रेलवे टिकट घोटाले की कहानी लेकर OTT पर आई नई सीरीज, 7 एपिसोड में दिखेगा ठगी का पूरा खेल

रेलवे टिकट घोटाले की कहानी लेकर OTT पर आई नई सीरीज, 7 एपिसोड में दिखेगा ठगी का पूरा खेल

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते अलग-अलग जॉनर की फिल्में और वेब सीरीज दर्शकों के बीच पहुंचती हैं। इनमें क्राइम, थ्रिलर और स्कैम पर आधारित कहानियों की अपनी अलग लोकप्रियता है। अगर आपको भी ऐसी कहानियां पसंद हैं, जिनमें धोखाधड़ी, पुलिस जांच और अपराध की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं, तो एक नई वेब सीरीज आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। यह सीरीज एक ऐसे घोटाले की कहानी पर आधारित है, जिसका संबंध रेलवे की तत्काल टिकट व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

इस नई सीरीज में कहानी को सिर्फ अपराध करने वाले व्यक्ति के नजरिए से नहीं दिखाया गया है, बल्कि उसके पीछे चल रहे पूरे नेटवर्क और पुलिस की जांच को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है। खास बात यह है कि इसमें ‘मिर्जापुर’ के चर्चित मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा एक अलग तरह के किरदार में दिखाई दे रहे हैं। सात एपिसोड में तैयार की गई यह स्कैम थ्रिलर अब ओटीटी पर स्ट्रीम हो चुकी है।

क्या है इस नई वेब सीरीज का नाम?

जिस सीरीज की चर्चा हो रही है उसका नाम ‘वेटिंग है’ (Waiting Hai) है। लंबे समय से इसकी रिलीज को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता थी। अब यह सीरीज ओटीटी दर्शकों के लिए उपलब्ध है। सीरीज की कहानी रेलवे तत्काल टिकट व्यवस्था में होने वाली कथित धांधली और उसे अंजाम देने वाले शातिर लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है।

कहानी में दिखाया जाता है कि आम यात्रियों के लिए तत्काल टिकट हासिल करना कई बार कितना मुश्किल हो जाता है, जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग तकनीकी और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करके टिकट व्यवस्था का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसी पृष्ठभूमि को अपराध और जांच की कहानी के साथ जोड़ा गया है।

‘वेटिंग है’ को Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है। इसके अलावा यह सीरीज MX Player पर भी उपलब्ध है। यानी स्कैम और क्राइम थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के पास इसे देखने के लिए एक से ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।

सात एपिसोड में आगे बढ़ती है कहानी

यह सीरीज कुल 7 एपिसोड की है। कहानी को छोटे-छोटे हिस्सों में आगे बढ़ाते हुए टिकट घोटाले से जुड़े घटनाक्रम को सामने लाया जाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दर्शकों को इस पूरे मामले में शामिल लोगों और उनके तरीकों के बारे में जानकारी मिलती जाती है।

सीरीज का फोकस रेलवे की तत्काल टिकट प्रक्रिया में होने वाले एक बड़े स्कैम पर है। कहानी में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि किस तरह एक शातिर व्यक्ति सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर दूसरे लोगों को अपने जाल में फंसा सकता है। इसके बाद मामला रेलवे पुलिस की जांच तक पहुंचता है और अपराध की परतें खुलनी शुरू होती हैं।

इस वजह से कहानी में सिर्फ ठगी का एंगल नहीं है, बल्कि पुलिस जांच और अपराधी तक पहुंचने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दर्शकों को एक तरफ स्कैम का तरीका देखने को मिलता है तो दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई कहानी को आगे बढ़ाती है।

दिव्येंदु शर्मा का दिखेगा अलग अंदाज

‘वेटिंग है’ की सबसे बड़ी खासियतों में से एक इसकी स्टार कास्ट है। सीरीज में दिव्येंदु शर्मा अहम भूमिका निभा रहे हैं। दर्शक उन्हें खास तौर पर ‘मिर्जापुर’ के मुन्ना भैया के किरदार के लिए जानते हैं। हालांकि इस बार उनका स्क्रीन कैरेक्टर बिल्कुल अलग है।

