‘सौरभ की बॉडी के 4 टुकड़े करके तकिए के कवर में रखे गए। 2 चाकू भी ड्रम में सीमेंट से जमा दिए गए। पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है। अब अगर मुस्कान और साहिल अपने कबूलनामे से मुकर भी जाएं, तब भी साक्ष्य पर्याप्त हैं।’ यह कहना है अपर निदेशक अभियोजन आलोक पांडेय का। सौरभ हत्याकांड के 22 दिन बीत चुके हैं। अभी तक पुलिस को कई ठोस साक्ष्य मिले हैं, कई साक्ष्य नहीं मिल सके हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या का खुलासा वारदात के 15 दिन बाद होने के कारण पुलिस को सुबूतों को ढूंढने में दिक्कत हो रही है। मुस्कान ने अपने बयानों में जिन चाकू, सीमेंट-रेत, ड्रम और नींद की दवा खरीदने वाले दुकानदारों के बारे में बताया, वहां से CCTV भी रिकवर नहीं हो सके। डिजिटल साक्ष्य, केस से जुड़े लोगों के बयान, PM रिपोर्ट और हत्या के सबूत के बीच दैनिक भास्कर एप टीम ने लीगल एक्सपर्ट्स से ये समझा कि किन साक्ष्यों के आधार पर मुस्कान और साहिल को कितनी सजा हो सकती है? पढ़िए रिपोर्ट… पुलिस को अभी तक क्या साक्ष्य नहीं मिले.. 3 रूट के CCTV नहीं मिले, पुलिस ढूंढ रही
पुलिस को 3 मार्च की रात में साहिल-मुस्कान के मूवमेंट की CCTV फुटेज नहीं मिले हैं। 3 रूट के CCTV ढूंढ़े गए, मगर इन रास्तों पर पड़ने वाले किसी भी घर पर कैमरे नहीं लगे हुए थे। ये रूट हैं… 4 मार्च और 18 मार्च को मुस्कान के मूवमेंट के डिजिटल साक्ष्य नहीं मिले हैं जिन CCTV में मुस्कान-साहिल दिखे थाने के CCTV : क्राइम स्पॉट से पुलिस मुस्कान-साहिल को थाने लाई। 19 मार्च को थाने के CCTV में दोनों दिखे हैं। सौरभ के घर के पीछे का CCTV : 19 मार्च को घर के पीछे लगे कैमरों में पुलिस मुस्कान को लेकर जाते हुए दिखी है। सबूत जो साहिल-मुस्कान को सजा तक पहुंचाएंगे होटल, जहां साहिल-मुस्कान ठहरे : हिमाचल और उत्तराखंड के उन होटलों में पुलिस पहुंची है, जहां साहिल-मुस्कान ठहरे थे। वहां के CCTV और स्टाफ के बयान भी केस डायरी में शामिल किए गए हैं। CDR में बातचीत के रिकॉर्ड, मोबाइल चैट और मैसेज मिले
साहिल, सौरभ, मुस्कान के मोबाइल पुलिस ने फोरेंसिक लैब (आगरा) भेजे हैं। कई वॉट्सऐप मैसेज और वीडियो को डिलीट किया गया। अब तीनों के मोबाइल का डेटा रिकवर किया जा रहा है। दरअसल, मुस्कान अपने माता-पिता को गुमराह कर रही थी। वह पति सौरभ बनकर फर्जी स्नैपचैट अकाउंट से उन्हें मैसेज भेजती थी। जिसमें लिखती- वह डेंजर में है। शक है कि मां-बाप मार डालेंगे। मुस्कान ऐसा इसलिए कर रही थी, ताकि सौरभ की हत्या के बाद सभी का शक उसके पिता-मां और भाई राहुल पर जाए। ये मैसेज पुलिस के पास हैं। साहिल की मरी हुई मां और उसकी बहन की फर्जी स्नैपचैट आईडी बनाकर साहिल को मैसेज करना। तुम सौरभ का वध कर दो, तुम्हारी जिंदगी मुस्कान के साथ ही खुशहाल रहेगी। इसके भी स्क्रीन शॉट पुलिस के पास हैं। SP सिटी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक, मुस्कान का खुद पुलिस के पास आना और पूरी कहानी सुनाना। उसके खुद के पिता प्रमोद और मां कविता के बयान भी उसके खिलाफ जाएंगे। मौके से बॉडी रिकवरी भी बड़ा सबूत है। लीगल एक्सपर्ट क्या कहते हैं दैनिक भास्कर ने मेरठ के AD अभियोजन आलोक पांडेय और सीनियर एडवोकेट अनिल बख्शी से बातचीत की। पहले आलोक पांडेय का व्यू पढ़िए… सवाल : मुस्कान ने चाकू पकड़ा, साहिल ने सौरभ के सीने में घोंप दिया, इसमें मुख्य आरोपी किसे माना जाएगा?
