हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा

हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है, जिसके कारण प्रदेश में सूखी ठंड का असर देखा जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 21 और 22 अक्टूबर को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है और बर्फबारी की संभावना है। वहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में रातें ठंडी हो रही हैं।
शिमला का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जैसे मैदानी इलाकों का तापमान शिमला से कम रहा, जिससे वहां अधिक ठंड महसूस की गई। वहीं आज सुबह मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इन तीनों जिलों के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया था। मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में रात के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य बना रहेगा। वर्तमान में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक चल रहा है। 21 और 22 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है, और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक पहाड़ों पर अच्छी बारिश या बर्फबारी नहीं होती। हालांकि, 21 और 22 अक्टूबर को किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है और हल्का हिमपात होने की संभावना है। इस दौरान निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा।

नवादा न्यूज: जमीन विवाद में शख्स ने छोटे भाई को लाठियों से पीटकर मार डाला, बचाव में पहुंची पत्नी भी घायल

नवादा न्यूज: जमीन विवाद में शख्स ने छोटे भाई को लाठियों से पीटकर मार डाला, बचाव में पहुंची पत्नी भी घायल <p style=”text-align: justify;”>बिहार के नवादा जिले से धनतेरस के दिन एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. कौवाकोल प्रखंड के मधुरापुर गांव में जमीन विवाद को लेकर बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि बड़े भाई राजू यादव ने अपने छोटे भाई उपेंद्र यादव (45) पर टांगी और लाठियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची उपेंद्र की पत्नी सोना देवी को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>धनतेरस की खुशी बनी मातम में तब्दील</h3>
<p style=”text-align: justify;”>घटना शनिवार की दोपहर उस वक्त हुई जब उपेंद्र यादव अपनी पत्नी के साथ धनतेरस की खरीदारी कर घर लौट रहे थे. घर पहुंचते ही बड़े भाई राजू यादव और उसके दो बेटों ने उन्हें घेर लिया. अचानक हुए हमले में राजू ने टांगी से उपेंद्र के गले पर वार किया और उसके बाद लाठियों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. जब तक उपेंद्र ने दम नहीं तोड़ा, तब तक हमला जारी रहा. पत्नी सोना देवी ने बचाने की कोशिश की, लेकिन उन पर भी लाठियों से हमला कर दिया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सोना देवी ने अस्पताल में मीडिया को दिए बयान में कहा कि हम खुशी-खुशी घर लौट रहे थे, लेकिन घर पहुंचते ही पति को भाई ने मार डाला. मैं बचाने दौड़ी तो उन्होंने मुझे भी नहीं छोड़ा. मेरी आंखों के सामने सब खत्म हो गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>छह महीने पहले दिल्ली से लौटा था मृतक</h3>
<p style=”text-align: justify;”>ग्रामीणों के अनुसार उपेंद्र यादव छह महीने पहले दिल्ली से लौटा था, जहां वह ट्रक चलाकर परिवार का खर्च चलाता था. गांव में चार कट्ठा जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. पंचायत बैठने के बाद भी विवाद नहीं सुलझा और आखिरकार यह खूनी संघर्ष में बदल गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>दीवाली पर गांव में पसरा मातम</h3>
<p style=”text-align: justify;”>मृतक उपेंद्र यादव के परिवार में मातम का माहौल है. उनके छोटे-छोटे बच्चे बिलख रहे हैं और बूढ़े माता-पिता सदमे में हैं. गांव में सन्नाटा पसरा है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>आरोपी की जांच में जुटी पुलिस&nbsp;</h3>
<p style=”text-align: justify;”>कौवाकोल थाने के प्रभारी उमाशंकर सिंह ने बताया कि यह पारिवारिक विवाद का मामला है. मृतक की पत्नी का बयान दर्ज कर लिया गया है. आरोपी राजू यादव और उसके दो बेटे फरार हैं. पुलिस की टीमें छापेमारी में जुटी हैं और 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का भरोसा दिया गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि बिहार में जमीन विवाद से उपजती हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को भी उजागर करती है.</p>

