सहारनपुर में लोग बोले- BJP नेता राक्षस, तड़पाकर मारा जाए:पत्नी-तीन बच्चों गोली मारने में उसके हाथ नहीं कांपे, मां-बाप का हत्यारा भी वही

सहारनपुर में लोग बोले- BJP नेता राक्षस, तड़पाकर मारा जाए:पत्नी-तीन बच्चों गोली मारने में उसके हाथ नहीं कांपे, मां-बाप का हत्यारा भी वही

खबर की शुरुआत 2 बयानों से… ‘मेरी पत्नी रीना के गांव के युवक से संबंध थे, वो उससे मिलती थी। मैं उसे समझाता रहा, मगर उसने मेरी बात नहीं मानी। मेरा परिवार पूरी तरह से तबाह हो रहा था, इसलिए मैंने सभी को गोली मार दी।’ – योगेश रोहिल्ला, आरोपी (22 मार्च) ‘मेरी बहन बिल्कुल गलत नहीं थी, योगेश ही राक्षस है, वो शक करता था। बात-बात पर मेरी बहन से मारपीट करता था। उसकी परिवार में किसी से नहीं बनी। उसी से दुखी होकर योगेश के मम्मी-पापा और बहन ने जहर खा लिया था।’ – रीना, नेहा की बहन (23 मार्च) ये दोनों बयान उस घटना पर हैं, जिसमें 22 मार्च को BJP नेता ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर दी। BJP नेता खुद को मानसिक रोगी बता रहा है। वहीं, गांव वाले योगेश को कोस रहे हैं। कहते हैं- वो नेता नहीं, राक्षस है, अपने मां-बाप की मौत का कारण भी वही था। ये घटना क्यों हुई? BJP नेता ने पत्नी पर जो आरोप लगाए, उनमें कितनी सच्चाई है? यह जानने दैनिक भास्कर एप टीम सहारनपुर में जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सांगाठेडा गांव पहुंची। यहां लोगों ने जो बताया, वह योगेश की कहानी से इतर था। पढ़िए रिपोर्ट… पहले BJP नेता के गांव चलते हैं… हर कोई योगेश को कोस रहा
गांव में घुसते ही माहौल गमगीन दिखा। हर किसी की जुबान पर योगेश की ही बात थी। लेकिन कोई भी उसके बारे में खुलकर कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं है। वजह- उसका खौफ…। जिस गली में योगेश रहता है, उससे थोड़ा पहले चबूतरे पर चार-छह लोग बैठे हैं। माइक और कैमरा देखते ही थोड़ा असहज हो जाते हैं। हमने भी माइक को साइड में रख दिया। विश्वास में लेकर बातचीत शुरू की। 50 साल के एक व्यक्ति ने कहा- योगेश ने अपना पूरा परिवार बर्बाद कर लिया। वो शुरू से ही लड़ाका रहा है। गांव में किसी से उसकी बनती नहीं है। हत्या के दिन उसने कई बार पत्नी की पिटाई की थी। उसका चचेरा भाई परिवार में हस्तक्षेप करता था। वह घर में घुसकर मामले को शांत करवा देता था। उस दिन भी उसने यही किया, लेकिन योगेश के सिर पर खून सवार था। समझौता कराने वाले भाई को दूसरी मंजिल पर ले गया और वहां कमरे में बंद करके नीचे आ गया। इसके बाद सभी को गोली मार दी। जब हम लोग उसके घर की तरफ दौड़े तो उसने रिवॉल्वर तान दी। डर के कारण कोई उसके सामने नहीं गया। अब आपको योगेश के घर के हालात बताते हैं… सबसे पहला कत्ल ड्राइंग रूम में किया
योगेश रोहिल्ला का मकान एक गली में है। गली के आखिरी में सामने का मकान उसी का है। जिसके दो पार्ट हैं, लेकिन मुख्य दरवाजा एक ही है। मुख्य दरवाजे से घुसते ही राइट साइड में योगेश का मकान है। मकान में घुसते ही ड्राइंग रूम है। फिर लेफ्ट साइड में बरामदा है। उसके पीछे एक कमरा है और दूसरी मंजिल के छत पर एक और कमरा है। दूसरी साइड में चाचा का मकान है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सबसे पहले बेटी श्रद्धा के सिर में इसी ड्राइंग रूम में गोली मारी थी। इसके बाद छोटे बेटे शिवांश को लेकर नेहा भागने लगी तो उनको पकड़कर बरामदे में सिर में गोली मारी। दोनों के शव ड्राइंग रूम में मुख्य गेट के पास पड़े हुए थे। उसके बाद बेटा दिव्यांश भी ड्राइंग रूम भागता हुआ आया तो उसे भी गोली मार दी। नेहा की बहन बोली- राक्षस है योगेश
