड्रेन -6 में जमीन में दबाएं गए पाइप के माध्यम से डाला जा रहा था। जहां अधिकारियों की लापरवाही को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया। ये वो पानी है, जो कि प्लांट की क्षमता से अधिक है। इस केमिकल युक्त पानी को बिना ट्रीटमेंट किए सीधे ड्रेन में छोड़ दिया जाता है। केमिकल युक्त पानी को बाइपास ओवरफ्लो पाइप से बाहर निकाला जा रहा था। दोनों पाइप को झाडिय़ों से छिपाते हुए जमीन में दबाकर ड्रेन-6 में डाला जा रहा था। मामले में कोई भी सजग नजर नहीं आया और संबधित अधिकारी लापरवाह नजर आए। नगर निगम के एक अधिकारी तो चार्ज लेने के बाद STP का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। प्लांट की वर्किंग से जुड़े कर्मचारी से जब बात की तो उसने बताया था कि हम ज्यादा दूषित पानी को ट्रीट नहीं करते, क्योंकि इससे पानी साफ करने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे, इसलिए सीधा ड्रेन में छोड़ दिया जाता है। प्लांट के कर्मचारियों के अनुसार, 30 एम एलडी क्षमता वाले प्लांट में लगभग 40 एम एलडी पानी पहुंच रहा है। अतिरिक्त 10 एम एलडी केमिकल युक्त पानी को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। NGT के आदेशों का यहां उल्लंघन हो रहा था। सोनीपत पहुंचे सीएम ने क्या कहा
सोनीपत में एसटी पी का गंदा पानी ड्रेन नंबर -6 में डालने को लेकर सीएम ने कहा सभी अधिकारियों को सचेत किया गया है, कोई भी एसटी पी बंद या खराब ना रहे। नवीनीकरण और रिपेयरिंग को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि पानी की एक-एक बूंद ट्रीट करके ही छोड़ने के निर्देश हैं। ट्रीट किया हुआ पानी एग्रीकल्चर और पार्क में प्रयोग किया जा सकता है। इससे पानी की वेस्टेज नहीं होती। एसटीपी को लेकर एक बड़ी रणनीति भी बनाई है और अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि विधानसभा में भी एसटीपी को लेकर कहा गया है और सभी अधिकारी इसको सुनिश्चित भी करेंगे। और उन्होंने कहा है कि कहीं पर भी इस प्रकार का कोई मामला आने वाले समय में फिर भी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। क्या होता है एसटीपी दूषित पानी को ड्रेन में छोड़ने की एक वजह ये भी
प्लांट के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि प्लांट में आने वाला अतिरिक्त पानी अत्यधिक केमिकल युक्त होता है। यह पानी काला और दूषित होता है। अगर इसे प्लांट में ट्रीट करने का प्रयास किया जाए तो ट्रीटमेंट प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे। इसलिए इस पानी को ओवरफ्लो के माध्यम से सीधा ड्रेन-6 में छोड़ दिया जाता है। निगम कमिश्नर बोले- दौरा नहीं किया
सोनीपत नगर निगम के नए कमिश्नर हर्षित कुमार, जिन्होंने एक महीने पहले ही पदभार संभाला है, ने कहा कि वे अभी तक एसटीपी का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही व्यक्तिगत निरीक्षण का आश्वासन दिया है। XEN का दावा- ट्रीटमेंट के बाद छोड़ते हैं पानी वहीं, नगर निगम एक्सईएन विजय कुमार का कहना हैं कि मेरे हिसाब से ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा है कि ट्रीट किया हुआ पानी वह देवीलाल पार्क में डालते हैं या फिर कोई आदमी अपने खेत के लिए लेना चाहे तो ले सकता है।लेकिन ड्रेन-6 में वह सीधा नहीं डालते हैं।
लेकिन सोनीपत में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने केवल सरकार को गुमराह कर रहे हैं बल्कि डीसी को भी गलत गाइड कर रहे हैं। वहीं हमारी पड़ताल लगातार जारी रही और वहीं 25 मार्च को दोबारा हमारी टीम ने ड्रेन -6 के केमिकल युक्त पानी का कनेक्शन जांचा और पाया कि ड्रेन -6 ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने से होते हुए अकबरपुर बरोटा के ड्रेन नंबर- 8 के पैरलल लाइन से गंदा पानी जा रहा है। सोनीपत में एसटीपी से ड्रेन -6 में डाले जा रहे काला- बदबूदार पानी को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि कोई भी एसटीपी बंद या खराब नहीं होना चाहिए। उन्होंने नवीनीकरण और रिपेयरिंग को लेकर भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में अगर दोबारा फिर ऐसा मामला मिलता है तो अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। क्या