अबकी बार डिप्टी सीएम बाहर! अयोध्या दीपोत्सव में को लेकर अखिलेश यादव ने साधा निशाना

अबकी बार डिप्टी सीएम बाहर! अयोध्या दीपोत्सव में को लेकर अखिलेश यादव ने साधा निशाना <p style=”text-align: justify;”>उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव बीजेपी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते. इस बार उन्होंने अपने अंदाज में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए अपनी ही सरकार में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की अनदेखी का आरोप लगाया है. अयोध्या दीपोत्सव में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक का नाम न होने पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कहा कि जिन्हें विज्ञापन में जगह नहीं मिली उनकी सरकार में क्या अहमियत है ?</p>
<p style=”text-align: justify;”>सपा चीफ अखिलेश यादव ने सवाल पूछते हुए कहा कि जनता पूछ रही है क्या बीजेपी सरकार में उप मुख्यमंत्री के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं. यही नहीं उन्होंने अयोध्या सांसद को कार्यक्रम में न बुलाने का भी मुद्दा उठाया है. फिलहाल अभी इस पोस्ट पर बीजेपी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>अखिलेश यादव का पोस्ट </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>रविवार शाम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा..जिनको जगह तक न मिली इश्तहार में, उनकी क्या अहमियत बची सरकार में. जनता पूछ रही है कि उप्र बीजेपी सरकार में &lsquo;उप मुख्यमंत्री&rsquo; के दोनों पद समाप्त कर दिये गये हैं क्या? आश्चर्य की बात ये है कि विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे हैं लेकिन डिप्टी सीएम साहब लोगों के नहीं! कहीं यहाँ भी &lsquo;हाता नहीं भाता&rsquo; या &lsquo;प्रभुत्ववादी सोच&rsquo; तो हावी नहीं हो गयी. एक तरफ डबल इंजन की लड़ाई में कोई एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में किसी को साइड में बैठाकर ऐतिहासिक अपमान कर देता है तो वो महानुभाव आज अपने विज्ञापन में उनको साइड में खड़ा दिखाकर हिसाब बराबर करते दिख रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ &lsquo;मुख्य&rsquo; जी उसी विज्ञापन में अपने &lsquo;उप&rsquo; लोगों का जिक्र तक नहीं करते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बीजेपी में डबल इंजन ही नहीं, इंजन से डबल डिब्बे भी टकरा रहे हैं. बीजेपी सरकार ने अयोध्या के पीडीए सांसद को दीपोत्सव में न बुलाकर जो कृत्य किया है उससे संपूर्ण पीडीए समाज बेहद आहत हुआ है. उस बीजेपी से क्या उम्मीद करना, जो वर्चस्ववादी सोच के अंहकार में डूबी है और अपनों की ही सगी नहीं है. अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर!</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>पहले भी उठाते रहे हैं सवाल </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें कि अखिलेश यादव डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक पर निशाना साधते रहे हैं. लेकिन इस बार इतने बड़े कार्यक्रम में उन्हें नजरअंदाज करने अर बीजेपी सरकार पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.</p>

PM मोदी का हरियाणा प्रोग्राम तय करने में लगी सरकार:CM सैनी की शाह से मुलाकात; IPS सुसाइड केस से कैंसिल हुआ सोनीपत दौरा

PM मोदी का हरियाणा प्रोग्राम तय करने में लगी सरकार:CM सैनी की शाह से मुलाकात; IPS सुसाइड केस से कैंसिल हुआ सोनीपत दौरा हरियाणा में सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रोग्राम तय करने में लगी है। संभव है कि 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होने वाली गीता जयंती के कार्यक्रम प्रधानमंत्री शामिल हों। सीएम सैनी ने पटना में इसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इससे पहले हरियाणा सरकार के एक साल पूरे होने पर 17 अक्टूबर को सोनीपत में प्रधानमंत्री की रैली तय हुई थी, लेकिन बाद में कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था। इसके पीछे का कारण सीनियर आईपीएस ऑफिसर वाई पूरन कुमार की सुसाइड के कारण मचे सियासी घमासान को बताया जा रहा था। सोनीपत में कार्यक्रम रद्द होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोबारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा था। पटना में सीएम ने शाह से की चर्चा हरियाणा सीएम नायब सैनी के बिहार दौरे के दौरान 18 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान भी पीएम मोदी के दौरे को लेकर चर्चा हुई थी। अमित शाह ने मुख्यमंत्री सैनी को पीएम का कार्यक्रम जल्द कराने का आश्वासन दिया था। इससे पूर्व 17 अक्टूबर को सोनीपत में पीएम मोदी की रैली को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। राज्य सरकार इस दिन को एक साल में हासिल की गई उपलब्धियों के उत्सव के रूप में मनाने के साथ सभी सरकारी योजनाओं की झलक दिखाने वाली प्रदर्शनी भी लगवाने वाली थी। तीसरी बार हरियाणा आएंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पिछले एक वर्ष में हरियाणा में यह तीसरा दौरा होगा। 8 दिसंबर 2024 को उन्होंने पानीपत में बीमा सखी योजना का शुभारंभ किया था। इसके बाद 14 अप्रैल 2025 को हिसार में हरियाणा के पहले एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए उड़ान शुरू की और यमुनानगर में 800 मेगावाट बिजली की थर्मल यूनिट का शिलान्यास किया था। अब कुरुक्षेत्र में मोदी का एक साल में तीसरा दौरा होगा।