सीरीज में दिव्येंदु रेलवे पुलिस के कॉन्स्टेबल सुगम मिश्रा की भूमिका में नजर आते हैं। सुगम मिश्रा कहानी में उस पुलिस व्यवस्था का हिस्सा है, जो रेलवे टिकट से जुड़े इस मामले की तह तक जाने की कोशिश करती है। ऐसे में दिव्येंदु का किरदार कहानी के जांच वाले हिस्से से भी जुड़ा हुआ है।

उनके लिए यह भूमिका इसलिए भी अलग मानी जा सकती है क्योंकि दर्शकों ने उन्हें इससे पहले कई अलग-अलग तरह के किरदारों में देखा है। ‘वेटिंग है’ में उनका कैरेक्टर एक ऐसे पुलिसकर्मी का है, जिसे एक जटिल टिकट घोटाले की सच्चाई तक पहुंचना है।

भुवन अरोड़ा बने हैं स्कैम के मुख्य किरदार

सीरीज में दिव्येंदु शर्मा के साथ भुवन अरोड़ा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भुवन को सीरीज में अफरोज हम्सा के किरदार में देखा गया है। कहानी में अफरोज एक ऐसे शख्स के तौर पर सामने आता है, जो रेलवे की तत्काल टिकट व्यवस्था से जुड़े स्कैम को अंजाम देने के तरीके जानता है।

कहानी के मुताबिक, अफरोज अपने फायदे के लिए दूसरे लोगों को प्रभावित करता है और उन्हें अपने साथ जोड़ता है। इसके बाद पूरा मामला धीरे-धीरे एक बड़े घोटाले का रूप लेता है। जैसे-जैसे रेलवे पुलिस इस केस की जांच करती है, मामले से जुड़े कई पहलू सामने आने लगते हैं।

यही टकराव सीरीज के थ्रिलर हिस्से को आगे बढ़ाता है। एक तरफ स्कैम करने वाला नेटवर्क है और दूसरी ओर उसे पकड़ने की कोशिश में जुटी पुलिस। सात एपिसोड में दोनों पक्षों की गतिविधियों को कहानी के अलग-अलग पड़ावों पर दिखाया गया है।

सीरीज में नजर आएगी मजबूत स्टार कास्ट

‘वेटिंग है’ में सिर्फ दिव्येंदु शर्मा और भुवन अरोड़ा ही नहीं हैं। इसमें हर्षिता गौर, कुमुद मिश्रा और सुनीता राजभर भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देती हैं। अलग-अलग किरदारों के जरिए कहानी को आगे बढ़ाया गया है।

कुमुद मिश्रा जैसे अनुभवी अभिनेता की मौजूदगी भी इस सीरीज को खास बनाती है। वहीं हर्षिता गौर और सुनीता राजभर भी कहानी का हिस्सा हैं। इस तरह सीरीज की कास्ट में युवा और अनुभवी दोनों तरह के कलाकारों को शामिल किया गया है।

कहानी की पृष्ठभूमि रेलवे टिकट व्यवस्था होने के कारण इसमें आम यात्रियों से जुड़े कई पहलुओं को भी जगह मिलती है। टिकट हासिल करने की कोशिश, सिस्टम का इस्तेमाल और उसके भीतर मौजूद संभावित कमियों को अपराध की कहानी के साथ जोड़कर पेश किया गया है।

‘सत्यप्रेम की कथा’ वाले डायरेक्टर ने बनाई सीरीज

‘वेटिंग है’ का निर्देशन समीर विद्वांस ने किया है। हिंदी सिनेमा में समीर विद्वांस को ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी फिल्म के निर्देशन के लिए जाना जाता है। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी मुख्य भूमिकाओं में थे।

