फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार का दिन बड़े उलटफेर और रोमांचक मुकाबलों के नाम रहा। चार बार की विश्व विजेता जर्मनी को पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में मात देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। वहीं दूसरी ओर ब्राजील ने जापान के खिलाफ बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में आखिरी मिनटों में गोल करके जीत हासिल की और प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
पराग्वे और जर्मनी के बीच खेला गया मुकाबला निर्धारित समय के बाद 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां पराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज कर फुटबॉल जगत को चौंका दिया। फीफा रैंकिंग में 34वें स्थान वाली पराग्वे की टीम ने 12वीं रैंकिंग वाली जर्मनी को शानदार रणनीति के साथ रोक दिया।
दूसरे मुकाबले में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को जापान ने कड़ी चुनौती दी। जापान ने पहले बढ़त बनाई, लेकिन ब्राजील ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया और फिर इंजरी टाइम में गैब्रियल मार्टिनेली के गोल की बदौलत 2-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। ब्राजील अब राउंड ऑफ 16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे में से किसी एक टीम का सामना करेगा। वहीं पराग्वे की अगली भिड़ंत फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगी।
पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को झटका, गिल बने पराग्वे की जीत के हीरो
फॉक्सबोरो में खेले गए मुकाबले में जर्मनी ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन पराग्वे की मजबूत रक्षात्मक योजना के सामने उसके स्टार खिलाड़ी ज्यादा असर नहीं छोड़ सके। जर्मनी ने पहले हाफ में करीब 78 प्रतिशत समय तक गेंद अपने पास रखी, फिर भी वह विपक्षी डिफेंस को तोड़ने में नाकाम रहा।
पराग्वे ने 42वें मिनट में पहला गोल कर बढ़त हासिल की। मिगेल अल्मिरोन के शानदार मूव के बाद मिले पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस दिया, जिसे जूलियो एनसिसो ने हेडर के जरिए गोल में बदल दिया। इस गोल ने जर्मनी पर दबाव बढ़ा दिया। हालांकि दूसरे हाफ में जर्मनी ने वापसी की। 52वें मिनट में फ्लोरियन विर्ट्ज के बेहतरीन क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
इंजरी टाइम के 102वें मिनट में जर्मनी को जीत दिलाने वाला मौका मिला, जब जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गेंद को गोल में पहुंचाया। लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की जांच के बाद यह गोल रद्द कर दिया गया। जांच में पाया गया कि वाल्डेमार एंटोन ने गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का दिया था। इसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा। यहां पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार प्रदर्शन किया और दो पेनल्टी रोककर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। जोस कैनाले ने सडन डेथ में निर्णायक पेनल्टी गोल किया।
गिल ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम ने जर्मनी के हर खिलाड़ी और उसकी रणनीति का पहले से अध्ययन किया था। उन्होंने कहा कि इसी तैयारी का फायदा मिला और पूरी टीम की मेहनत से यह जीत संभव हो सकी। पराग्वे के खिलाड़ी जोस कैनाले ने भी टीम की एकजुटता को जीत की वजह बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दबाव के समय अपना असली खेल दिखाया और यह जीत पूरे देश के लिए खास है।
दूसरी ओर जर्मनी के काई हैवर्ट्ज ने हार पर निराशा जताते हुए कहा कि टीम की इस वर्ल्ड कप से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे मौके बनाने और मैच की गति को अपने पक्ष में करने में संघर्ष करते रहे।
24 साल बाद पराग्वे ने लिया पुरानी हार का बदला