गांव के लोगों से बात करने के बाद हमारी बातचीत नेहा की बहन रीना से हुई, वह कहती हैं- नेहा की 13 साल पहले योगेश से शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे थे। योगेश ने पिछले एक साल में मेरी बहन की जिंदगी खराब कर रखी थी। वह उस पर शक करता था। कभी बच्चों को पीटता तो कभी बहन के साथ मारपीट करता। वह उससे जबरन किसी के साथ संबंध होने की बात जोड़ता रहता था। मेरी बहन बिल्कुल गलत नहीं थी, वह तो किसी बाहरी से बात तक नहीं करती थी। वह तीन बच्चों की देखभाल करने में सारा समय लगाती थी। पिछले कुछ दिनों से योगेश बच्चों पर ध्यान ही नहीं देता था। वह अपने मां-बाप का भी नहीं हुआ। उसके माता पिता ने उसी से दुखी होकर जान दे दी थी। नेहा की दूसरी बहन बोली- वो दिमाग की झूठी परेशानी बताता था
नेहा की दूसरी बहन रश्मि ने बताया- योगेश पिछले काफी दिनों से अपने आपको मानसिक रूप से परेशान बताता था। वह कई बार मेरी बहन से मारपीट कर उसको घर से निकाल देता था। वो नेहा से कहता कि तुमने मेरा दिमाग खराब कर दिया है। वो उसके ऊपर झूठे आरोप लगाया करता था। कहता था कि तुम्हारे किसी से संबंंध हैं और तुम सच्चाई नहीं बता रही हो। उसके बच्चे अगर मां का सपोर्ट करते तो उन लोगों से भी मारपीट करता रहता था। कभी-कभी तो यहां तक कह देता कि छोटा वाला बेटा मेरा नहीं है। इसी बात को लेकर अक्सर झगड़ जाता था। मेरी बहन लंबे समय से ये सब बर्दाश्त कर रही थी, कई बार परिवार वालों ने योगेश को उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वो किसी की नहीं सुनता था। जो उसको समझाने जाए, उसी से मारपीट कर बैठता था। जिस युवक पर अवैध संबंध का आरोप, वह शुगर का मरीज
अब हमने उस व्यक्ति की तलाश शुरू की, जिसके ऊपर योगेश ने पत्नी से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है। हालांकि ग्रामीणों ने योगेश के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक ग्रामीण से बातचीत में पता चला कि योगेश जिसके ऊपर आरोप लगा रहा है। वह शुगर पेशेंट है। उसके एक पैर का पंजा कटा हुआ है। योगेश कई बार बेवजह आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट कर चुका है। हालात ये हैं कि वह पांच महीने पहले अपना घर छोड़ गया है। कभी-कभार वह अपने खेत के पास या गांव के बाहर दिखता है। अक्सर लापता रहता है। योगेश उससे कुछ निजी खुन्नस रखता था, इसीलिए उसके ऊपर इस तरह के आरोप लगा देता था। गांव के लोगों ने योगेश के व्यवहार पर बातचीत की योगेश गंदा आदमी, उसे तड़पा-तड़पाकर मारना चाहिए
बच्चों की हत्या के बाद गांव सांगाठेडा में गम और गुस्सा है। ग्रामीणों ने बताया, हत्यारा योगेश शातिर किस्म का व्यक्ति है। अचानक शादी के 13 साल बाद पत्नी के चरित्र पर सवाल खड़े करना योगेश की बड़ी साजिश का हिस्सा है। गांव के कुशलपाल ने बताया, योगेश के पिता रमेश मेरे साथी थे। योगेश के माता-पिता और बहन ने सुसाइड किया था। इसका भी कारण योगेश ही था। उसके पिता मुझसे कहते थे, ये नालायक लड़का है। उसकी पहली पत्नी भी अच्छी थी। दूसरी पत्नी नेहा पर उसने जो आरोप लगाया है, वह गलत है। नेहा चरित्रहीन नहीं थी। योगेश ने जो भी कहा है, वह सब कुछ झूठ है। वह नालायक है। उसे तो तड़पा-तड़पा कर मारना चाहिए। यातनाएं देनी चाहिए। वह गंदा आदमी है। बच्चे 11 साल के हो गए, तब उसे पता चला कि उसके बच्चे नहीं है। उस योगेश के ही कहीं संबंध होंगे। नेहा गांव में अपने बड़ों से बहुत सलीके से बात करती थी। नेहा देवी की तरह पवित्र, योगेश की मानसिकता घटिया