अब समीर विद्वांस ने वेब सीरीज के माध्यम से क्राइम और स्कैम की दुनिया को पर्दे पर पेश किया है। इस बार कहानी का आधार किसी पारिवारिक ड्रामा के बजाय रेलवे टिकट से जुड़ा अपराध है। सात एपिसोड में कहानी को विस्तार देने की वजह से किरदारों और जांच के घटनाक्रम को आगे बढ़ने के लिए ज्यादा जगह मिलती है।

रेलवे तत्काल टिकट प्रक्रिया बनी कहानी का आधार

सीरीज का सबसे अहम हिस्सा रेलवे की तत्काल टिकट व्यवस्था है। भारत में बड़ी संख्या में यात्री अचानक यात्रा की जरूरत पड़ने पर तत्काल टिकट बुकिंग का सहारा लेते हैं। ऐसे में टिकटों की मांग काफी ज्यादा होती है। इसी व्यवस्था को कहानी में स्कैम के आधार के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

‘वेटिंग है’ में बताया जाता है कि किस तरह कुछ लोग तत्काल टिकट व्यवस्था का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। कहानी में घोटाले को अंजाम देने वाले तरीके और उसके बाद जांच की प्रक्रिया को क्राइम-थ्रिलर के अंदाज में पेश किया गया है।

अफरोज हम्सा का किरदार इसी पूरे खेल के केंद्र में है। वह किस तरह दूसरे लोगों को अपने प्रभाव में लेता है और इस काम को आगे बढ़ाता है, यह कहानी के प्रमुख हिस्सों में शामिल है। इसके बाद रेलवे पुलिस की कार्रवाई शुरू होती है और मामले की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ती है।

पुलिस जांच के साथ बढ़ेगा सस्पेंस

स्कैम आधारित कहानियों में केवल अपराध दिखाना ही काफी नहीं होता। अपराध का खुलासा कैसे होता है और जांच किस दिशा में जाती है, यह भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ‘वेटिंग है’ में रेलवे पुलिस की जांच को इसी वजह से प्रमुख स्थान दिया गया है।

दिव्येंदु शर्मा का सुगम मिश्रा वाला किरदार इस जांच से जुड़ा है। पुलिस किस तरह मामले को समझती है, संदिग्ध लोगों तक पहुंचती है और घोटाले की वास्तविक तस्वीर सामने लाने की कोशिश करती है, इसे सात एपिसोड में आगे बढ़ाया गया है।

कहानी का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसमें रेलवे टिकट से जुड़े अपराध को आम दर्शकों के लिए परिचित माहौल में रखा गया है। रेलवे और तत्काल टिकट का अनुभव देश में बड़ी संख्या में लोग कर चुके हैं। इसी वजह से सीरीज का मूल विषय दर्शकों को आसानी से समझ आने वाला है।

क्राइम और स्कैम वाली कहानियां पसंद हैं तो हो सकती है पसंद

ओटीटी पर क्राइम थ्रिलर देखने वाले दर्शकों के लिए ‘वेटिंग है’ एक अलग विषय लेकर आई है। आमतौर पर स्कैम आधारित कहानियों में बैंकिंग, शेयर बाजार, ऑनलाइन फ्रॉड या बड़े कारोबारी घोटालों को केंद्र में रखा जाता है। लेकिन यहां रेलवे तत्काल टिकट व्यवस्था को कहानी का आधार बनाया गया है।

सात एपिसोड की यह सीरीज अपराध, ठगी, रेलवे व्यवस्था और पुलिस जांच को एक साथ जोड़ती है। दिव्येंदु शर्मा के प्रशंसकों के लिए भी यह देखना दिलचस्प हो सकता है कि वह इस बार मुन्ना भैया से बिल्कुल अलग पुलिसकर्मी की भूमिका में किस तरह नजर आते हैं।

फिलहाल ‘वेटिंग है’ की स्ट्रीमिंग शुरू हो चुकी है। इसे Amazon Prime Video और MX Player पर देखा जा सकता है। अगर आपको छोटे एपिसोड वाली क्राइम-थ्रिलर कहानियां पसंद हैं और रेलवे से जुड़े किसी अलग तरह के स्कैम की कहानी देखना चाहते हैं, तो यह सीरीज आपके वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है।