चीन से निवेश पर भारत की सख्त नीति बरकरार, 10 हजार करोड़ रुपये के विदेशी निवेश को मिली मंजूरी, ड्रैगन से सिर्फ 1 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत

भारत सरकार ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को लेकर अपनी सतर्क नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश में हजारों करोड़ रुपये के विदेशी निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिली, लेकिन चीन से जुड़े निवेश को लेकर सरकार का रुख पहले की तरह बेहद सख्त रहा। पूरे साल में चीन से आया केवल एक निवेश प्रस्ताव मंजूर किया गया, जिसकी राशि महज एक करोड़ रुपये थी। यह आंकड़ा बताता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत निवेश संबंधी फैसलों में किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है।…