चीन से निवेश पर भारत की सख्त नीति बरकरार, 10 हजार करोड़ रुपये के विदेशी निवेश को मिली मंजूरी, ड्रैगन से सिर्फ 1 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत

भारत सरकार ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को लेकर अपनी सतर्क नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश में हजारों करोड़ रुपये के विदेशी निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिली, लेकिन चीन से जुड़े निवेश को लेकर सरकार का रुख पहले की तरह बेहद सख्त रहा। पूरे साल में चीन से आया केवल एक निवेश प्रस्ताव मंजूर किया गया, जिसकी राशि महज एक करोड़ रुपये थी। यह आंकड़ा बताता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत निवेश संबंधी फैसलों में किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है।…

विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए सरकार की नई तैयारी, सरकारी बॉण्ड पर टैक्स राहत संभव

विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ा नीतिगत कदम भारत सरकार एक व्यापक आर्थिक रणनीति के तहत विदेशी निवेश को बढ़ाने पर जोर दे रही है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, तब भारत का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक स्थिर और दीर्घकालिक विदेशी पूंजी को देश के वित्तीय ढांचे में शामिल किया जाए। इसी क्रम में सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities – G-Secs) पर टैक्स राहत देने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह कदम भारतीय बॉण्ड और ऋण बाजार को वैश्विक…

5 देशों के दौरे से भारत को बड़ा फायदा, मोदी की विदेश यात्रा से 3.85 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा से निवेश, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई गति, 40 अरब डॉलर के संभावित अवसरों पर नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा को भारत की आर्थिक कूटनीति और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के दौरान भारत ने निवेश, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, आधुनिक तकनीक, हरित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों पर कई देशों के साथ बातचीत को आगे बढ़ाया। यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य भारत के आर्थिक हितों को वैश्विक साझेदारियों से जोड़ना…