JNU में हंगामा: 9 छात्राओं समेत 28 स्टूडेंट्स हिरासत में, झड़प में 6 पुलिसकर्मी घायल

JNU में हंगामा: 9 छात्राओं समेत 28 स्टूडेंट्स हिरासत में, झड़प में 6 पुलिसकर्मी घायल <p style=”text-align: justify;”>जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शनिवार (18 अक्टूबर) की शाम छात्रों और पुलिस के बीच जोरदार टकराव हो गया. यह झड़प उस वक्त हुई जब छात्र वेस्ट गेट के पास पुलिस के लगाए बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने 28 छात्रों को हिरासत में ले लिया. इनमें 19 लड़के और 9 लड़कियां शामिल थीं&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, घटना शनिवार शाम करीब 6.00 बजे की है. बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक फैसलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में मार्च निकाल रहे थे. छात्रों ने जैसे ही कैंपस के वेस्ट गेट से बाहर निकलने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए. इसके बाद छात्रों ने इन बैरिकेड्स को हटाने का प्रयास किया और इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>4 पुरुष और 2 महिला पुलिसकर्मी घायल</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पुलिस ने बताया कि कई बार छात्रों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने निर्देशों की अनदेखी की और आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. इस दौरान हुई झड़प में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें चार पुरुष और दो महिला कर्मचारी शामिल हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. पुलिस ने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए छात्रों को हिरासत में लिया गया है और अब आगे उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के साथ बातचीत के कई प्रयास किए गए थे, लेकिन उन्होंने प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं किया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>जबरन हॉस्टल खाली कराने का आरोप, यूनिवर्सिटी ने बताई वजह</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दूसरी ओर, छात्रों का कहना है कि वे अपने साथियों को हॉस्टल खाली करने के नोटिस और उन पर लगाए गए जुर्माने के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के हितों को नजरअंदाज किया और उन्हें बिना ठोस कारणों के सजा दी गई.</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रसंघ अध्यक्ष और अन्य छात्रों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया था, जिस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई बनती थी. हालांकि, छात्रों के भविष्य को देखते हुए केवल 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>शनिवार शाम से तनाव का माहौल</h3>
<p style=”text-align: justify;”>घटना के बाद से कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है और वेस्ट गेट के आसपास अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है. फिलहाल प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि आगे कोई अप्रिय घटना न हो.</p>

पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन, भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार DIG हरचरण सिंह भुल्लर सस्पेंड

पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन, भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार DIG हरचरण सिंह भुल्लर सस्पेंड <p style=”text-align: justify;”>पंजाब सरकार ने भष्टाचार के मामले में गिरफ्तार DIG हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है. गृह विभाग ने शनिवार रात इस सम्बन्ध में आदेश जारी किया. भूलर को 16 अक्टूबर को 8 लाख की रिश्वत मामले में CBI ने गिफ्तार किया था. सीबीआई को भुल्लर के घर से 7.5 करोड़ कैश और 2.5 किलो सोना बरामद हुआ था, यही नहीं करोड़ों रुपए की कीमती घडिया और मंहगी शराब भी बरामद हुई थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हरचरण सिंह भुल्लर पर आरोप हैं कि वो अपने सहयोगी कृष्णा की मदद से रेंज के&nbsp; जिलों से वसूली करते थे. सीबीआई को मिली एक शिकायत के बाद छापेमारी का प्लान बनाया गया. फिलहाल इस मामले ने पंजाब पुलिस में भ्रष्टाचार की व्याप्त जड़ों को उजागर कर दिया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>गिरफ्तारी के 48 घंटों बाद ऑटोमैटिक निलंबन</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>गृह विभाग द्वारा जारी नोटिस में 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर को ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स 3(2) के तहत सस्पेंड कर दिया गया है. यह कार्रवाई 16 अक्टूबर को उनकी गिरफ्तारी के 48 घंटे बीतने के बाद की गई, जब वे सीबीआई की हिरासत में थे.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>7.5 करोड़ कैश और सोना बरामद</h3>
<p style=”text-align: justify;”>स्क्रैप डीलर आकाश बट्टा की शिकायत पर सीबीआई ने 16 अक्टूबर को छापा मारा था. बट्टा ने आरोप लगाया था कि DIG भुल्लर ने 2023 के एक मामले में सेटल करने के लिए उनसे 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. जिसकी पुष्टि भी फोन कॉल से हुई है. सीबीआई की छापामार कार्रवाई 21 घंटे तक चली. जिसमें भुल्लर के घर से 7.5 करोड़ कैश, 2.5 किलो सोना, अलग-अलग महंगे लग्जरी ब्रांड की 26 घडियां , 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी दस्तावेज, BMW और मर्सडीज जैसी कारें, रिवाल्वर और विदेशी शराब भी बरामद की है. भुल्लर पर भ्रष्टाचार अधिनियम में FIR दर्ज की गयीं हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>2024 में रोपड़ रेंज का चार्ज लिया </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>आईपीएस हरचरण सिंह भुल्लर नवम्बर 2024 में रोपड़ रेंज में डीआईजी नियुक्त हुए थे. भुल्लर पंजाब के पूर्व डीजीपी महाल सिंह भुल्लर के बेटे हैं. उनके भाई कुलदीप भुल्लर कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं.फिलहाल उन्हें सीबीआई कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.</p>