Fake Voter List: ‘महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में 96 लाख फर्जी नाम’, चुनाव आयोग पर राज ठाकरे का बड़ा आरोप

Fake Voter List: ‘महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में 96 लाख फर्जी नाम’, चुनाव आयोग पर राज ठाकरे का बड़ा आरोप <p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संस्थापक और अध्यक्ष राज ठाकरे ने रविवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची में लगभग 96 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं. रैली के दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> के प्रति अपनी असहमति भी दोहराई. उनकी टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके गठबंधन सहयोगियों, जिनमें <a title=”एकनाथ शिंदे” href=”https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde” data-type=”interlinkingkeywords”>एकनाथ शिंदे</a> के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं, पर लक्षित थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>राज ठाकरे ने चुनाव आयोग से मतदाता सूचियों को शुद्ध करने और राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को तब तक स्थगित करने का आह्वान किया जब तक कि इस सुधार को सभी संबंधित राजनीतिक दलों की स्वीकृति नहीं मिल जाती. मुंबई के गोरेगांव में मनसे के बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने हेरफेर वाले चुनावों को मतदाताओं का सबसे बड़ा अपमान बताया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>96 लाख फर्जी मतदाता जोड़ने का आरोप </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>मनसे प्रमुख ने कहा कि छेड़छाड़ की गई मतदाता सूचियों के साथ चुनाव कराने से जनता की भागीदारी की परवाह किए बिना परिणाम पूर्व निर्धारित हो जाते हैं, उन्होंने इसे एक तयशुदा राजनीतिक मुकाबले जैसा बताया. उन्होंने पूछा कि जब मामला चुनाव आयोग से जुड़ा था तो सत्ताधारी दल इसमें हस्तक्षेप क्यों कर रहे थे, यह सुझाव देते हुए कि यह बात उन्हें इसलिए चुभ गई क्योंकि उन्हें अंतर्निहित हेरफेर के बारे में पता था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>राज ठाकरे ने तर्क दिया कि क्षेत्रीय राजनीतिक संगठनों को हाशिए पर धकेलने की कोशिशें चल रही हैं. उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची में 96 लाख फर्जी प्रविष्टियां जोड़े जाने का पता चला है, जो कथित तौर पर 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले भी अपनाई गई एक रणनीति है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि मुंबई में आठ से दस लाख फर्जी मतदाताओं को शामिल किया गया है, जबकि ठाणे, पुणे और नासिक में भी लगभग इतनी ही संख्या 8 से 8.5 लाख के बीच है. उन्होंने कहा कि चुनावी गणित बुनियादी तौर पर गलत था, और कुछ दलों के सीटें हासिल करने में विफल रहने की आलोचना को खारिज कर दिया, क्योंकि यह व्यापक रूप से समझा जा रहा था कि ये जीत कैसे हासिल की गई थीं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>विधानसभा चुनाव पर उठाए सवाल </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>हाल के विधानसभा चुनावों पर विचार करते हुए, राज ठाकरे ने कहा कि महायुति गठबंधन के 232 विधायकों के चुनाव ने महाराष्ट्र को अविश्वास की स्थिति में डाल दिया है, मतदाता और विजेता दोनों ही आश्चर्यचकित हैं. उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रीय चुनावों में अपनाए जाने वाले तरीके अब सभी के लिए पारदर्शी हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जनसभा में राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी का एक पुराना वीडियो दिखाया, जो विपक्षी दल के कार्यकाल के दौरान का है. इस वीडियो में मोदी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में न रहते हुए भी ऐसी ही शिकायतें की थीं, जिससे पार्टी के वर्तमान नेतृत्व की आलोचना हुई थी.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>ईवीएम और वोटर लिस्ट पर सवाल </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>ठाकरे ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूचियों में विसंगतियां एक पुराना मुद्दा है, जिसे उन्होंने 2016-17 में ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और मतदाता सूचियों से संबंधित बताया था. ये आरोप स्थानीय चुनावों की तैयारियों के तेज होने के साथ ही सामने आ रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं. राज ठाकरे के दावों पर चुनाव आयोग ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है.</p>

अयोध्या के मलिन बस्ती में पहुंचे CM योगी:बच्चे को दुलारा, पूछा- कैसी हो तो बोली- जयश्री राम; फलों की टोकरी भी बांटी

अयोध्या के मलिन बस्ती में पहुंचे CM योगी:बच्चे को दुलारा, पूछा- कैसी हो तो बोली- जयश्री राम; फलों की टोकरी भी बांटी CM योगी ने दिवाली की सुबह यानी 20 अक्टूबर को राम मंदिर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मलिन बस्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों से मुलाकात की। एक बच्चे से मुलाकात के दौरान पूछा कैसी हो तो उसने कहा- जयश्री राम। इसके बाद परिवार के लोगों को फलों की टोकरी दी। जबकि छोटे बच्चों को दुलारा और उन्हें चॉकलेट दिया। CM योगी ने कहा-दिवाली के अवसर पर मैं यहां के सभी बहनों और भाइयों को दिवाली की शुभकामनाएं देने और राज्य सरकार की ओर से उन्हें मिठाई बांटने आया हूं। मैं यह देखकर बहुत प्रभावित हूं कि आपका मोहल्ला इतना साफ़ है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने प्रत्येक भारतीय से स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया है। मैंने अभी हनुमान गढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया है। दिवाली के अवसर पर, आप आज शाम पटाखे फोड़ेंगे, लेकिन सावधानी और सतर्कता के साथ। आपको अपना ध्यान रखना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि किसी को चोट न लगे। उन्होंने कहा- हर घर में एक दीया अवश्य जलना चाहिए क्योंकि वह दीया अयोध्या का भी प्रतीक बनेगा। इससे पहले सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन पूजन किए। इसके बाद प्राचीन गजेंद्र मंदिर पहुंचे। 3 तस्वीरें देखिए… CM योगी और दिवाली से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए

महाराष्ट्र में ठाकरे बंधुओं की मुलाकात को एकनाथ शिंदे ने बताया नाटक, जानें क्या बोले डिप्टी CM

