पाकिस्तान के एक और बंटवारे की आशंका? फजलुर रहमान ने सेना और सरकार को दी 1971 की चेतावनी

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर सेना की भूमिका, सत्ता के केंद्रीकरण और देश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते असंतोष को लेकर बहस तेज हो गई है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) के प्रमुख और नेशनल असेंबली के सदस्य मौलाना फजलुर रहमान ने शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा नीतियों में बदलाव नहीं किया गया तो पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने 1971 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास से सबक न लेना किसी भी देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मौलाना…