दिवाली से पहले गाजियाबाद में AQI 334, सांस लेना मुश्किल:देश के 5 में से UP के 4 शहर सबसे अधिक प्रदूषित, नोएडा दूसरे नंबर पर

दिवाली से पहले गाजियाबाद में AQI 334, सांस लेना मुश्किल:देश के 5 में से UP के 4 शहर सबसे अधिक प्रदूषित, नोएडा दूसरे नंबर पर एनसीआर में दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। चौथे दिन भी गाजियाबाद की हवा बेहद जहरीली बनी हुई है। पूरे देश में यूपी के एनसीआर शहरों की हालत सबसे गंभीर मानी जा रही है। गाजियाबाद पहले नंबर पर है। उसके बाद नोएडा की हवा भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। पिछले चार दिनों से गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार बढ़ रहा है। रविवार को AQI 334 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 314 था। देशभर में गाजियाबाद का AQI सबसे अधिक है। देखिए दो तस्वीरें सुबह से सांस लेने में हो रही परेशानी सुबह और रात के समय हल्की ठंड पड़ रही है। रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पर हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हालात में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गाजियाबाद के बाद नोएडा, मुजफ्फरनगर और हापुड़ की हवा भी बेहद खराब श्रेणी में है। देश के पांच प्रमुख शहरों में चार यूपी के हैं। बल्लभगढ़ की हवा भी खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। सोमवार को हवा और खराब होने का अनुमान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का पूर्वानुमान है कि सोमवार को हवा और भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। ऐसे में सांस संबंधी रोगियों के लिए यह और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और अस्वस्थता जैसी समस्या हो सकती है। गाजियाबाद का लोनी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां AQI 344 दर्ज किया गया, जो रेड जोन में आता है। वसुंधरा में AQI 324 और इंदिरापुरम में 233 दर्ज हुआ। संजय नगर में AQI 335 पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और बाहर लंबे समय तक रहने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, प्रशासन ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। देश में सबसे अधिक AQI वाले 5 शहर यूपी के प्रमुख व एनसीआर के जिलों का AQI अभी ग्रेप-वन लागू है बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर लोनी और शहर क्षेत्र में कार्रवाई की जा रही है। प्रदूषण विभाग की टीम ने अभियान चलाकर पिछले 4 दिनों में 23 फैक्ट्रियों को सील किया है। अभी ग्रेप-वन लागू है, जहां नगर निगम द्वारा छिड़काव किया जा रहा है। ग्रेप-वन में सड़क के किनारे भोजनालयों और रेस्‍तराओं में कोयले के इस्‍तेमाल पर रोक होती है। साथ ही इस दौरान खुले में कचरा जलाने पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है। ये हैं शहरों में पॉल्यूशन के बड़े कारण

Bihar Election 2025: 11 साल तक सस्पेंड रहे साबिर अली को JDU ने अचानक दिया टिकट! क्या है वजह?

Bihar Election 2025: 11 साल तक सस्पेंड रहे साबिर अली को JDU ने अचानक दिया टिकट! क्या है वजह? <p style=”text-align: justify;”>बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जनता दल (यूनाइटेड) ने शनिवार (18 अक्टूबर) को एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए राज्यसभा के पूर्व सदस्य साबिर अली को अमौर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. दिलचस्प बात यह है कि यही साबिर अली वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिए गए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद(यू) ने यह घोषणा अचानक एक बयान जारी कर की. इससे दो दिन पहले तक इस सीट से सबा जफर को उम्मीदवार बनाया गया था, जिन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में दूसरा स्थान हासिल किया था. लेकिन अब पार्टी ने उन्हें हटाकर साबिर अली को टिकट दे दिया है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अंतिम समय पर उम्मीदवार बदलने का कारण क्या था.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>जद(यू) में दोबारा शामिल हुए साबिर अली</h3>
<p style=”text-align: justify;”>साबिर अली शनिवार को पूर्णिया जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से जद(यू) में दोबारा शामिल हुए. इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करीबी और राज्य मंत्री लेशी सिंह मौजूद थीं. लेशी सिंह पास की धमदहा सीट से लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में उतर रही हैं. साबिर अली का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. उन्होंने राजनीति की शुरुआत लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से की और इसी पार्टी से राज्यसभा पहुंचे. बाद में वे जद(यू) में आए और लगातार दूसरा कार्यकाल भी मिला. लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करने पर नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. उस समय जद(यू) ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ रखा था.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>निष्कासन के बाद बीजेपी में शामिल हुए थे साबिर अली</h3>
<p style=”text-align: justify;”>निष्कासन के बाद साबिर अली बीजेपी में शामिल हुए, लेकिन कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उन पर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी यासीन भटकल से संबंध होने का आरोप लगाया, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. हालांकि 2015 में वे दोबारा बीजेपी में लौटे और 2021 में पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>अमौर सीट से चुनाव लड़ेंगे साबिर</h3>
<p style=”text-align: justify;”>अब 11 साल बाद, साबिर अली एक बार फिर नीतीश कुमार की पार्टी में लौट आए हैं और उन्हें अमौर सीट से चुनाव लड़ने का मौका मिला है. इस सीट पर उनका मुकाबला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के विधायक अख्तरुल इमान से होगा, जो इस समय बिहार में ओवैसी की पार्टी के एकमात्र विधायक हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>राजनीतिक हलकों में इसे नीतीश कुमार की रणनीतिक चाल माना जा रहा है – एक ओर अल्पसंख्यक वोटों को साधने की कोशिश, वहीं पुराने सहयोगियों को फिर से साथ लाने का संकेत.</p>

सीबीआई ने डीआईजी भुल्लर का रिमांड क्यों नहीं लिया:सुखबीर बादल ने उठाए सवाल, पंजाब सरकार को भी घेरा, मामले को दबाने की कोशिश

सीबीआई ने डीआईजी भुल्लर का रिमांड क्यों नहीं लिया:सुखबीर बादल ने उठाए सवाल, पंजाब सरकार को भी घेरा, मामले को दबाने की कोशिश पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत केस में सीबीआई ने अरेस्ट किया। जबकि उनके घर से करोड़ों रुपए और ज्वेलरी मिली है। लेकिन अदालत में एजेंसी ने एक दिन का भी रिमांड नहीं लिया है। अब इसी मामले पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर रिमांड क्यों नहीं मांगा गया। वहीं, पंजाब सरकार इस मामले में चुप है। क्या इस पूरे मामले को दबाने या किसी को बचाने की कोशिश की जा रही है? सुखबीर बादल ने अपने साेशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर, मुख्य रूप से तीन प्वाइंट उठाएं हैं, जो कि इस प्रकार है – 1. 48 घंटे से चुप क्यों बैठे हैं -पंजाब में एक डीआईजी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया और सीबीआई की तलाशी में 7.5 करोड़ रुपए नकद, 2.5 किलो सोना, 25 लग्ज़री घड़ियां और 50 से ज़्यादा अचल संपत्तियों के डॉक्यूमेंट बरामद हुए।इन तस्वीरों ने राज्य में सभी को चौंका दिया है, लेकिन गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री 48 घंटे बीत जाने के बाद भी चुप हैं! क्यों? सीबीआई ने रिमांड क्यों नहीं लिया विजिलेंस (मुख्यमंत्री के नेतृत्व में) क्या कर रहा था या क्या उन्हें मुख्यमंत्री के निर्देश पर आंखें मूंद लेनी थीं?एक और अभूतपूर्व घटना जिसने राज्य के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, वह यह है कि इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद सीबीआई ने डीआईजी की एक दिन की भी पुलिस रिमांड नहीं मांगी! पैसा किसकी तिजोरी भरने के लिए था हमें कैसे पता चलेगा कि पैसा कहां से आया और आखिरकार किसकी तिजोरी भरने के लिए था? क्या कोई कवरअप और सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है?