चौधरी सलीम अख्तर कहते हैं, योगेश की वजह से हम सब लोग दिक्कत में है। नेहा देवी की तरह पवित्र है। योगेश ने जो आरोप लगाया है, ये उसकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है। उसका कोई मानसिक संतुलन खराब नहीं है। उसने प्लान कर रखा था। वह माहौल बना रहा था। इसके बाद सभी को मार दिया। पुलिस को फोन करना है, ये पता था उसे। मानसिक संतुलन खराब था तो खुद को क्यों नहीं मारी गोली। पहली पत्नी को भी उसी ने मारा। वह 9 हत्याओं का दोषी है, उसे फांसी दे देनी चाहिए। उसके कारण आधा गांव मुकदमा झेल रहा है। मां-पिता और बहनों ने योगेश के सामने खाया था जहर
योगेश के माता-पिता और बहन ने 2007 में जहर खा लिया था। इससे तीनों की मौत हो गई थी। उस समय योगेश पर अपने परिवार को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। योगेश के पिता अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर रहे थे। उसी बात को लेकर योगेश ने अपने पिता से झगड़ा किया था। इससे परेशान होकर योगेश के पिता रमेश रोहिल्ला, मां बाला देवी और तीन बहनों- मोनी, सीमा, अनु ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, इस मामले में भी 20 से ज्यादा ग्रामीणों के खिलाफ शवों के अंतिम संस्कार करने का मुकदमा चल रहा है। योगेश ने इन लोगों को साजिश करके फंसा दिया। जिन लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया, उन्हीं पर उकसाने का आरोप लगा दिया था। अब पूरा मामला जान लीजिए…उस दिन हुआ क्या था
22 मार्च की दोपहर करीब 12:30 योगेश अपनी बड़ी बेटी श्रद्धा (11) और बेटे देवांश (6) को छुट्‌टी होने से पहले स्कूल से लेकर घर पहुंचा। कुछ देर बाद योगेश का पत्नी नेहा से विवाद शुरू हो गया। योगेश उसके साथ मारपीट करने लगा। शोर सुनकर करीब 1 बजे सामने रहने वाला चचेरा भाई अक्षय घर पहुंचा। उसने मामले को शांत कराया। करीब 1:15 बजे योगेश अपने चचेरे भाई अक्षय को दूसरी मंजिल वाले कमरे में लेकर गया। जहां उसने अक्षय को बंद कर दिया। नीचे आकर उसने पत्नी और तीनों बच्चों के सिर में गोली मार दी। गोलियों की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, दरवाजा खटखटाते रहे। मगर योगेश ने गेट नहीं खोला। चचेरा भाई खिड़की तोड़कर बाहर निकला और नीचे पहुंचा। उसने बताया कि जब वह नीचे आया तो नेहा और शिवांश उर्फ शिवा (4) की सांस चल रही थी। मां-बेटे को वह और ग्रामीण अस्पताल ले जाने लगे तो आरोपी ने धमकी दी। ग्रामीणों ने घायल मां-बेटे को घर के बाहर सड़क पर लिटा दिया। फिर लोगों ने भी पुलिस को सूचना दी। दोपहर 2:30 बजे पुलिस पहुंची। अगले दिन 23 मार्च को पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों बच्चों का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पत्नी नेहा के भाई रजनीश की तहरीर के आधार पर आरोपी योगेश पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस की बात… कोतवाल बोले- योगेश ने प्लान करके परिवार का मर्डर किया गंगोह कोतवाली के प्रभारी पीयूष दीक्षित ने कहा, ‘एक आदमी ने अपना पूरा परिवार खत्म कर दिया। वो कोई मानसिक रोगी नहीं है। उसने साजिश और प्लान के तहत किया। उसने प्लान कर पूरा परिवार खत्म कर दिया। वह आदतन अपराधी है। मैं वचन देता हूं कि उसे फांसी के तख्ते तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।’ कोतवाली प्रभारी ने ये बातें मंगलवार को शांति समिति की बैठक में लोगों से कहीं। उन्होंने कहा- मानसिक रोगी होने की उसने (योगेश रोहिला) सिर्फ अफवाह फैलाई। ताकि उसे कोर्ट में फायदा मिल सके। ——————— लोग बोले- यूपी के 341 विधायकों को टिकट न दें 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। इनके जवाब में लोगों ने राय दी कि 403 में से 84 फीसदी विधायकों को दोबारा टिकट नहीं देना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर खबर की शुरुआत 2 बयानों से… ‘मेरी पत्नी रीना के गांव के युवक से संबंध थे, वो उससे मिलती थी। मैं उसे समझाता रहा, मगर उसने मेरी बात नहीं मानी। मेरा परिवार पूरी तरह से तबाह हो रहा था, इसलिए मैंने सभी को गोली मार दी।’ – योगेश रोहिल्ला, आरोपी (22 मार्च) ‘मेरी बहन बिल्कुल गलत नहीं थी, योगेश ही राक्षस है, वो शक करता था। बात-बात पर मेरी बहन से मारपीट करता था। उसकी परिवार में किसी से नहीं बनी। उसी से दुखी होकर योगेश के मम्मी-पापा और बहन ने जहर खा लिया था।’ – रीना, नेहा की बहन (23 मार्च) ये दोनों बयान उस घटना पर हैं, जिसमें 22 मार्च को BJP नेता ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर दी। BJP नेता खुद को मानसिक रोगी बता रहा है। वहीं, गांव वाले योगेश को कोस रहे हैं। कहते हैं- वो नेता नहीं, राक्षस है, अपने मां-बाप की मौत का कारण भी वही था। ये घटना क्यों हुई? BJP नेता ने पत्नी पर जो आरोप लगाए, उनमें कितनी सच्चाई है? यह जानने दैनिक भास्कर एप टीम सहारनपुर में जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सांगाठेडा गांव पहुंची। यहां लोगों ने जो बताया, वह योगेश की कहानी से इतर था। पढ़िए रिपोर्ट… पहले BJP नेता के गांव चलते हैं… हर कोई योगेश को कोस रहा
गांव में घुसते ही माहौल गमगीन दिखा। हर किसी की जुबान पर योगेश की ही बात थी। लेकिन कोई भी उसके बारे में खुलकर कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं है। वजह- उसका खौफ…। जिस गली में योगेश रहता है, उससे थोड़ा पहले चबूतरे पर चार-छह लोग बैठे हैं। माइक और कैमरा देखते ही थोड़ा असहज हो जाते हैं। हमने भी माइक को साइड में रख दिया। विश्वास में लेकर बातचीत शुरू की। 50 साल के एक व्यक्ति ने कहा- योगेश ने अपना पूरा परिवार बर्बाद कर लिया। वो शुरू से ही लड़ाका रहा है। गांव में किसी से उसकी बनती नहीं है। हत्या के दिन उसने कई बार पत्नी की पिटाई की थी। उसका चचेरा भाई परिवार में हस्तक्षेप करता था। वह घर में घुसकर मामले को शांत करवा देता था। उस दिन भी उसने यही किया, लेकिन योगेश के सिर पर खून सवार था। समझौता कराने वाले भाई को दूसरी मंजिल पर ले गया और वहां कमरे में बंद करके नीचे आ गया। इसके बाद सभी को गोली मार दी। जब हम लोग उसके घर की तरफ दौड़े तो उसने रिवॉल्वर तान दी। डर के कारण कोई उसके सामने नहीं गया। अब आपको योगेश के घर के हालात बताते हैं… सबसे पहला कत्ल ड्राइंग रूम में किया
योगेश रोहिल्ला का मकान एक गली में है। गली के आखिरी में सामने का मकान उसी का है। जिसके दो पार्ट हैं, लेकिन मुख्य दरवाजा एक ही है। मुख्य दरवाजे से घुसते ही राइट साइड में योगेश का मकान है। मकान में घुसते ही ड्राइंग रूम है। फिर लेफ्ट साइड में बरामदा है। उसके पीछे एक कमरा है और दूसरी मंजिल के छत पर एक और कमरा है। दूसरी साइड में चाचा का मकान है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सबसे पहले बेटी श्रद्धा के सिर में इसी ड्राइंग रूम में गोली मारी थी। इसके बाद छोटे बेटे शिवांश को लेकर नेहा भागने लगी तो उनको पकड़कर बरामदे में सिर में गोली मारी। दोनों के शव ड्राइंग रूम में मुख्य गेट के पास पड़े हुए थे। उसके बाद बेटा दिव्यांश भी ड्राइंग रूम भागता हुआ आया तो उसे भी गोली मार दी। नेहा की बहन बोली- राक्षस है योगेश
