हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा के जिले में ही 183 जाली स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों के पास शिक्षा विभाग की मान्यता नहीं है। इनमें 54 प्राइमरी (प्लेवे से 5वीं तक) और 129 मिडिल (5वीं से 8वीं) कैटेगरी के स्कूल शामिल हैं। पानीपत के शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक लिस्ट जारी की है। जिसमें कहा गया कि ये स्कूल सरकार के नियम-शर्तों को पूरा नहीं करते। यह स्कूल अवैध हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई और उनके सर्टिफिकेट भी अवैध माने जाएंगे। हालांकि इन पर कार्रवाई के बजाय शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से ही अपील की है कि बच्चों का एडमिशन इन स्कूलों में न कराएं। अगर ये स्कूल विद्यार्थियों का दाखिला करते हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए ढांडा ने कहा, “हम हर चीज को खबर के नजरिए से नहीं देख सकते, हमने सिस्टम को ठीक करना है, सिस्टम को दुरुस्त नहीं करेंगे तो दिक्कत आ जाती है, सिस्टम दुरुस्त करें तो दिक्कत आती है। जो भी नियम के अनुसार ठीक होगा हम वो सब करेंगे।” कुछ स्कूल मान्यता से बड़ी क्लास में एडमिशन कर रहे
जिले में कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जिनके पास 5वीं कक्षा तक की मान्यता है, लेकिन वे 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के दाखिले कर रहे हैं। इसके अलावा कई स्कूलों को 10वीं तक मान्यता मिली हुई है, लेकिन वे 12वीं तक के दाखिले कर रहे हैं। इन स्कूलों के खिलाफ भी विभाग कार्रवाई करेगा। इसे लेकर ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग ने टीमें गठित की हैं। वहीं जिले के कई CBSE स्कूलों में दाखिले को लेकर कंपीटिशन चल रहा है। ये स्कूल विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए स्कॉलरशिप का झांसा दे रहे हैं। इसके लिए बाकायदा टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इनसे झांसे में आकर माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन भी करवा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी जाली स्कूलों की लिस्ट… शिक्षा विभाग ने ये आदेश जारी किए
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है- राज्य में अवैध गैर-मान्यता प्राप्त/अनधिकृत स्कूलों को विस्तार देने पर रोक लगाई गई है। जिला पानीपत में प्राइवेट स्कूल काफी समय से बिना मान्यता या बिना अनुमति के चल रहे हैं। लिस्ट में शामिल स्कूलों ने विभाग से मान्यता नहीं ली है। इसके कारण हर वर्ष इन स्कूलों में दाखिल बच्चों के माता-पिता की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। आदेश में कहा गया है कि जिन स्कूलों के पास मान्यता है वे स्थायी मान्यता की कॉपी स्कूल के गेट के बाहर अनिवार्य रूप से लगाएं। बाकी स्कूलों में माता-पिता अपने बच्चों को दाखिला न दिलाएं। यदि वे करवाते हैं तो नुकसान के स्वयं जिम्मेदार होंगे। हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा के जिले में ही 183 जाली स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों के पास शिक्षा विभाग की मान्यता नहीं है। इनमें 54 प्राइमरी (प्लेवे से 5वीं तक) और 129 मिडिल (5वीं से 8वीं) कैटेगरी के स्कूल शामिल हैं। पानीपत के शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक लिस्ट जारी की है। जिसमें कहा गया कि ये स्कूल सरकार के नियम-शर्तों को पूरा नहीं करते। यह स्कूल अवैध हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई और उनके सर्टिफिकेट भी अवैध माने जाएंगे। हालांकि इन पर कार्रवाई के बजाय शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से ही अपील की है कि बच्चों का एडमिशन इन स्कूलों में न कराएं। अगर ये स्कूल विद्यार्थियों का दाखिला करते हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए ढांडा ने कहा, “हम हर चीज को खबर के नजरिए से नहीं देख सकते, हमने सिस्टम को ठीक करना है, सिस्टम को दुरुस्त नहीं करेंगे तो दिक्कत आ जाती है, सिस्टम दुरुस्त करें तो दिक्कत आती है। जो भी नियम के अनुसार ठीक होगा हम वो सब करेंगे।” कुछ स्कूल मान्यता से बड़ी क्लास में एडमिशन कर रहे
जिले में कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जिनके पास 5वीं कक्षा तक की मान्यता है, लेकिन वे 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के दाखिले कर रहे हैं। इसके अलावा कई स्कूलों को 10वीं तक मान्यता मिली हुई है, लेकिन वे 12वीं तक के दाखिले कर रहे हैं। इन स्कूलों के खिलाफ भी विभाग कार्रवाई करेगा। इसे लेकर ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग ने टीमें गठित की हैं। वहीं जिले के कई CBSE स्कूलों में दाखिले को लेकर कंपीटिशन चल रहा है। ये स्कूल विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए स्कॉलरशिप का झांसा दे रहे हैं। इसके लिए बाकायदा टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इनसे झांसे में आकर माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन भी करवा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी जाली स्कूलों की लिस्ट… शिक्षा विभाग ने ये आदेश जारी किए
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है- राज्य में अवैध गैर-मान्यता प्राप्त/अनधिकृत स्कूलों को विस्तार देने पर रोक लगाई गई है। जिला पानीपत में प्राइवेट स्कूल काफी समय से बिना मान्यता या बिना अनुमति के चल रहे हैं। लिस्ट में शामिल स्कूलों ने विभाग से मान्यता नहीं ली है। इसके कारण हर वर्ष इन स्कूलों में दाखिल बच्चों के माता-पिता की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। आदेश में कहा गया है कि जिन स्कूलों के पास मान्यता है वे स्थायी मान्यता की कॉपी स्कूल के गेट के बाहर अनिवार्य रूप से लगाएं। बाकी स्कूलों में माता-पिता अपने बच्चों को दाखिला न दिलाएं। यदि वे करवाते हैं तो नुकसान के स्वयं जिम्मेदार होंगे। हरियाणा | दैनिक भास्कर
