हरियाली तीज 2026: आज सुहागिन महिलाएं रखेंगी व्रत, जानिए पूजा का शुभ समय, सही विधि और माता पार्वती की पौराणिक कथा

सावन मास की रौनक के बीच आज यानी 15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस तिथि को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। खासतौर पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति और मनचाहे वर की कामना से इस व्रत को करती हैं। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को…

हरियाली तीज पर प्रेग्नेंट महिलाएं न रखें सख्त व्रत, इन 6 संकेतों को देखते ही तुरंत करें भोजन-पानी

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ पूजा करती हैं और कई महिलाएं निर्जला या बिना अन्न वाला व्रत भी रखती हैं। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान उपवास रखना सामान्य दिनों की तुलना में अलग विषय है। इस अवस्था में महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की पोषण और ऊर्जा संबंधी जरूरतें भी जुड़ी होती हैं। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को धार्मिक परंपरा निभाने से पहले अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए। गाइनेकोलॉजिस्ट और इनफर्टिलिटी…

हरियाली तीज से पहले क्यों भेजा जाता है सिंधारा? जानिए इस परंपरा का महत्व, क्या-क्या रखा जाता है इसमें और क्यों बढ़ जाती है बेटियों की खुशी

सावन का महीना अपने साथ हरियाली, उल्लास और धार्मिक आस्था लेकर आता है। इसी पावन माह में मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं और नवविवाहित बेटियों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। देश के कई हिस्सों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। झूले, लोकगीत, पारंपरिक श्रृंगार और विशेष पकवान इस त्योहार की रौनक को और बढ़ा देते हैं। हरियाली तीज से जुड़ी एक…

हरियाली, कजरी और हरतालिका तीज 2026: जानें कब रखा जाएगा व्रत, क्या है पूजा का शुभ समय और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में तीज के व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से सुहागन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी आयु की कामना से जुड़ा हुआ है। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए श्रद्धा और नियमपूर्वक तीज का व्रत करती हैं। वर्षभर में तीज के तीन प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज, तीनों व्रत माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना को समर्पित होते हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से हरतालिका तीज को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026…