आज का पंचांग 28 जून 2026: ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी पर बन रहे खास योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

आज का पंचांग 28 जून 2026: ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी पर बन रहे खास योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग का विचार किया जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय की जानकारी मिलती है। आज 28 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। रविवार होने के कारण आज का दिन भगवान सूर्य की आराधना के लिए विशेष माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार को सूर्य देव की पूजा करने से आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होती है।

आज के दिन कई महत्वपूर्ण योग बन रहे हैं, जिनमें शुभ योग और शुक्ल योग शामिल हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज सूर्य देव मिथुन राशि में और चंद्रमा वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे। चंद्रमा के ज्येष्ठा नक्षत्र में रहने से दिन की धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्ता मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक के अनुसार आज की तिथि, ग्रहों की चाल, शुभ समय और राहुकाल से जुड़ी पूरी जानकारी इस प्रकार है।

28 जून 2026 का पंचांग विवरण

दिन: रविवार
हिंदू मास: ज्येष्ठ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्दशी
संवत: 2083

आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। यह तिथि अगले दिन यानी 29 जून को सुबह 3 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि को धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज का दिन रविवार होने के कारण भगवान सूर्य की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। सुबह सूर्य को जल अर्पित करने और आदित्य देव का ध्यान करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है।

आज के योग और करण की स्थिति

पंचांग के अनुसार आज शुभ योग दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। ज्योतिष में योगों का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि ये दिन के शुभ-अशुभ प्रभावों को प्रभावित करते हैं।

करण की बात करें तो आज गरज करण दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा, जो अगले दिन 29 जून को सुबह 3 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण यानी भद्रा प्रारंभ होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले करण और योग का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त का समय शाम 7 बजकर 23 मिनट रहेगा।

सूर्योदय: सुबह 05:26 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:23 बजे
चंद्रोदय: शाम 06:26 बजे
चंद्रास्त: 29 जून को सुबह 04:22 बजे

ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज सूर्य देव मिथुन राशि में स्थित रहेंगे। वहीं चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे और 29 जून को रात 1 बजकर 08 मिनट के बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और सम्मान का कारक माना जाता है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं और विचारों का प्रतिनिधित्व करता है।

आज के शुभ मुहूर्त

किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए शुभ समय का ध्यान रखा जाता है। आज पंचांग के अनुसार कुछ विशेष शुभ समय इस प्रकार हैं—

अभिजीत मुहूर्त:
सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त को बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

अमृत काल:
दोपहर 03 बजकर 15 मिनट से शाम 05 बजकर 03 मिनट तक

अमृत काल को भी शुभ समय माना जाता है। इस दौरान पूजा, धार्मिक कार्य और शुभ शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है।

आज के अशुभ समय

पंचांग में शुभ समय के साथ अशुभ समय की जानकारी भी दी जाती है ताकि इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बचा जा सके।

राहुकाल:
शाम 05 बजकर 38 मिनट से शाम 07 बजकर 23 मिनट तक

रविवार के दिन राहुकाल शाम के समय रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

गुलिक काल:
दोपहर 03 बजकर 54 मिनट से शाम 05 बजकर 38 मिनट तक

यमगण्ड काल:
दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से दोपहर 02 बजकर 09 मिनट तक

इन समयों में नए कार्य शुरू करने से पहले सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

आज का नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र

आज चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेंगे। ज्येष्ठा नक्षत्र 29 जून को रात 1 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। इसके बाद चंद्रमा मूल नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक राशि के क्षेत्र में आता है। यह नक्षत्र 16 डिग्री 40 मिनट वृश्चिक राशि से लेकर 30 डिग्री वृश्चिक राशि तक फैला हुआ माना जाता है।

इस नक्षत्र के स्वामी बुध देव माने जाते हैं, जबकि राशि स्वामी मंगल देव हैं। ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता इंद्र देव हैं, जिन्हें देवताओं का राजा कहा जाता है। इस नक्षत्र का प्रतीक कुंडल, छाता या ताबीज माना गया है।

ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोगों की विशेषताएं

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ज्येष्ठा नक्षत्र से जुड़े लोगों में कई खास गुण पाए जाते हैं। ऐसे लोग आमतौर पर बुद्धिमान, समझदार और परिस्थितियों को संभालने वाले माने जाते हैं। इनमें नेतृत्व क्षमता अच्छी होती है और ये कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहते हैं और मेहनत से पीछे नहीं हटते।

हालांकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनमें कभी-कभी अधिक आत्मसम्मान और गुस्से की प्रवृत्ति भी देखने को मिल सकती है। ये कम लोगों से जुड़ते हैं लेकिन जिनसे संबंध बनाते हैं, उनके प्रति जिम्मेदारी निभाते हैं।

आज का धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। रविवार का संयोग होने से आज सूर्य पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। आज सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना, सूर्य मंत्रों का जाप करना और जरूरतमंद लोगों को दान करना शुभ माना जाता है।

पंचांग के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाले कार्यों के लिए अच्छा माना जा रहा है। हालांकि किसी भी बड़े निर्णय या शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग और विद्वानों की सलाह लेना उचित रहता है।

इस प्रकार 28 जून 2026 का दिन तिथि, योग, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के अनुसार कई महत्वपूर्ण धार्मिक संकेत लेकर आया है।