कांग्रेस नेता पूनम पंडित और सपा नेता दीपक गिरी की सगाई विवादों में, गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाए गए

कांग्रेस नेता पूनम पंडित और सपा नेता दीपक गिरी की सगाई विवादों में, गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाए गए <p style=”text-align: justify;”>मेरठ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) युवक सभा के जिलाध्यक्ष दीपक गिरी और किसान आंदोलन से चर्चाओं में आईं कांग्रेस नेता पूनम पंडित की सगाई विवादों में घिर गई है. दोनों नेताओं की सगाई के बाद ऐसा विवाद उठा कि दीपक गिरी को अपने पार्टी पद से ही हटा दिया गया. फिलहाल, दीपक गिरी और उनपर आरोप लगाने वाली महिला के बीच सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>गौरतलब है सपा नेता दीपक गिरी ने 15 अक्टूबर को कांग्रेस नेता पूनम पंडित से सगाई की थी. सगाई समारोह की तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर की थीं. अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को मवाना में उनके घर पर एक महिला दुर्गेश नंदिनी पहुंची और जोरदार हंगामा किया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>महिला ने सपा नेता के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप</h3>
<p style=”text-align: justify;”>इसके बाद दुर्गेश ने 26 मिनट का वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया, जिसमें उसने दीपक गिरी पर चार साल तक शारीरिक और मानसिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया. साथ ही एक समझौता करने का एक कथित एफिडेविड भी सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें दीपक गिरी और महिला ने अपने संबंधों का जिक्र करते हुए आपस में शादी की बात कही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह दुर्गेश नंदिनी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. इसके बाद मामला बढ़ने पर पार्टी ने तत्काल संज्ञान लिया और दीपक गिरी को सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष के पद से हटा दिया. यह आदेश प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने जारी किया. हालांकि, पार्टी की ओर से हटाने का औपचारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन माना जा रहा है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप और विवादित वीडियो के वायरल होने के बाद यह कदम उठाया गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>दीपक गिरी ने आरोपों को सिरे से नकारा</h3>
<p style=”text-align: justify;”>घटना के बाद से दीपक गिरी ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा यह सब उनके विरोधियों द्वारा की गई एक साजिश है और दुर्गेश नंदिनी पर भी कई आरोप लगा डाले. फिलहाल, इस मामले में कांग्रेस नेता पूनम पंडित ने भी अब तक चुप्पी साध रखी है. माना जा रहा है कि इस विवाद के चलते कहीं पूनम पंडित और दीपक गिरी की सगाई खतरे में ना पड़ जाए.</p>

कुरुक्षेत्र में पति के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉली ने महिला को कुचला:पड़ोसन भी घायल, बैक करते समय हादसा, आज ऑस्ट्रेलिया से आएंगे बेटा-बेटी