था पूरा मामला सोनीपत के राठधाना रोड पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को बिना साफ किए ही ड्रेन -6 में डाला जा रहा था। दैनिक भास्कर ने डेढ़ महीने में दो बार जाकर हड़ताल की थी और जहां मौके पर दोनों बार केमिकल युक्त काला बदबूदार पानी ड्रेन -6 में जमीन में दबाएं गए पाइप के माध्यम से डाला जा रहा था। जहां अधिकारियों की लापरवाही को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया। ये वो पानी है, जो कि प्लांट की क्षमता से अधिक है। इस केमिकल युक्त पानी को बिना ट्रीटमेंट किए सीधे ड्रेन में छोड़ दिया जाता है। केमिकल युक्त पानी को बाइपास ओवरफ्लो पाइप से बाहर निकाला जा रहा था। दोनों पाइप को झाडिय़ों से छिपाते हुए जमीन में दबाकर ड्रेन-6 में डाला जा रहा था। मामले में कोई भी सजग नजर नहीं आया और संबधित अधिकारी लापरवाह नजर आए। नगर निगम के एक अधिकारी तो चार्ज लेने के बाद STP का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। प्लांट की वर्किंग से जुड़े कर्मचारी से जब बात की तो उसने बताया था कि हम ज्यादा दूषित पानी को ट्रीट नहीं करते, क्योंकि इससे पानी साफ करने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे, इसलिए सीधा ड्रेन में छोड़ दिया जाता है। प्लांट के कर्मचारियों के अनुसार, 30 एम एलडी क्षमता वाले प्लांट में लगभग 40 एम एलडी पानी पहुंच रहा है। अतिरिक्त 10 एम एलडी केमिकल युक्त पानी को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। NGT के आदेशों का यहां उल्लंघन हो रहा था। सोनीपत पहुंचे सीएम ने क्या कहा
सोनीपत में एसटी पी का गंदा पानी ड्रेन नंबर -6 में डालने को लेकर सीएम ने कहा सभी अधिकारियों को सचेत किया गया है, कोई भी एसटी पी बंद या खराब ना रहे। नवीनीकरण और रिपेयरिंग को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि पानी की एक-एक बूंद ट्रीट करके ही छोड़ने के निर्देश हैं। ट्रीट किया हुआ पानी एग्रीकल्चर और पार्क में प्रयोग किया जा सकता है। इससे पानी की वेस्टेज नहीं होती। एसटीपी को लेकर एक बड़ी रणनीति भी बनाई है और अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि विधानसभा में भी एसटीपी को लेकर कहा गया है और सभी अधिकारी इसको सुनिश्चित भी करेंगे। और उन्होंने कहा है कि कहीं पर भी इस प्रकार का कोई मामला आने वाले समय में फिर भी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। क्या होता है एसटीपी दूषित पानी को ड्रेन में छोड़ने की एक वजह ये भी
प्लांट के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि प्लांट में आने वाला अतिरिक्त पानी अत्यधिक केमिकल युक्त होता है। यह पानी काला और दूषित होता है। अगर इसे प्लांट में ट्रीट करने का प्रयास किया जाए तो ट्रीटमेंट प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे। इसलिए इस पानी को ओवरफ्लो के माध्यम से सीधा ड्रेन-6 में छोड़ दिया जाता है। निगम कमिश्नर बोले- दौरा नहीं किया
सोनीपत नगर निगम के नए कमिश्नर हर्षित कुमार, जिन्होंने एक महीने पहले ही पदभार संभाला है, ने कहा कि वे अभी तक एसटीपी का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही व्यक्तिगत निरीक्षण का आश्वासन दिया है। XEN का दावा- ट्रीटमेंट के बाद छोड़ते हैं पानी वहीं, नगर निगम एक्सईएन विजय कुमार का कहना हैं कि मेरे हिसाब से ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा है कि ट्रीट किया हुआ पानी वह देवीलाल पार्क में डालते हैं या फिर कोई आदमी अपने खेत के लिए लेना चाहे तो ले सकता है।लेकिन ड्रेन-6 में वह सीधा नहीं डालते हैं।
लेकिन सोनीपत में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने केवल सरकार को गुमराह कर रहे हैं बल्कि डीसी को भी गलत गाइड कर रहे हैं। वहीं हमारी पड़ताल लगातार जारी रही और वहीं 25 मार्च को दोबारा हमारी टीम ने ड्रेन -6 के केमिकल युक्त पानी का कनेक्शन जांचा और पाया कि ड्रेन -6 ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने से होते हुए अकबरपुर बरोटा के ड्रेन नंबर- 8 के पैरलल लाइन से गंदा पानी जा रहा है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर