घर से निकलने से पहले वार अनुसार तिलक लगाएं, भाग्य के रास्ते खुद खुलने लगेंगे
भारतीय सनातन परंपरा में तिलक लगाने की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिलक केवल माथे पर लगाया जाने वाला एक चिन्ह नहीं है, बल्कि इसे आस्था, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। पूजा-पाठ, धार्मिक समारोह, शुभ कार्यों और दैनिक जीवन में तिलक लगाने की परंपरा का विशेष महत्व बताया गया है। सनातन संस्कृति में माथे के मध्य भाग को विशेष स्थान दिया गया है। इसे ‘आज्ञा चक्र’ का क्षेत्र माना जाता है, जहां ध्यान और एकाग्रता से जुड़ी ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस…