गांव के लोगों से बात करने के बाद हमारी बातचीत नेहा की बहन रीना से हुई, वह कहती हैं- नेहा की 13 साल पहले योगेश से शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे थे। योगेश ने पिछले एक साल में मेरी बहन की जिंदगी खराब कर रखी थी। वह उस पर शक करता था। कभी बच्चों को पीटता तो कभी बहन के साथ मारपीट करता। वह उससे जबरन किसी के साथ संबंध होने की बात जोड़ता रहता था। मेरी बहन बिल्कुल गलत नहीं थी, वह तो किसी बाहरी से बात तक नहीं करती थी। वह तीन बच्चों की देखभाल करने में सारा समय लगाती थी। पिछले कुछ दिनों से योगेश बच्चों पर ध्यान ही नहीं देता था। वह अपने मां-बाप का भी नहीं हुआ। उसके माता पिता ने उसी से दुखी होकर जान दे दी थी। नेहा की दूसरी बहन बोली- वो दिमाग की झूठी परेशानी बताता था
नेहा की दूसरी बहन रश्मि ने बताया- योगेश पिछले काफी दिनों से अपने आपको मानसिक रूप से परेशान बताता था। वह कई बार मेरी बहन से मारपीट कर उसको घर से निकाल देता था। वो नेहा से कहता कि तुमने मेरा दिमाग खराब कर दिया है। वो उसके ऊपर झूठे आरोप लगाया करता था। कहता था कि तुम्हारे किसी से संबंंध हैं और तुम सच्चाई नहीं बता रही हो। उसके बच्चे अगर मां का सपोर्ट करते तो उन लोगों से भी मारपीट करता रहता था। कभी-कभी तो यहां तक कह देता कि छोटा वाला बेटा मेरा नहीं है। इसी बात को लेकर अक्सर झगड़ जाता था। मेरी बहन लंबे समय से ये सब बर्दाश्त कर रही थी, कई बार परिवार वालों ने योगेश को उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वो किसी की नहीं सुनता था। जो उसको समझाने जाए, उसी से मारपीट कर बैठता था। जिस युवक पर अवैध संबंध का आरोप, वह शुगर का मरीज
अब हमने उस व्यक्ति की तलाश शुरू की, जिसके ऊपर योगेश ने पत्नी से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है। हालांकि ग्रामीणों ने योगेश के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक ग्रामीण से बातचीत में पता चला कि योगेश जिसके ऊपर आरोप लगा रहा है। वह शुगर पेशेंट है। उसके एक पैर का पंजा कटा हुआ है। योगेश कई बार बेवजह आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट कर चुका है। हालात ये हैं कि वह पांच महीने पहले अपना घर छोड़ गया है। कभी-कभार वह अपने खेत के पास या गांव के बाहर दिखता है। अक्सर लापता रहता है। योगेश उससे कुछ निजी खुन्नस रखता था, इसीलिए उसके ऊपर इस तरह के आरोप लगा देता था। गांव के लोगों ने योगेश के व्यवहार पर बातचीत की योगेश गंदा आदमी, उसे तड़पा-तड़पाकर मारना चाहिए
बच्चों की हत्या के बाद गांव सांगाठेडा में गम और गुस्सा है। ग्रामीणों ने बताया, हत्यारा योगेश शातिर किस्म का व्यक्ति है। अचानक शादी के 13 साल बाद पत्नी के चरित्र पर सवाल खड़े करना योगेश की बड़ी साजिश का हिस्सा है। गांव के कुशलपाल ने बताया, योगेश के पिता रमेश मेरे साथी थे। योगेश के माता-पिता और बहन ने सुसाइड किया था। इसका भी कारण योगेश ही था। उसके पिता मुझसे कहते थे, ये नालायक लड़का है। उसकी पहली पत्नी भी अच्छी थी। दूसरी पत्नी नेहा पर उसने जो आरोप लगाया है, वह गलत है। नेहा चरित्रहीन नहीं थी। योगेश ने जो भी कहा है, वह सब कुछ झूठ है। वह नालायक है। उसे तो तड़पा-तड़पा कर मारना चाहिए। यातनाएं देनी चाहिए। वह गंदा आदमी है। बच्चे 11 साल के हो गए, तब उसे पता चला कि उसके बच्चे नहीं है। उस योगेश के ही कहीं संबंध होंगे। नेहा गांव में अपने बड़ों से बहुत सलीके से बात करती थी। नेहा देवी की तरह पवित्र, योगेश की मानसिकता घटिया