जवाब : ब्रह्मपुरी थाने में BNS की धारा 103 (क्लाज-1) यानी हत्या, 238-A यानी सबूत मिटाने का प्रयास में रिपोर्ट दर्ज हुई है। कॉमन इंटेंशन होने के चलते दोनों को बराबर सजा दी जानी चाहिए। सवाल : साहिल और मुस्कान अगर अपने बयान से मुकर जाते हैं, तब क्या होगा?
जवाब : इस केस में बहुत कुछ साफ है। ड्रम में लाश की बरामदगी केस को स्पष्ट करती है। पुलिस सभी सबूतों की कड़ियां जोड़ रही है। अगर दोनों मुकर भी गए, तब भी पर्याप्त साक्ष्य उनके खिलाफ हैं। अब सीनियर एडवोकेट अनिल बख्शी का व्यू सवाल : सौरभ के 4 टुकड़े करने वाले साहिल को उम्रकैद होगी या फांसी की सजा?
जवाब : मुस्कान और साहिल को उम्रकैद होने की संभावना ज्यादा है। 1979 तक कत्ल के केस में फांसी की सजा दी जाती थी। अब अमेंडमेंट होने के बाद हत्या के केस में आजीवन कारावास की ही सजा दी जाती है। मर्डर केस में ब्रूटालिटी या फिर रेयरेस्ट ऑफ रेयर तरीके से मर्डर होने पर ही फांसी की सजा दी जाती है। सवाल : ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस क्या होता है?
जवाब : कोई केस रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है या नहीं, यह कानून में कहीं बताया नहीं गया है। आज से 3 साल पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में फांसी को उम्रकैद में बदल दिया था। हर मर्डर ब्रूटल होता है, लेकिन वो रेयरेस्ट ऑफ रेयर नहीं हो सकता। कई बार ये जज पर निर्भर करता है कि वो किसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माने। डिजिटल साक्ष्य डिजिटल पेमेंट : मुस्कान-साहिल के बीच स्नैपचैट पर बातचीत के रिकार्ड हैं। सौरभ के मोबाइल से उसके परिवार को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर कराए। शिमला-मनाली में घूमने के दौरान डिजिटल पेमेंट्स के साक्ष्य मिले हैं। बैंक खातों की डिटेल पुलिस अरेंज कर रही है। घर में फिंगरप्रिंट, फुट प्रिंट : फोरेंसिक टीम ने सौरभ के कमरे और साहिल के कमरे से फिंगरप्रिंट, फुट प्रिंट लिए हैं। गला काटने के हथियार पर फिंगर प्रिंट मिले हैं। सौरभ का केस कौन लड़ेगा?
सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत ने कहा- हम सौरभ की मृत्यु के बाद कार्यक्रम में हैं। अभी हमारे पास वक्त है। तसल्ली से फैसला करेंगे कि हमें किस वकील को हायर करना है? किस तरह से यह केस लड़ना है? मुस्कान-साहिल का मुकदमा कौन लड़ेगा?
