कहां दी जा सकती है बकरीद की कुर्बानी और सोसायटियों में क्यों होता है विवाद? जानिए नियम, कानून और पूरा मामला

ईद-उल-अजहा 2026: शहरों में कुर्बानी के नियम क्या हैं? जानिए कानूनी प्रावधान, धार्मिक परंपराएं और हाउसिंग सोसायटी से जुड़े दिशा-निर्देश ईद-उल-अजहा (बकरीद) इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे त्याग, आस्था और सामाजिक सहभागिता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक परंपराओं के अनुसार कुर्बानी अदा करते हैं। हालांकि बदलते शहरी परिवेश, बढ़ती आबादी, हाउसिंग सोसायटियों की संख्या और स्थानीय प्रशासनिक नियमों के कारण महानगरों में कुर्बानी को लेकर कई व्यावहारिक और कानूनी पहलू भी सामने आते हैं। हाल के दिनों में देश के कुछ बड़े शहरों, विशेषकर…

ईद-उल-अजहा पर देशभर में रौनक, नमाज के बाद लोगों ने दी मुबारकबाद

ईद-उल-अजहा 2026: देशभर में अकीदत और भाईचारे के साथ मनाई गई बकरीद, मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई नमाज देशभर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व धार्मिक आस्था, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही विभिन्न राज्यों के शहरों, कस्बों और गांवों में स्थित मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के दौरान देश में शांति, अमन, खुशहाली और सभी नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए विशेष दुआएं की गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और पारंपरिक तरीके से त्योहार की खुशियां…