जर्मनी और पराग्वे के बीच यह वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा मुकाबला था। इससे पहले 2002 वर्ल्ड कप में जर्मनी ने पराग्वे को 1-0 से हराया था। करीब दो दशक से ज्यादा समय बाद पराग्वे ने उस हार का जवाब देते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया। पराग्वे के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम पिछले पांच नॉकआउट मुकाबलों में गोल करने में असफल रही थी। इससे पहले उसने 2010 वर्ल्ड कप में जापान को पेनल्टी शूटआउट में हराकर नॉकआउट मुकाबला जीता था।
जर्मनी के लिए यह हार और ज्यादा निराशाजनक रही क्योंकि 2014 वर्ल्ड कप फाइनल जीतने के बाद पहली बार टीम किसी नॉकआउट मैच में उतरी थी। पिछली दो विश्व कप प्रतियोगिताओं में जर्मनी ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया था।
मार्टिनेली के आखिरी मिनट के गोल से ब्राजील की रोमांचक जीत
ह्यूस्टन में खेले गए दूसरे मुकाबले में ब्राजील और जापान आमने-सामने थे। पांच बार की चैंपियन ब्राजील को शुरुआत से ही जापान ने कड़ी टक्कर दी। जापान ने 29वें मिनट में शानदार गोल करके ब्राजील को दबाव में डाल दिया। मिडफील्ड में ब्राजील की गलती का फायदा उठाते हुए काइशू सानो ने लंबी दूरी से दाएं पैर का शानदार शॉट लगाया, जो सीधे गोल में पहुंच गया। जापान की इस बढ़त ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया।
ब्राजील ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाया और 56वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर के जरिए गोल किया। इससे पहले भी कासेमिरो के एक हेडर को जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक दिया था। इसके बाद ब्राजील ने बढ़त लेने की कोशिश जारी रखी। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास गोल करने का अच्छा मौका आया, लेकिन सुजुकी ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को रोक दिया। शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया।
ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को मैदान पर उतारा और यह फैसला निर्णायक साबित हुआ। इंजरी टाइम के छठे मिनट में मार्टिनेली ने गोल करके ब्राजील को 2-1 की बढ़त दिलाई और टीम को जीत के साथ अगले दौर में पहुंचा दिया। एंसेलोटी ने मैच के बाद मार्टिनेली की तारीफ करते हुए कहा कि वह मैदान पर आते ही ऊर्जा और आक्रामकता लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि टीम को आगे भी इसी स्तर का फुटबॉल खेलने की जरूरत है।
उन्होंने ब्राजील की वापसी पर भी खुशी जताई और कहा कि हर टीम से गलतियां होती हैं, लेकिन असली बात यह है कि खिलाड़ी उन गलतियों से कैसे बाहर निकलते हैं। मुकाबले के दौरान कासेमिरो को चोट भी लगी और वह इंजरी टाइम में मैदान से बाहर चले गए। हालांकि उनकी चोट की गंभीरता को लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
इस मैच में ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार नहीं खेले। पिछले मुकाबले में उन्होंने केवल 14 मिनट मैदान पर बिताए थे। एंसेलोटी ने बताया कि नेमार को उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन टीम को उनकी जरूरत महसूस नहीं हुई।
जापान का फिर टूटा सपना, ब्राजील का दबदबा कायम
जापान के लिए यह हार लगातार निराशाजनक रही। टीम अब तक वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में जीत हासिल नहीं कर सकी है। 2018 और 2022 की तरह इस बार भी उसने बढ़त बनाने के बावजूद मैच गंवा दिया। जापान की जीत का सिलसिला भी इस हार के साथ समाप्त हुआ। टीम इससे पहले लगातार 10 मुकाबलों में अजेय रही थी। उसकी पिछली हार सितंबर में अमेरिका के खिलाफ आई थी।
ब्राजील और जापान के बीच खेले गए 15 मुकाबलों में यह ब्राजील की 12वीं जीत रही। दोनों टीमों के बीच दो मैच ड्रॉ रहे हैं, जबकि जापान अब तक सिर्फ एक बार ब्राजील को हरा पाया है। ब्राजील ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने मोरक्को के खिलाफ ड्रॉ खेला और हैती व स्कॉटलैंड को हराकर अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। वहीं जापान ग्रुप एफ में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था।
अब टूर्नामेंट में ब्राजील और पराग्वे दोनों की नजरें अगले मुकाबलों पर हैं, जहां एक तरफ ब्राजील खिताब की ओर अपना सफर जारी रखना चाहेगा, वहीं पराग्वे इस ऐतिहासिक जीत के बाद बड़े सपने के साथ मैदान में उतरेगा।