मुस्कान ने जेल प्रशासन ने कहा है कि उसे अपना केस लड़ने के लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएग। ऐसी ही एक अर्जी साहिल की तरफ से भी जेल अधीक्षक को मिली है। जेल प्रशासन दोनों की अर्जी को कोर्ट में पेश करेगा। पुलिस क्या कहती है… SP सिटी आयुष विक्रम सिंह का बयान – पूरे केस की मास्टरमाइंड मुस्कान थी। साहिल, मुस्कान से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जा रहा है। हत्या करने के पीछे मंशा क्या थी? शव के टुकड़े क्यों किए? इसे कहां डिस्पोज करने वाले थे? क्या प्लान था? कैब ड्राइवर से पूछताछ के बाद ये दोनों हिमाचल, उत्तराखंड में जहां भी रुके, वहां पूछताछ के लिए टीमें भेजी गईं हैं। सौरभ, साहिल, मुस्कान के परिजनों के बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन भी जांच में शामिल किए जा रहे हैं। सौरभ और साहिल के दोस्तों से पूछताछ की गई है। मर्डर वेपन (2 चाकू) हमारे पास हैं। SSP डॉ. विपिन ताडा का बयान – पुलिस की 3 टीमें केस की जांच कर रही हैं। ये एक लव ट्राइंगल है, जिसमें प्रेमी, प्रेमिका ने मिलकर पति की हत्या की है। तंत्र-मंत्र की कोई बात अभी तक की विवेचना में सामने नहीं आई है। सौरभ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बॉडी 13 दिन पुरानी, बिसरा सुरक्षित किया
SP सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा- सौरभ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लेफ्ट साइड में चेस्ट पर तीन चोट के निशान मिले हैं। ये चाकू के वार से हुए हैं। गला और हाथ को काटा गया है। सीमेंट लगे कपड़े, बॉडी पर छोटी मोटी खरोंचे है। बॉडी 13 दिन पुरानी थी। सौरभ का बिसरा प्रिजर्व किया गया है, उसी से पता चलेगा कि उसने हत्या से पहले ड्रिंक की थी या नहीं की थी। मृत्यु का कारण एंटी मार्टम इंजरी के चलते शाक एंड हेमरेज है। ड्रम में लाश की हालत समझिए… बॉडी पार्ट को पिलो कवर में पैक किया, फिर ड्रम में रखा
घर के कमरे से लाश को निकालने के लिए 10 पुलिस वालों ने मशक्कत की। पोस्टमॉर्टम हाउस पर प्लास्टिक का ड्रम काटा गया। जो कुछ सामने आया, वो चौंकाने वाला था। ड्रम में सबसे पहले लाश के टुकड़े डाले गए। सिर को पिलो कवर में रखा गया। हाथों को अलग-अलग पिलो कवर में रखा गया। एक पिलो कवर में 2 चाकू रखे गए। ड्रम में सबसे पहले सिर कटे धड़ को सेट करने के लिए पैरों को कंधे तक मोड़ दिया गया। ऊपर से तीन पिलो कवर में रखे बॉडी पार्ट सेट कर दिए गए। इसके ऊपर सीमेंट और रेत का घोल मिलाकर डाल दिया, फिर ढक्कन लगाकर सीमेंट से सील कर दिया। ———————- भास्कर एक्सक्लूसिव भी पढ़िए… मेरठ हत्याकांड- साहिल नहीं, मुस्कान मास्टरमाइंड: साहिल की मृत मां के नाम से स्नैपचैट अकाउंट बनाया, मैसेज किया- सौरभ का वध करो मेरठ पुलिस ने मुस्कान के स्नैपचैट अकाउंट से 136 मैसेज रिकवर किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुस्कान ने साहिल की मां और बहन के फर्जी अकाउंट बनाए थे। इन अकाउंट से वह बार-बार साहिल को मैसेज भेजती। वह जानती थी कि साहिल तंत्र-मंत्र में भरोसा करता है। उसने मुस्कान से कहा भी था कि वह मां की आत्मा से बात करता है। इसी का फायदा उठाकर वह साहिल की मां के फर्जी अकाउंट से उसे मैसेज करती थी। पढ़िए पूरी खबर… ‘सौरभ की बॉडी के 4 टुकड़े करके तकिए के कवर में रखे गए। 