फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में नॉकआउट दौर की तस्वीर लगातार साफ होती जा रही है। बुधवार को खेले गए मुकाबलों में पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। वहीं सह-मेजबान मैक्सिको ने इक्वाडोर को मात देकर चार दशक बाद किसी वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में जीत हासिल की। इससे पहले मंगलवार रात नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
फ्रांस की जीत के हीरो स्टार खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे रहे, जिन्होंने मुकाबले में दो गोल दागे। उनके अलावा ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल किया। दूसरी ओर नॉर्वे की जीत में एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने अहम भूमिका निभाई। मैक्सिको के लिए जूलियन क्विन्योनेस और राउल जिमेनेज ने गोल किए और टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
अब अगले दौर में फ्रांस का मुकाबला 5 जुलाई को पैराग्वे से होगा। वहीं नॉर्वे 6 जुलाई को पांच बार की वर्ल्ड कप विजेता ब्राजील से भिड़ेगा। मैक्सिको की अगली चुनौती इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी।
एमबाप्पे ने तोड़े कई रिकॉर्ड, वर्ल्ड कप में रचा नया इतिहास
स्वीडन के खिलाफ फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं। उन्होंने मैच के 45वें मिनट और 74वें मिनट में गोल करके टीम की जीत को आसान बना दिया। इस टूर्नामेंट में यह तीसरी बार है जब एमबाप्पे ने एक मैच में दो गोल किए हैं।
इस शानदार प्रदर्शन के साथ एमबाप्पे के इस वर्ल्ड कप में कुल छह गोल हो गए हैं और उन्होंने गोल्डन बूट की रेस में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। इतना ही नहीं, उन्होंने वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
एमबाप्पे के नाम अब वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में 10 गोल हो चुके हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ियों लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वहीं पूरे वर्ल्ड कप करियर में उनके गोलों की संख्या 18 पहुंच गई है। वह मेसी के 19 गोल के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं।
फ्रांस का पूरा दबदबा, ओलिसे और बारकोला ने भी दिखाया कमाल
स्वीडन के खिलाफ मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। टीम ने पूरे मैच में 25 शॉट लगाए, जबकि स्वीडन सिर्फ सात बार ही गोल की कोशिश कर सका। पहले हाफ में भी फ्रांस ने 15 शॉट लगाए और स्वीडन केवल तीन प्रयास कर पाया।
मुकाबले में एमबाप्पे और माइकल ओलिसे के शानदार प्रयासों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। दोनों खिलाड़ियों के कुछ बेहतरीन शॉट पोस्ट से टकराए, लेकिन इसके बाद एमबाप्पे ने मिले मौके को गोल में बदलकर फ्रांस को बढ़त दिलाई।
दूसरे हाफ में ऑरेलियन चुआमेनी ने गेंद जीतकर ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने बेहतरीन मूव बनाते हुए गेंद ब्रैडली बारकोला तक पहुंचाई और बारकोला ने गोल कर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। मैच का तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला के तालमेल से आया, जिसे एमबाप्पे ने पूरा किया।
फ्रांस ने इस टूर्नामेंट में अब तक शानदार संतुलन दिखाया है। टीम ने 13 गोल किए हैं और सिर्फ दो गोल ही गंवाए हैं। माइकल ओलिसे भी टीम के लिए बेहद प्रभावी रहे हैं और वह अब तक पांच गोल में असिस्ट कर चुके हैं।
मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच
फ्रांस के मुख्य कोच दिदिए देशां के लिए यह मुकाबला भावनात्मक भी रहा। अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद वह टीम के साथ जुड़े। मैच खत्म होने के दौरान जब एमबाप्पे को मैदान से बाहर बुलाया गया तो देशां ने झुककर उनका सम्मान किया।
टीम के प्रदर्शन से साफ है कि फ्रांस खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल है। खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आक्रामक खेल ने विपक्षी टीमों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
नॉर्वे ने पहली बार जीता वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबला
नॉर्वे और आइवरी कोस्ट के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। नॉर्वे ने इतिहास रचते हुए पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण का मैच जीत लिया। टीम ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।
नॉर्वे के लिए पहला गोल एंटोनियो नुसा ने 39वें मिनट में किया। उन्होंने पेनल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया। यह उनका वर्ल्ड कप में पहला गोल था।
हालांकि आइवरी कोस्ट ने हार नहीं मानी और दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की। 74वें मिनट में अमाद डियालो ने शानदार गोल करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया। उन्होंने निकोलस पेपे के साथ शानदार तालमेल के बाद बाएं पैर से बेहतरीन फिनिश किया।
इसके बाद मैच के 86वें मिनट में एरलिंग हालैंड ने नॉर्वे के लिए निर्णायक गोल कर दिया। पैट्रिक बर्ग ने शानदार खेल दिखाते हुए कई डिफेंडरों को अपनी ओर खींचा और हालैंड को मौका दिया, जिसे उन्होंने आसानी से गोल में बदल दिया।
इस वर्ल्ड कप में हालैंड का यह पांचवां गोल है। आखिरी मिनटों में आइवरी कोस्ट ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन नॉर्वे के गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव करते हुए टीम की जीत पक्की कर दी।
मैक्सिको ने 40 साल बाद नॉकआउट मुकाबला जीता
सह-मेजबान मैक्सिको ने भी अपने फैंस को बड़ी खुशी दी। टीम ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज की।
इससे पहले मैक्सिको ने 1986 में अपने घरेलू वर्ल्ड कप में बुल्गारिया को हराकर नॉकआउट मैच जीता था। उसके बाद टीम को लगातार कई वर्ल्ड कप में नॉकआउट मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था।
मैक्सिको ने इस मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। जूलियन क्विन्योनेस ने 22वें मिनट में गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 31वें मिनट में राउल जिमेनेज ने दूसरा गोल दागकर जीत लगभग तय कर दी।
मैच के इंजरी टाइम में इक्वाडोर के पिएरो हिनकापिए को रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं।
मैक्सिको फैंस को लेकर विवाद भी सामने आया
मैच से पहले इक्वाडोर की टीम ने FIFA से शिकायत की थी कि मैक्सिको के समर्थकों ने उनकी नींद खराब करने की कोशिश की। आरोप था कि होटल के बाहर फैंस ने हॉर्न, ढोल, मोटरसाइकिल, कार और तेज संगीत के जरिए माहौल बनाया।
मैच के दौरान भी मैक्सिको समर्थकों के एक विवादित नारे को लेकर चर्चा हुई। इक्वाडोर के गोलकीपर के गोल किक लेने के दौरान यह नारा सुनाई दिया। इससे पहले भी इस नारे को लेकर मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर FIFA कार्रवाई कर चुका है।
वर्ल्ड कप 2026 में अब मुकाबले और रोमांचक होते जा रहे हैं। फ्रांस, नॉर्वे और मैक्सिको की जीत ने टूर्नामेंट में नई कहानी लिख दी है, जबकि बड़े सितारे एमबाप्पे और हालैंड अपने प्रदर्शन से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।




