फिलीपींस के पलावान प्रांत में बुधवार शाम एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया। लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्र कोरोन के पास यात्रियों से भरी एक फेरी अचानक आग की चपेट में आ गई। घटना के बाद समुद्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। फिलीपींस कोस्ट गार्ड के मुताबिक हादसे में कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 87 लोग अभी तक लापता बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद कोस्ट गार्ड, बचाव दल और संबंधित एजेंसियों ने बड़े स्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव अभियान अभी जारी है और जैसे-जैसे समुद्र में तलाशी आगे बढ़ेगी, मृतकों, सुरक्षित निकाले गए लोगों और लापता यात्रियों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
कोरोन के पास हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक जिस समय फेरी में आग लगी, उस वक्त जहाज पलावान प्रांत के कोरोन इलाके की ओर बढ़ रहा था। यह जहाज तट से करीब 1.2 नॉटिकल मील यानी लगभग 2.2 किलोमीटर दूर समुद्र में था। अचानक आग लगने के बाद जहाज से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते फेरी का बड़ा हिस्सा आग की लपटों से घिर गया।
हादसे की सूचना मिलते ही फिलीपींस कोस्ट गार्ड सक्रिय हो गया। समुद्र में मौजूद बचाव टीमों ने यात्रियों को बाहर निकालने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास शुरू किया। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाकों में भी राहत दलों को लगाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक पांच लोगों के शव समुद्र से निकालकर तट तक पहुंचाए जा चुके हैं। वहीं दर्जनों यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों का अभी कोई पता नहीं चल पाया है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
जहाज में 134 लोग थे सवार
कोस्ट गार्ड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हादसे के समय फेरी पर कुल 134 लोग मौजूद थे। इनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 117 यात्री जहाज पर सवार थे, जबकि 27 लोग क्रू का हिस्सा थे।
बचाव अभियान के दौरान अभी तक 42 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अधिकारियों के अनुसार इनमें 38 यात्री और 4 क्रू सदस्य शामिल हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर 87 लोगों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंकड़े अंतिम नहीं हैं। बचाव अभियान लगातार चल रहा है और समुद्र में तलाशी के साथ स्थिति की तस्वीर और साफ हो सकती है।
आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी
फेरी में आग लगने की घटना से जुड़े वीडियो को फिलीपींस कोस्ट गार्ड ने अपने फेसबुक पेज पर साझा किया है। वीडियो में जहाज समुद्र के बीच आग की तेज लपटों से घिरा दिखाई देता है। जहाज से निकलता हुआ घना धुआं भी नजर आता है।
इस घटना ने समुद्री यात्रा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा कर दी है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों की प्राथमिकता यात्रियों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालना है। इसके बाद घटना के कारणों की जांच की जाएगी।
कोस्ट गार्ड की कैप्टिन नोएमी कायाब्याब ने एक स्थानीय रेडियो स्टेशन से बातचीत में बताया कि बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनके मुताबिक अब तक सामने आए आंकड़ों के आधार पर 42 लोगों को बचाया गया है और पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस हिसाब से 87 लोग अभी भी लापता हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ये आंकड़े अभियान के दौरान बदल सकते हैं, क्योंकि समुद्र में तलाशी अभी पूरी नहीं हुई है और बचाए गए लोगों से भी विस्तृत जानकारी जुटाई जानी बाकी है।
बचाए गए यात्रियों से अभी पूरी जानकारी नहीं मिली
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित निकाले गए लोगों में 38 यात्री और चार क्रू मेंबर बताए गए हैं। हालांकि अधिकारियों के लिए यात्रियों की पूरी सूची और उनकी स्थिति की पुष्टि करना फिलहाल चुनौती बना हुआ है।
कैप्टिन नोएमी कायाब्याब ने बताया कि बचाए गए लोगों से अभी तक विस्तृत बातचीत नहीं हो पाई है। हादसे के बाद उनकी स्थिति और परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल उनसे पूरी जानकारी हासिल करना संभव नहीं था। इसलिए यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जहाज पर मौजूद कौन-कौन लोग सुरक्षित हैं और किन लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
बचाव दल समुद्र में अलग-अलग हिस्सों में तलाश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर संसाधनों को और बढ़ाया जा सकता है।
मनीला से कोरोन जा रही थी फेरी
समुद्री जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले मरीनट्रैफिक के ट्रैकिंग डेटा के अनुसार हादसे का शिकार हुई फेरी M/V जून एस्टर थी। यह जहाज मनीला से रवाना हुआ था और दक्षिण दिशा में पलावान प्रांत के कोरोन की तरफ जा रहा था।
कोरोन फिलीपींस के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। समुद्र, द्वीपों, चट्टानों और साफ पानी के कारण यह क्षेत्र खास तौर पर लोकप्रिय है। ऐसे में इस हादसे ने स्थानीय पर्यटन और समुद्री परिवहन व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
फेरी में सवार लोगों में कितने यात्री पर्यटक थे और कितने स्थानीय यात्री, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल अधिकारियों की ओर से सामने नहीं आई है। यात्रियों की पहचान और उनकी स्थिति की पुष्टि बचाव अभियान के साथ-साथ की जा रही है।
कोरोन क्यों है इतना लोकप्रिय?