2 चाकू भी ड्रम में सीमेंट से जमा दिए गए। पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है। अब अगर मुस्कान और साहिल अपने कबूलनामे से मुकर भी जाएं, तब भी साक्ष्य पर्याप्त हैं।’ यह कहना है अपर निदेशक अभियोजन आलोक पांडेय का। सौरभ हत्याकांड के 22 दिन बीत चुके हैं। अभी तक पुलिस को कई ठोस साक्ष्य मिले हैं, कई साक्ष्य नहीं मिल सके हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या का खुलासा वारदात के 15 दिन बाद होने के कारण पुलिस को सुबूतों को ढूंढने में दिक्कत हो रही है। मुस्कान ने अपने बयानों में जिन चाकू, सीमेंट-रेत, ड्रम और नींद की दवा खरीदने वाले दुकानदारों के बारे में बताया, वहां से CCTV भी रिकवर नहीं हो सके। डिजिटल साक्ष्य, केस से जुड़े लोगों के बयान, PM रिपोर्ट और हत्या के सबूत के बीच दैनिक भास्कर एप टीम ने लीगल एक्सपर्ट्स से ये समझा कि किन साक्ष्यों के आधार पर मुस्कान और साहिल को कितनी सजा हो सकती है? पढ़िए रिपोर्ट… पुलिस को अभी तक क्या साक्ष्य नहीं मिले.. 3 रूट के CCTV नहीं मिले, पुलिस ढूंढ रही
पुलिस को 3 मार्च की रात में साहिल-मुस्कान के मूवमेंट की CCTV फुटेज नहीं मिले हैं। 3 रूट के CCTV ढूंढ़े गए, मगर इन रास्तों पर पड़ने वाले किसी भी घर पर कैमरे नहीं लगे हुए थे। ये रूट हैं… 4 मार्च और 18 मार्च को मुस्कान के मूवमेंट के डिजिटल साक्ष्य नहीं मिले हैं जिन CCTV में मुस्कान-साहिल दिखे थाने के CCTV : क्राइम स्पॉट से पुलिस मुस्कान-साहिल को थाने लाई। 19 मार्च को थाने के CCTV में दोनों दिखे हैं। सौरभ के घर के पीछे का CCTV : 19 मार्च को घर के पीछे लगे कैमरों में पुलिस मुस्कान को लेकर जाते हुए दिखी है। सबूत जो साहिल-मुस्कान को सजा तक पहुंचाएंगे होटल, जहां साहिल-मुस्कान ठहरे : हिमाचल और उत्तराखंड के उन होटलों में पुलिस पहुंची है, जहां साहिल-मुस्कान ठहरे थे। वहां के CCTV और स्टाफ के बयान भी केस डायरी में शामिल किए गए हैं। CDR में बातचीत के रिकॉर्ड, मोबाइल चैट और मैसेज मिले
साहिल, सौरभ, मुस्कान के मोबाइल पुलिस ने फोरेंसिक लैब (आगरा) भेजे हैं। कई वॉट्सऐप मैसेज और वीडियो को डिलीट किया गया। अब तीनों के मोबाइल का डेटा रिकवर किया जा रहा है। दरअसल, मुस्कान अपने माता-पिता को गुमराह कर रही थी। वह पति सौरभ बनकर फर्जी स्नैपचैट अकाउंट से उन्हें मैसेज भेजती थी। जिसमें लिखती- वह डेंजर में है। शक है कि मां-बाप मार डालेंगे। मुस्कान ऐसा इसलिए कर रही थी, ताकि सौरभ की हत्या के बाद सभी का शक उसके पिता-मां और भाई राहुल पर जाए। ये मैसेज पुलिस के पास हैं। साहिल की मरी हुई मां और उसकी बहन की फर्जी स्नैपचैट आईडी बनाकर साहिल को मैसेज करना। तुम सौरभ का वध कर दो, तुम्हारी जिंदगी मुस्कान के साथ ही खुशहाल रहेगी। इसके भी स्क्रीन शॉट पुलिस के पास हैं। SP सिटी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक, मुस्कान का खुद पुलिस के पास आना और पूरी कहानी सुनाना। उसके खुद के पिता प्रमोद और मां कविता के बयान भी उसके खिलाफ जाएंगे। मौके से बॉडी रिकवरी भी बड़ा सबूत है। लीगल एक्सपर्ट क्या कहते हैं दैनिक भास्कर ने मेरठ के AD अभियोजन आलोक पांडेय और सीनियर एडवोकेट अनिल बख्शी से बातचीत की। पहले आलोक पांडेय का व्यू पढ़िए… सवाल : मुस्कान ने चाकू पकड़ा, साहिल ने सौरभ के सीने में घोंप दिया, इसमें मुख्य आरोपी किसे माना जाएगा?