महाराष्ट्र में ठाकरे बंधुओं की मुलाकात को एकनाथ शिंदे ने बताया नाटक, जानें क्या बोले डिप्टी CM <p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने रविवार (19 अक्टूबर) को ठाकरे बंधुओं की अनौपचारिक मुलाकात को ‘नाटक’ करार दिया. शिंदे ने इसे रिश्तों में सुधार के रूप में प्रचारित किए जाने पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह केवल दिखावा है और राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिंदे ने अंबरनाथ में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अतीत में मराठी नाटक &lsquo;भाऊबंधकी&rsquo; बहुत प्रसिद्ध था, लेकिन अब &lsquo;मनोमिलन&rsquo; का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है. भाऊबंधकी का तात्पर्य भाइयों या रिश्तेदारों के बीच की प्रतिद्वंद्विता से है, जबकि मनोमिलन का अर्थ दिल और दिमाग का मिलन होता है. हालांकि यहां दिखाई दे रहा मनोमिलन केवल बाहरी दिखावे के लिए है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>निकाय चुनावों के लिए गठबंधन बनाने की अटकलें तेज</h3>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना प्रमुख <a title=”एकनाथ शिंदे” href=”https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde” data-type=”interlinkingkeywords”>एकनाथ शिंदे</a> की यह टिप्पणी शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा मुंबई में आयोजित दिवाली समारोह में शामिल होने के बाद आई है. दोनों भाइयों की हाल ही में हुई कई मुलाकातों ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए गठबंधन बनाने की अटकलों को भी तेज कर दिया था.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सभा में शिंदे ने नए आनंद दिघे नाटक प्रेक्षागृह का किया उद्घाटन</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सभा में शिंदे ने नए आनंद दिघे नाटक प्रेक्षागृह का उद्घाटन अपने दिवंगत गुरु और शिवसेना के दिग्गज नेता आनंद दिघे को समर्पित किया. इस अवसर पर उन्होंने शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेतृत्व वाली &lsquo;महायुति&rsquo; सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को भी गिनाया. शिंदे ने कहा कि राज्य में किए जा रहे विकास कार्य और सरकार की नीतियां जनता के हित में हैं और राजनीतिक चालबाजी से प्रभावित नहीं होती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>शिवसेना का उद्देश्य केवल राज्य के विकास पर केंद्रित</h3>
<p style=”text-align: justify;”>शिंदे ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना का उद्देश्य केवल जनहित और राज्य के विकास पर केंद्रित है. उन्होंने नेताओं के बीच दिखावटी मेल-जोल को लेकर जनता को सचेत रहने की अपील की. उनके अनुसार, सत्ता की राजनीति में भावनाओं और रिश्तों का खेल अक्सर जनता के नजरिए से भटकाता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस तरह, ठाकरे बंधुओं की हालिया मुलाकात पर शिंदे ने स्पष्ट रूप से असहमति जताई और इसे केवल राजनीतिक नाटक बताया. उन्होंने जनता से अपेक्षा की कि वह किसी भी प्रकार की मीडिया या राजनीतिक प्रचार के बहकावे में न आए और राज्य के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दे.&nbsp;</p>

पंजाबी सिंगर कौर बी के VIDEO से छेड़छाड़:होटल रेड से भागते दिखाकर किया ट्रोल; सिंगर बोलीं- किसी की मौत तो छोड़ो बेशर्मों

पंजाबी सिंगर कौर बी के VIDEO से छेड़छाड़:होटल रेड से भागते दिखाकर किया ट्रोल; सिंगर बोलीं- किसी की मौत तो छोड़ो बेशर्मों पंजाबी सिंगर कौर बी के वीडियो से छेड़छाड़ हुई है। कुछ समय पहले वह गायक हंसराज हंस की पत्नी के भोग में शामिल हुई थीं, जबकि कुछ शरारती लोगों ने सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक पर उसे गलत जानकारी के साथ पेश कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है। अब सिंगर ने इसका जवाब देते हुए एक पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि पांच छह महीने से वह वीडियो को इग्नोर कर रहीं थी, लेकिन अब दोबारा से इसे किसी ने वायरल करना शुरू कर दिया है। खासकर वे लोग जो बाहर रहते हैं और टिक-टॉक प्रयोग करते हैं, वे इसके बारे में पूछ रहे है। जिस कारण मुझे आज यह पोस्ट डालनी पड़ी है। उन्होंने लिखा- किसी की मौत तो छोड़ो, बेशर्मों, आपके भी परिवार होंगे। वाहेगुरु करें किसी के भी परिवार पर इस तरह का समय न आए। 4 प्वाइंट में सिलसिलेवार रूप में जानें कौर बी का जवाब… भोग के वीडियो को बताया होटल में पुलिस रेड
दरअसल, पूर्व सांसद व सूफी गायक हंसराज हंस की पत्नी रेशम कौर का इस साल अप्रैल महीने में निधन हो गया था। जालंधर के पॉश एरिया मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब में उनका भोग रखा गया था। उसमें कई सिंगर और कलाकार शामिल हुए थे। बी कौर भी उस भोग में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान जब वह गुरुद्वारा साहिब से बाहर आईं तो उन्होंने मीडिया से बचने की कोशिश की, जैसा कई बार कलाकार करते हैं। इसी वीडियो को कुछ शरारती तत्वों ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने उसमें आवाज जोड़कर यह झूठ फैला दिया कि पंजाब पुलिस ने एक होटल में छापा मारा था, जिसमें सिंगर व कुछ लोगों को पकड़ा गया। इस बारे में सिंगर हंसराज हंस के भाई परमजीत सिंह हंस ने एक वीडियो में पूरी सच्चाई बताई है। उन्होंने वीडियो में गलत जानकारी फैलाने वालों को लताड़ा है।

रविवार को दोबारा खोला गया बांके बिहारी मंदिर का खजाना, सोने-चांदी की छड़ियां सहित मिला ये सामान

रविवार को दोबारा खोला गया बांके बिहारी मंदिर का खजाना, सोने-चांदी की छड़ियां सहित मिला ये सामान <p style=”text-align: justify;”>उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देशानुसार शेष निरीक्षण कार्य पूरा करने के लिए मथुरा स्थित बांके बिहारी मंदिर का &lsquo;तोशाखाना&rsquo; (कोषागार) रविवार को लगातार दूसरे दिन खोला गया. मंदिर के 1971 से बंद पड़े खजाने कक्ष को उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के आदेश पर करीब 54 साल बाद शनिवार को खोला गया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के तोशखाना की प्रक्रिया रविवार दोपहर को दोबारा हुई. बता दें कि रविवार को दूसरे दिन बांके बिहारी जी मंदिर में स्थित तोशखाने के निरीक्षण का कार्य दोपहर लगभग 1:00 बजे शुरू किया गया. इस दौरान न्यायालय द्वारा नियुक्त की गई हाई पावर कमेटी के सदस्य और मंदिर के गोस्वामी और मंदिर के सुरक्षा गार्ड मौजूद रहे.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कोषागार में मिली वस्तुओं की तैयार की गई सूची</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बताया गया कि, रविवार को फिर दोबारा से एक बार बांके बिहारी जी मंदिर में बने तोशखाने के गेट को कटर से काटकर खोला गया. उच्चाधिकार प्राप्त समिति के एक अन्य सदस्य दिनेश गोस्वामी के अनुसार, कोषागार के अंदर मिली वस्तुओं की एक विस्तृत सूची तैयार की गई.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>तिजोरी में मिले तांबे के सिक्के सहित कई सामान</h3>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने बताया, ‘एक तिजोरी में तांबे के दो सिक्के और दूसरी में तीन-चार पत्थर मिले. एक बक्से में चांदी की तीन छड़ियां और गुलाल लगी एक सोने की छड़ी भी मिली जो शायद ठाकुर जी द्वारा होली के दौरान इस्तेमाल की जाती थी.’ गोस्वामी ने बताया कि कक्ष के अंदर निरीक्षण कार्य अब पूरा हो गया है और ‘खोजने के लिए कुछ भी नहीं बचा है.'</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>नगर मजिस्ट्रेट ने कार्यवाही पर बोलने से किया इनकार</h3>
<p style=”text-align: justify;”>नगर मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने कार्यवाही पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह आगे की समीक्षा के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति को एक रिपोर्ट सौंपेंगे. उच्चतम न्यायालय के आदेश के पालन में, मंदिर के मामलों की देखरेख करने वाली समिति ने 54 साल बाद शनिवार को अदालत की निगरानी में कोषागार (खजाना) खोला.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शीर्ष ने इस सिलसिले में अपने एक विस्तृत आदेश में इससे पहले इस प्रतिष्ठित मंदिर के दैनिक कार्यों की देखरेख के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अपर ज़िलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पंकज कुमार वर्मा ने कहा, ‘दीवानी न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) की देखरेख में चार गोस्वामी सदस्यों सहित अन्य सदस्यों के साथ खजाने के कमरे को करीब 54 साल बाद शनिवार को खोला गया.&rdquo;</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, &ldquo;कमरा खोलने में कुछ कठिनाई हुई. प्रक्रिया दोपहर एक बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे समाप्त हुई और फिर कमरे को सील कर दिया गया. पीतल के कुछ बर्तन और लकड़ी की वस्तुएं मिलीं और कोई कीमती धातु नहीं मिली. कुछ बक्से और लकड़ी के बक्से भी मिले.'</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>गोस्वामी समुदाय ने किया विरोध</h3>
<p style=”text-align: justify;”>हालांकि, गोस्वामी समुदाय इस कदम का विरोध कर रहा था. उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्य शैलेंद्र गोस्वामी ने कहा कि खजाना खोला ही नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘मैंने इस कदम का विरोध किया और पत्र भी लिखे.'</p>
<p style=”text-align: justify;”>शैलेंद्र गोस्वामी ने कहा, ‘यह एक अंतरिम समिति है, स्थायी नहीं. माननीय उच्चतम न्यायालय ने इसका गठन केवल भक्तों के दर्शन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए किया था. समिति को अन्यत्र हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. वे अनुचित लाभ उठा रहे हैं और अधिकार हड़प रहे हैं. वे खजाना क्यों खोल रहे हैं और वे क्या साबित करना चाहते हैं.'</p>
<p style=”text-align: justify;”>उच्चतम न्यायालय के वकील और मंदिर सेवायत सुमित गोस्वामी ने कहा कि इस तदर्थ समिति को &lsquo;तोशाखाना&rsquo; (कोष कक्ष) खोलने का अधिकार नहीं दिया गया था. उन्हें भक्तों का ध्यान रखना था जिससे ठाकुर जी के दर्शन में आसानी से हो सके.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>गोस्वामी ने खजाना खोलने पर जताई चिंता</h3>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने यह भी बताया कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति के एक गोस्वामी सदस्य श्रीवर्धन गोस्वामी स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित नहीं थे. बांके बिहारी मंदिर के सेवायत ज्ञानेंद्र गोस्वामी ने खज़ाने का कमरा खोलने पर चिंता जताई और कहा कि समिति को पूरी प्रक्रिया और पारदर्शी तरीके से करनी चाहिए थी. उन्होंने यह भी पूछा कि मीडिया को &lsquo;तोशाखाना&rsquo; खोलने की कवरेज करने की अनुमति क्यों नहीं दी गई.</p>

