अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर देश और दुनिया में योग को लेकर उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और बेहतर भविष्य का आधार बताया। उन्होंने कहा कि योग सिर्फ एक शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह इंसान को अपने शरीर और मन को समझने का माध्यम भी देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ इंसान की ताकत और क्षमता कम होना जरूरी नहीं है। योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकता है। उन्होंने हेल्दी एजिंग यानी उम्र बढ़ने के साथ स्वस्थ रहने की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि उम्र बढ़ने के बाद भी शरीर और मन पहले की तरह ऊर्जावान बने रहें।
उन्होंने कहा कि 40 साल की उम्र में व्यक्ति को 20 साल की उम्र की तुलना में ज्यादा फिट और लचीला बनने का प्रयास करना चाहिए। इसी तरह 50 साल की उम्र में भी शरीर में इतनी ऊर्जा होनी चाहिए कि व्यक्ति खुद को युवा महसूस करे। पीएम मोदी ने कहा कि योग शरीर की लचक बनाए रखने, ऊर्जा के स्तर को संतुलित रखने और तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के लिए मानसिक शांति बहुत जरूरी है। योग व्यक्ति को तनाव से दूर रहने और अपने अंदर सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करता है। नियमित योग अभ्यास से इंसान अपने शरीर की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ पाता है और अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा जागरूक बनता है।
उन्होंने कहा कि योग हमें यह सिखाता है कि अपने शरीर और मन के साथ तालमेल कैसे बनाया जाए। जब व्यक्ति खुद को समझने लगता है तो वह अपने जीवन को बेहतर तरीके से संभाल सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि योग का लाभ किसी एक उम्र या वर्ग के लोगों तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और हर उम्र के लोग इसे अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य हासिल कर सकते हैं।
योग पूरी दुनिया को जोड़ने का माध्यम है: पीएम मोदी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग की वैश्विक भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि योग ने पूरी दुनिया के लोगों को एक साथ जोड़ने का काम किया है। योग की सबसे बड़ी ताकत यही है कि यह लोगों के बीच एकता और संतुलन की भावना पैदा करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया योग की शक्ति को महसूस कर रही है। अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समुदायों के लोग योग के जरिए स्वास्थ्य और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया भर के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग मानवता को जोड़ने वाला एक मजबूत माध्यम बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान पश्चिम बंगाल के लोगों की एक विशेष पहल की भी सराहना की। उन्होंने राज्य में चलाए गए सफाई अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि यह एक अच्छी कोशिश है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी लाता है।
कोलकाता में योग दिवस कार्यक्रम में पीएम मोदी की मौजूदगी
कोलकाता में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सुबह से ही लोगों में योग को लेकर उत्साह नजर आया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अलग-अलग योगासन किए और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि योग को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे जीवन का नियमित हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब योग हमारी दिनचर्या में शामिल होता है तो इसका असर शरीर के साथ-साथ सोच और व्यवहार पर भी दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में तनाव, अनियमित खानपान और कम शारीरिक गतिविधियों के कारण कई समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग एक सरल और प्रभावी तरीका है, जो लोगों को बेहतर जीवन की ओर ले जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है। यह शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
पैंगोंग झील के किनारे जवानों ने किया योग अभ्यास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर देश के अलग-अलग हिस्सों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। लद्दाख में पैंगोंग झील के किनारे भी योग दिवस मनाया गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 24वीं बटालियन ने लुकुंग पोस्ट पर विशेष योग सत्र आयोजित किया। बर्फीले और ऊंचाई वाले क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में हिमवीरों, सेना के जवानों, स्थानीय लोगों और महाबोधि संस्थान के सदस्यों ने हिस्सा लिया। जवानों ने योग के माध्यम से स्वास्थ्य, मानसिक मजबूती और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया।
पैंगोंग झील जैसे कठिन वातावरण में जवानों का योग करना यह दिखाता है कि योग किसी भी परिस्थिति में किया जा सकता है। यह शरीर को मजबूत रखने के साथ-साथ मानसिक धैर्य बढ़ाने में भी सहायक है।
हेल्दी एजिंग के लिए योग जरूरी: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ उम्र बढ़ना आज के समय की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ जीवन की गुणवत्ता बेहतर रहनी चाहिए। इसके लिए योग एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है। उन्होंने कहा कि इंसान को उम्र के बढ़ने को कमजोरी के रूप में नहीं देखना चाहिए। सही खानपान, नियमित योग और स्वस्थ जीवनशैली के जरिए व्यक्ति लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग हमें अपने शरीर की सीमाओं और क्षमताओं को पहचानने में मदद करता है। जब हम अपने शरीर को समझते हैं तो हम उसकी बेहतर देखभाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। यह व्यक्ति को शारीरिक रूप से फिट रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से शांत और संतुलित बनाता है।
दुनिया में बढ़ी योग की लोकप्रियता
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल योग के महत्व को दुनिया के सामने रखने का अवसर देता है। भारत की पहल पर शुरू हुआ यह अभियान अब वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ रहा है। आज दुनिया के कई देशों में लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार योग से शरीर की लचक, संतुलन और मानसिक शांति को बढ़ावा मिलता है।
योग दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने यही संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर सोच और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाता है।