जवाब : ब्रह्मपुरी थाने में BNS की धारा 103 (क्लाज-1) यानी हत्या, 238-A यानी सबूत मिटाने का प्रयास में रिपोर्ट दर्ज हुई है। कॉमन इंटेंशन होने के चलते दोनों को बराबर सजा दी जानी चाहिए। सवाल : साहिल और मुस्कान अगर अपने बयान से मुकर जाते हैं, तब क्या होगा?
जवाब : इस केस में बहुत कुछ साफ है। ड्रम में लाश की बरामदगी केस को स्पष्ट करती है। पुलिस सभी सबूतों की कड़ियां जोड़ रही है। अगर दोनों मुकर भी गए, तब भी पर्याप्त साक्ष्य उनके खिलाफ हैं। अब सीनियर एडवोकेट अनिल बख्शी का व्यू सवाल : सौरभ के 4 टुकड़े करने वाले साहिल को उम्रकैद होगी या फांसी की सजा?
जवाब : मुस्कान और साहिल को उम्रकैद होने की संभावना ज्यादा है। 1979 तक कत्ल के केस में फांसी की सजा दी जाती थी। अब अमेंडमेंट होने के बाद हत्या के केस में आजीवन कारावास की ही सजा दी जाती है। मर्डर केस में ब्रूटालिटी या फिर रेयरेस्ट ऑफ रेयर तरीके से मर्डर होने पर ही फांसी की सजा दी जाती है। सवाल : ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस क्या होता है?
जवाब : कोई केस रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है या नहीं, यह कानून में कहीं बताया नहीं गया है। आज से 3 साल पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में फांसी को उम्रकैद में बदल दिया था। हर मर्डर ब्रूटल होता है, लेकिन वो रेयरेस्ट ऑफ रेयर नहीं हो सकता। कई बार ये जज पर निर्भर करता है कि वो किसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माने। डिजिटल साक्ष्य डिजिटल पेमेंट : मुस्कान-साहिल के बीच स्नैपचैट पर बातचीत के रिकार्ड हैं। सौरभ के मोबाइल से उसके परिवार को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर कराए। शिमला-मनाली में घूमने के दौरान डिजिटल पेमेंट्स के साक्ष्य मिले हैं। बैंक खातों की डिटेल पुलिस अरेंज कर रही है। घर में फिंगरप्रिंट, फुट प्रिंट : फोरेंसिक टीम ने सौरभ के कमरे और साहिल के कमरे से फिंगरप्रिंट, फुट प्रिंट लिए हैं। गला काटने के हथियार पर फिंगर प्रिंट मिले हैं। सौरभ का केस कौन लड़ेगा?
सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत ने कहा- हम सौरभ की मृत्यु के बाद कार्यक्रम में हैं। अभी हमारे पास वक्त है। तसल्ली से फैसला करेंगे कि हमें किस वकील को हायर करना है? किस तरह से यह केस लड़ना है? मुस्कान-साहिल का मुकदमा कौन लड़ेगा?