कुरुक्षेत्र में पति के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉली ने महिला को कुचला:पड़ोसन भी घायल, बैक करते समय हादसा, आज ऑस्ट्रेलिया से आएंगे बेटा-बेटी हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में झांसा रोड पर सत्संग में आ रही महिला को ट्रैक्टर ट्राली ने उसके पति के सामने कुचल दिया। पति ट्रैक्टर चालक को रोकने के लिए चिल्लाता रह गया। हादसे में पड़ोस की महिला भी घायल हो गई। घायल को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर महिला की मौत से घर में कोहराम मच गया। महिला के बेटे और बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। मृतक की पहचान आशा नागपाल (40) निवासी धुराला गांव के रूप में हुई। आशा के पति अजय नागपाल गांव में पेंट की दुकान चलाते हैं, जबकि उनका बेटा प्रिंस और बेटी गैवी दोनों ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। परिवार ने देर रात ही उनको सूचना दे दी थी। आज वे ऑस्ट्रेलिया से लौटकर अपनी मां का अंतिम संस्कार करेंगे। सत्संग से लौट रहीं दोनों अजय नागपाल (49) ने पुलिस को बयान दिया कि उसकी पत्नी आशा नागपाल हर रोज राधा स्वामी सत्संग भवन में सेवा करती जाती थी। कल भी सुबह 9 बजे सेवा करने के लिए गई थी। सुबह करीब 10 बजे आशा और उनकी पड़ोसन माया पत्नी सुशील कुमार सेवा करके पैदल घर लौट रही थी। ट्रॉली बैक करते हुए कुचला जैसे ही दोनों पेट्रोल पंप के पास पहुंचीं तो ड्राइवर ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली (HR 07AH-6261) को लापरवाही से बैक करते हुए उन दोनों को कुचल दिया। मैं भी उनके पीछे ही था। उसके जोर-जोर से चिल्लाने पर ड्राइवर ने ट्रैक्टर रोका, लेकिन भीड़ इकट्ठी होते देख ड्राइवर मौके से भाग निकला। अस्पताल में तोड़ा दम अजय ने तुरंत अपनी उनको संभाला और परिवार की मदद से दोनों कुरुक्षेत्र के प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया। यहां उसकी पत्नी आशा नागपाल की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि माया का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने ट्रैक्टर नंबर के आधार पर केस दर्ज कर लिया।

हरियाणा HPSC ने इंटरव्यू शेड्यूल जारी किया:3 से 5 नवंबर तक इंटरव्यू, ​​​​​​​कैमिस्ट्री असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए 2 शिफ्ट

हरियाणा HPSC ने इंटरव्यू शेड्यूल जारी किया:3 से 5 नवंबर तक इंटरव्यू, ​​​​​​​कैमिस्ट्री असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए 2 शिफ्ट हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए इंटरव्यू शैडयूल जारी किया है। कैमिस्ट्री विषय के लिए युवाओं को 3 से 5 नवंबर तक प्रत्येक दिन 2-2 शिफ्टों में इंटरव्यू के लिए आयोग मुख्यालय पर बुलाया है। हरियाणा में HPSC ने advt. No. 43/2024 के तहत कैमिस्ट्री असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भर्ती आयोजित की है। जिसमें 123 पदों के लिए विज्ञापन मांगे गए थे। 123 पदों में 79 पद जनरल, 15 एससी, 13 बीसी व बीसीबी के लिए 5 तथा EWS के लिए 11 पद आरक्षित किए गए थे। विभाग नॉलेज टेस्ट व स्क्रीनिंग टेस्ट की परीक्षाएं आयोजित कर चुका है। जिसमें 232 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए योग्य पाए गए हैं। जिनका 3 से 5 नवंबर तक इंटरव्यू शैड्यूल रखा गया है। कैसे रहेगा इंटरव्यू शैड्यूल 40025 से 41903 के बीच योग्य उम्मीदवारों को 3 नवंबर सुबह की शिफ्ट में, 41924 से 43214 के बीच वालों को 3 नवंबर को 12 बजे रिपोर्ट करना है। 43222 से 44141 के बीच वालों को 4 नवंबर सुबह साढे 8 बजे तथा 44195 से 45558 तक वालों को 4 नवंबर 12 बजे तक रिपोर्ट करना है। 45564 से 46356 तक वालों को 5 नवंबर सुबह साढे 8 बजे तक तथा 46362 से 46945 के बीच पाए गए योग्य उम्मीदवार 5 नवंबर 12 बजे तक रिपोर्ट करेंगे।