’26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान हैं’, CM योगी का अखिलेश यादव के दीये वाले बयान पर जवाब

’26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान हैं’, CM योगी का अखिलेश यादव के दीये वाले बयान पर जवाब <p style=”text-align: justify;”>समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> ने रविवार को कहा कि जिन लोगों ने कभी आस्था का मजाक उड़ाया और अयोध्या की सड़कों को राम भक्तों और कारसेवकों के खून से रंग दिया, वे अब 26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान हैं. सीएम योगी ने आगे कहा कि स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदायों द्वारा बनाए गए ये दीपक न केवल भक्ति के प्रतीक हैं, बल्कि आजीविका के अवसर भी प्रदान करते हैं, जिसे राम-द्वेषी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दरअसल, सीएम योगी रामकथा पार्क में आयोजित भगवान राम के राज्याभिषेक समारोह में बोल रहे थे, जहां उन्होंने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े पूज्य संतों को सम्मानित भी किया. उनकी यह टिप्पणी अखिलेश यादव द्वारा दिवाली के दौरान दीये और मोमबत्तियां जलाने पर बड़ी रकम खर्च करने की आवश्यकता पर सवाल उठाने से एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म देने के एक दिन बाद आई है. यादव की टिप्पणी पर कई बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिन्होंने उन पर हिंदू परंपराओं का अपमान और भारतीय संस्कृति के प्रति अवमानना दिखाने का आरोप लगाया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा था कि दुनिया भर में, क्रिसमस के दौरान शहर खूबसूरती से जगमगा उठते हैं और यह उत्सवी रोशनी महीनों तक बनी रहती है. हमें इससे प्रेरणा लेनी चाहिए. हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा खर्च करने और इस प्रक्रिया के बारे में ज्यादा सोचने की क्या जरूरत है? हमें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए कि सरकार से क्या अपेक्षा की जाए; शायद इसमें बदलाव किया जाना चाहिए. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में और भी शानदार रोशनियाँ हों.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस बयान से बीजेपी में आक्रोश फैल गया और कई नेताओं ने यादव की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह दिवाली और सनातन परंपराओं के प्रति अपमानजनक रवैया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा, “पूरा देश दिवाली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मना रहा है, खासकर जीएसटी में कटौती के बाद. इसके बावजूद अखिलेश यादव का यह बयान कि उन्हें दिवाली के दीयों में समस्या नजर आती है, बेहद निंदनीय है.” इसी तरह, बीजेपी खेमे के कई नेता अब पूर्व सीएम को निशाना बनाने के लिए विवाद में कूद पड़े हैं और बिहार चुनाव नजदीक आने के साथ ही यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है.<br />&nbsp;</p>

हिमाचल में कनाडा का महिला पैराग्लाइडर लापता:बीड़-बिलिंग से भरी थी उड़ान; त्रिउंड क्षेत्र में फंसे होने की आशंका, हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन शुरू