पलावान का कोरोन इलाका अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां समुद्र का साफ पानी, ऊंची चट्टानें और खूबसूरत द्वीप पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। स्कूबा डाइविंग और अन्य समुद्री गतिविधियों के लिए भी यह क्षेत्र खासा प्रसिद्ध है।
मुख्य भूमि से दूर स्थित कोरोन आइलैंड के आसपास का समुद्री क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचाना जाता है। साफ और नीले पानी के कारण यहां पानी के भीतर की दुनिया देखने के लिए बड़ी संख्या में स्कूबा डाइवर्स पहुंचते हैं।
यही वजह है कि मनीला और फिलीपींस के दूसरे हिस्सों से कोरोन की तरफ जाने वाले समुद्री परिवहन का इस्तेमाल स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी करते हैं। हादसे की खबर सामने आने के बाद इलाके में मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है।
तलाश अभियान में जुटी कई टीमें
हादसे के बाद कोस्ट गार्ड की टीमें समुद्र में लापता लोगों की खोज कर रही हैं। बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समुद्र में व्यापक क्षेत्र में फैले यात्रियों का पता लगाना है। आग लगने के बाद कुछ लोग जहाज से समुद्र में कूदे या गिर सकते हैं, इसलिए आसपास के पानी में भी लगातार तलाशी ली जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक बचाव अभियान को शिपिंग कंपनी के साथ मिलकर आगे बढ़ाया जा रहा है। जहाज से संबंधित जानकारी और यात्रियों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि लापता लोगों की पहचान और संख्या को लेकर स्पष्टता हासिल की जा सके।
फिलहाल प्राथमिकता किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति तक पहुंचना है। इसके बाद हादसे के कारण और जहाज की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों की जांच की जाएगी।
आंकड़ों में हो सकता है बदलाव
कोस्ट गार्ड ने लोगों से अपील की है कि आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाए, क्योंकि बचाव अभियान के दौरान आंकड़े लगातार अपडेट हो सकते हैं। अभी 5 मौतों, 42 लोगों के सुरक्षित बचने और 87 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि बचाए गए यात्रियों से विस्तृत जानकारी मिलने के बाद जहाज पर मौजूद लोगों की वास्तविक स्थिति को लेकर और अधिक स्पष्टता आ सकती है। समुद्र में तलाशी अभियान जारी रहने के कारण आने वाले समय में लापता लोगों की संख्या घट सकती है या मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
फिलीपींस में समुद्री परिवहन आम यात्रियों और पर्यटकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस हादसे के बाद फेरी की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन तैयारियों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि इन पहलुओं पर आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही कोई निष्कर्ष सामने आएगा।
फिलहाल पलावान के कोरोन के पास हुए इस हादसे में सबसे बड़ी चिंता उन 87 लोगों को लेकर है, जिनका अब तक पता नहीं चल पाया है। कोस्ट गार्ड और अन्य बचाव दल समुद्र में लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि अभियान के दौरान और लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकेगा।