चौधरी सलीम अख्तर कहते हैं, योगेश की वजह से हम सब लोग दिक्कत में है। नेहा देवी की तरह पवित्र है। योगेश ने जो आरोप लगाया है, ये उसकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है। उसका कोई मानसिक संतुलन खराब नहीं है। उसने प्लान कर रखा था। वह माहौल बना रहा था। इसके बाद सभी को मार दिया। पुलिस को फोन करना है, ये पता था उसे। मानसिक संतुलन खराब था तो खुद को क्यों नहीं मारी गोली। पहली पत्नी को भी उसी ने मारा। वह 9 हत्याओं का दोषी है, उसे फांसी दे देनी चाहिए। उसके कारण आधा गांव मुकदमा झेल रहा है। मां-पिता और बहनों ने योगेश के सामने खाया था जहर
योगेश के माता-पिता और बहन ने 2007 में जहर खा लिया था। इससे तीनों की मौत हो गई थी। उस समय योगेश पर अपने परिवार को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। योगेश के पिता अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर रहे थे। उसी बात को लेकर योगेश ने अपने पिता से झगड़ा किया था। इससे परेशान होकर योगेश के पिता रमेश रोहिल्ला, मां बाला देवी और तीन बहनों- मोनी, सीमा, अनु ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, इस मामले में भी 20 से ज्यादा ग्रामीणों के खिलाफ शवों के अंतिम संस्कार करने का मुकदमा चल रहा है। योगेश ने इन लोगों को साजिश करके फंसा दिया। जिन लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया, उन्हीं पर उकसाने का आरोप लगा दिया था। अब पूरा मामला जान लीजिए…उस दिन हुआ क्या था
22 मार्च की दोपहर करीब 12:30 योगेश अपनी बड़ी बेटी श्रद्धा (11) और बेटे देवांश (6) को छुट्‌टी होने से पहले स्कूल से लेकर घर पहुंचा। कुछ देर बाद योगेश का पत्नी नेहा से विवाद शुरू हो गया। योगेश उसके साथ मारपीट करने लगा। शोर सुनकर करीब 1 बजे सामने रहने वाला चचेरा भाई अक्षय घर पहुंचा। उसने मामले को शांत कराया। करीब 1:15 बजे योगेश अपने चचेरे भाई अक्षय को दूसरी मंजिल वाले कमरे में लेकर गया। जहां उसने अक्षय को बंद कर दिया। नीचे आकर उसने पत्नी और तीनों बच्चों के सिर में गोली मार दी। गोलियों की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, दरवाजा खटखटाते रहे। मगर योगेश ने गेट नहीं खोला। चचेरा भाई खिड़की तोड़कर बाहर निकला और नीचे पहुंचा। उसने बताया कि जब वह नीचे आया तो नेहा और शिवांश उर्फ शिवा (4) की सांस चल रही थी। मां-बेटे को वह और ग्रामीण अस्पताल ले जाने लगे तो आरोपी ने धमकी दी। ग्रामीणों ने घायल मां-बेटे को घर के बाहर सड़क पर लिटा दिया। फिर लोगों ने भी पुलिस को सूचना दी। दोपहर 2:30 बजे पुलिस पहुंची। अगले दिन 23 मार्च को पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों बच्चों का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पत्नी नेहा के भाई रजनीश की तहरीर के आधार पर आरोपी योगेश पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस की बात… कोतवाल बोले- योगेश ने प्लान करके परिवार का मर्डर किया गंगोह कोतवाली के प्रभारी पीयूष दीक्षित ने कहा, ‘एक आदमी ने अपना पूरा परिवार खत्म कर दिया। वो कोई मानसिक रोगी नहीं है। उसने साजिश और प्लान के तहत किया। उसने प्लान कर पूरा परिवार खत्म कर दिया। वह आदतन अपराधी है। मैं वचन देता हूं कि उसे फांसी के तख्ते तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।’ कोतवाली प्रभारी ने ये बातें मंगलवार को शांति समिति की बैठक में लोगों से कहीं। उन्होंने कहा- मानसिक रोगी होने की उसने (योगेश रोहिला) सिर्फ अफवाह फैलाई। ताकि उसे कोर्ट में फायदा मिल सके। ——————— लोग बोले- यूपी के 341 विधायकों को टिकट न दें 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। इनके जवाब में लोगों ने राय दी कि 403 में से 84 फीसदी विधायकों को दोबारा टिकट नहीं देना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर