बार-बार ब्लड टेस्ट कराना कितना सही है? जानिए कब जांच जरूरी और कब बन सकती है परेशानी

आज के समय में हेल्थ अवेयरनेस पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई है। लोग अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहने लगे हैं। इसी वजह से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का चलन भी तेजी से बढ़ा है। कई लोग हल्की थकान, कमजोरी, सिरदर्द या सामान्य बदलाव महसूस होते ही ब्लड टेस्ट कराने पहुंच जाते हैं। वहीं कुछ लोग हर कुछ महीनों में हेल्थ पैकेज के जरिए दर्जनों जांचें करवा लेते हैं ताकि किसी बीमारी का समय रहते पता चल सके। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर स्थिति में बार-बार ब्लड टेस्ट कराना जरूरी नहीं होता…

शादी से पहले कुंडली ही नहीं, थैलेसीमिया टेस्ट भी बन रहा जरूरी, बदल रही लोगों की सोच

भारत में शादी केवल दो लोगों के बीच का रिश्ता नहीं मानी जाती, बल्कि यह दो परिवारों के जुड़ने का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है। इसी वजह से भारतीय परिवार अक्सर विवाह तय करते समय शिक्षा, नौकरी, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक पृष्ठभूमि, स्वभाव और कई मामलों में कुंडली मिलान जैसी बातों पर ध्यान देते हैं। अब धीरे-धीरे स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को भी विवाह से पहले की बातचीत का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इन स्वास्थ्य संबंधी विषयों में थैलेसीमिया एक महत्वपूर्ण आनुवंशिक बीमारी है, जिसके बारे में जागरूकता बढ़ाना जरूरी माना जाता है। हर साल 8 मई…