हिमाचल में कनाडा का महिला पैराग्लाइडर लापता:बीड़-बिलिंग से भरी थी उड़ान; त्रिउंड क्षेत्र में फंसे होने की आशंका, हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन शुरू हिमाचल प्रदेश के धौलाधार की ऊंची चोटियों में कनाडा की एक महिला पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स लापता हो गई हैं। उन्होंने शनिवार सुबह करीब 9:45 बजे बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी, जिसके बाद उनका अब तक कोई सुराग नहीं चल पाया। आशंका है कि वह धौलाधार पर्वत श्रृंखला के ऊपरी धर्मशाला या त्रिउंड क्षेत्र में फंसी हुई हैं। महिला के निर्धारित समय पर लैंडिंग न करने पर हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तत्काल खोज और बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारी शिल्पी बेक्टा ने बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (BPA) को निजी हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए बीड़-बिलिंग और धर्मशाला क्षेत्र में लैंडिंग की विशेष अनुमति दी है। गग्गल एयरपोर्ट को ईंधन भरने के निर्देश कांगड़ा हवाई अड्डा (गग्गल) के निदेशक को भी निर्देश दिए गए कि आवश्यकता पड़ने पर सर्च ऑपरेशन में लगे हेलिकॉप्टर को ईंधन भरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरे ऑपरेशन का खर्च बीपीए द्वारा ही वहन किया जाएगा। स्थानीय पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन ने रविवार सुबह से निजी हेलिकॉप्टर के माध्यम से हवाई खोज-अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। जमीनी स्तर पर स्थानीय प्रशासन, पहाड़ी बचाव दल, बीपीए सदस्य और पुलिस दल भी इस अभियान में शामिल होंगे। पायलटों को दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह बता दें कि यह पैराग्लाइडिंग क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है, जहां मौसम तेजी से बदलता है। इससे पर्यटकों के फंसने व रास्ता भटकने की संभावना रहती है। प्रशासन ने सभी पायलटों को स्थानीय निर्देशों और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।

दिल्ली में दिवाली की सुबह ही बनी जहरीली, राजधानी की हवा में घुला जहर, 414 पहुंचा AQI

दिल्ली में दिवाली की सुबह ही बनी जहरीली, राजधानी की हवा में घुला जहर, 414 पहुंचा AQI <p style=”text-align: justify;”>दिवाली की सुबह राजधानी दिल्ली में हवा का जहर एक बार फिर लोगों की सांसों में घुल गया है. दीपों और उत्सव के इस पर्व पर जब आसमान रोशनी से जगमगा रहा है, तब दिल्ली की आबो-हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (NPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) &lsquo;गंभीर श्रेणी&rsquo; में दर्ज किया गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>आनंद विहार की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित</h3>
<p style=”text-align: justify;”>नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार का AQI 414 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है. वजीरपुर में यह स्तर 398, जहांगीरपुरी में 381, बवाना में 367 और अशोक विहार में 383 दर्ज किया गया. इसके अलावा आईटीओ पर AQI 344 और पटपड़गंज में 361 तक पहुंच गया. ये सभी आंकड़े दर्शाते हैं कि राजधानी की हवा ने एक बार फिर सांस लेना मुश्किल बना दिया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>दीपावली के बाद शहर में बढ़ता है प्रदूषण</h3>
<p style=”text-align: justify;”>विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली के दौरान पटाखों का धुआं, मौसम में नमी और धीमी हवा की गति प्रदूषण के स्तर को तेजी से बढ़ा देती है. इसके कारण प्रदूषण कण वातावरण में जमा हो जाते हैं और वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से बिगड़ जाती है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर के आसपास के इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं भी हालात को और खराब कर देती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>इन लोगों के लिए बेहद खतरनाक है हवा</h3>
<p style=”text-align: justify;”>स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए बेहद खतरनाक है. विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग दिवाली के दिन और अगले कुछ दिनों तक सुबह की सैर या खुली हवा में गतिविधियों से परहेज करें. साथ ही, एन-95 मास्क पहनने और घरों में एयर प्यूरिफायर का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कई कॉलोनियों में लागू GRAP</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कई इलाकों में निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल गाड़ियों की सीमित आवाजाही और सड़क धूल नियंत्रण के उपाय लागू किए गए हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>फिलहाल, दिवाली की इस सुबह राजधानी में दीपों की चमक के साथ हवा का यह ज़हर चिंता का विषय बन गया है. लोग जहां एक ओर त्योहार की खुशी मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली फिर एक बार ‘गैस चैंबर’ में तब्दील होती नजर आ रही है.</p>