मुस्कान ने जेल प्रशासन ने कहा है कि उसे अपना केस लड़ने के लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएग। ऐसी ही एक अर्जी साहिल की तरफ से भी जेल अधीक्षक को मिली है। जेल प्रशासन दोनों की अर्जी को कोर्ट में पेश करेगा। पुलिस क्या कहती है… SP सिटी आयुष विक्रम सिंह का बयान – पूरे केस की मास्टरमाइंड मुस्कान थी। साहिल, मुस्कान से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जा रहा है। हत्या करने के पीछे मंशा क्या थी? शव के टुकड़े क्यों किए? इसे कहां डिस्पोज करने वाले थे? क्या प्लान था? कैब ड्राइवर से पूछताछ के बाद ये दोनों हिमाचल, उत्तराखंड में जहां भी रुके, वहां पूछताछ के लिए टीमें भेजी गईं हैं। सौरभ, साहिल, मुस्कान के परिजनों के बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन भी जांच में शामिल किए जा रहे हैं। सौरभ और साहिल के दोस्तों से पूछताछ की गई है। मर्डर वेपन (2 चाकू) हमारे पास हैं। SSP डॉ. विपिन ताडा का बयान – पुलिस की 3 टीमें केस की जांच कर रही हैं। ये एक लव ट्राइंगल है, जिसमें प्रेमी, प्रेमिका ने मिलकर पति की हत्या की है। तंत्र-मंत्र की कोई बात अभी तक की विवेचना में सामने नहीं आई है। सौरभ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बॉडी 13 दिन पुरानी, बिसरा सुरक्षित किया
SP सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा- सौरभ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लेफ्ट साइड में चेस्ट पर तीन चोट के निशान मिले हैं। ये चाकू के वार से हुए हैं। गला और हाथ को काटा गया है। सीमेंट लगे कपड़े, बॉडी पर छोटी मोटी खरोंचे है। बॉडी 13 दिन पुरानी थी। सौरभ का बिसरा प्रिजर्व किया गया है, उसी से पता चलेगा कि उसने हत्या से पहले ड्रिंक की थी या नहीं की थी। मृत्यु का कारण एंटी मार्टम इंजरी के चलते शाक एंड हेमरेज है। ड्रम में लाश की हालत समझिए… बॉडी पार्ट को पिलो कवर में पैक किया, फिर ड्रम में रखा
घर के कमरे से लाश को निकालने के लिए 10 पुलिस वालों ने मशक्कत की। पोस्टमॉर्टम हाउस पर प्लास्टिक का ड्रम काटा गया। जो कुछ सामने आया, वो चौंकाने वाला था। ड्रम में सबसे पहले लाश के टुकड़े डाले गए। सिर को पिलो कवर में रखा गया। हाथों को अलग-अलग पिलो कवर में रखा गया। एक पिलो कवर में 2 चाकू रखे गए। ड्रम में सबसे पहले सिर कटे धड़ को सेट करने के लिए पैरों को कंधे तक मोड़ दिया गया। ऊपर से तीन पिलो कवर में रखे बॉडी पार्ट सेट कर दिए गए। इसके ऊपर सीमेंट और रेत का घोल मिलाकर डाल दिया, फिर ढक्कन लगाकर सीमेंट से सील कर दिया। ———————- भास्कर एक्सक्लूसिव भी पढ़िए… मेरठ हत्याकांड- साहिल नहीं, मुस्कान मास्टरमाइंड: साहिल की मृत मां के नाम से स्नैपचैट अकाउंट बनाया, मैसेज किया- सौरभ का वध करो मेरठ पुलिस ने मुस्कान के स्नैपचैट अकाउंट से 136 मैसेज रिकवर किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुस्कान ने साहिल की मां और बहन के फर्जी अकाउंट बनाए थे। इन अकाउंट से वह बार-बार साहिल को मैसेज भेजती। वह जानती थी कि साहिल तंत्र-मंत्र में भरोसा करता है। उसने मुस्कान से कहा भी था कि वह मां की आत्मा से बात करता है। इसी का फायदा उठाकर वह साहिल की मां के फर्जी अकाउंट से उसे मैसेज करती थी। पढ़िए पूरी खबर… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
सौरभ के कातिलों को फांसी होगी या उम्रकैद:मुस्कान ने दोनों चाकू ड्रम में जमाए, सिर-हाथ पिलो कवर में रखे, एक्सपर्ट बोले- रेयरेस्ट क्राइम
