पहाड़ी राज्यों में बाहरी लोगों की जमीन खरीद पर रोक क्यों? जानिए कब बने नियम और क्या हैं इसके पीछे की बड़ी वजहें

भारत एक संघीय व्यवस्था वाला देश है, जहां प्रत्येक राज्य को अपनी भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार कुछ विषयों पर कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है। इन्हीं विषयों में भूमि से जुड़े कानून भी शामिल हैं। यही कारण है कि देश के अलग-अलग राज्यों में जमीन खरीदने और उसके स्वामित्व से संबंधित नियम एक जैसे नहीं हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब कोई व्यक्ति भारत का नागरिक है, तो वह देश के किसी भी राज्य में जमीन क्यों नहीं खरीद सकता। यह प्रश्न विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कुछ अन्य…

हिमाचल में भाजपा की नई रणनीति—विद्रोही नेताओं की वापसी पर मंथन, अनुशासन कमेटी बनेगी अहम कड़ी

हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंडी में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और अनुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बैठक के दौरान सबसे अधिक ध्यान उस संकेत पर गया, जिसमें पिछले चुनावों के दौरान पार्टी से अलग हुए या बगावत करने वाले नेताओं की संभावित वापसी पर विचार किए जाने की बात सामने आई। पार्टी का मानना है कि चुनावी राजनीति में मजबूत संगठन सबसे…

Himachal Pradesh University में बड़ा फैसला, नौकरी के साथ अब पार्ट टाइम पीएचडी का विकल्प

उच्च शिक्षा और शोध को अधिक समावेशी तथा लचीला बनाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब पार्ट-टाइम पीएचडी (Part-Time PhD) कार्यक्रम को मंजूरी देने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन अभ्यर्थियों को शोध करने का अवसर उपलब्ध कराना है, जो नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या अन्य व्यावसायिक कारणों से अब तक नियमित (फुल टाइम) पीएचडी नहीं कर पा रहे थे। विश्वविद्यालय का मानना है कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी और पेशेवर हैं, जो उच्च शिक्षा और शोध में रुचि रखते हैं, लेकिन…

Uttarakhand में Chamoli में Cloudburst, 7 लोग लापता, Mussoorie में 2500 Touristsफंसे; Himachal में 419 मौतें, देशभर में 8% ज्यादा बारिश

देश के कई हिस्सों में सितंबर के मध्य तक मानसून की सक्रियता बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम का असर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्तर पर बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। 17 सितंबर की रात उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। अचानक आई तेज…