हर छोटी बात पर माफी मांगना पड़ सकता है भारी, जानिए किन मौकों पर ‘सॉरी’ कहने से बचना है जरूरी

हमारी रोजमर्रा की बातचीत में कुछ शब्द ऐसे शामिल हो जाते हैं, जिनका इस्तेमाल हम बिना सोचे-समझे करने लगते हैं। ‘सॉरी’ भी इन्हीं में से एक है। किसी से रास्ते में हल्की सी टक्कर हो जाए, किसी की बात समझ न आए, अपनी राय रखनी हो या किसी काम के लिए मदद मांगनी हो, कई लोग सबसे पहले माफी मांगने लगते हैं। यहां तक कि जब गलती उनकी नहीं होती, तब भी वे सामने वाले को नाराज होने से बचाने के लिए खुद ही सॉरी बोल देते हैं। शुरुआत में यह आदत विनम्रता और अच्छे व्यवहार का हिस्सा लग सकती…

ताने नहीं, सम्मान की भाषा अपनाएं; वरना रिश्तों में बढ़ सकती है खामोशी और दूरियां

रिश्तों की मजबूती केवल प्यार, भरोसे और साथ निभाने की भावना पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि हम एक-दूसरे से किस तरह बात करते हैं। कई बार लोग अपनी नाराजगी, दुख या असहमति को सीधे शब्दों में व्यक्त करने के बजाय तानों, कटाक्ष या व्यंग्य के माध्यम से सामने रखते हैं। शुरुआत में यह एक सामान्य आदत या मजाक जैसा लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यही व्यवहार रिश्तों में तनाव, गलतफहमियां और भावनात्मक दूरी पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार ताने देना केवल सामने वाले व्यक्ति को ही प्रभावित…

मीटिंग में आप कहां बैठते हैं? आपकी सीट खोल सकती है आपके स्वभाव के छुपे पहलू

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि किसी मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, ट्रेनिंग सेशन, क्लासरूम या किसी ग्रुप डिस्कशन में पहुंचते ही आप सबसे पहले क्या करते हैं? अधिकांश लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे अपनी पसंद की एक सीट चुन लेते हैं। देखने में यह एक सामान्य आदत लग सकती है, लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार बैठने की जगह का चुनाव कई बार व्यक्ति के व्यवहार, सोचने के तरीके और सामाजिक व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां दे सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल किसी एक आदत के आधार पर किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का पूरी तरह आकलन नहीं…