पितृपक्ष 2026: गया जी में ही क्यों किया जाता है पिंडदान? जानिए पितरों के मोक्ष से जुड़ी धार्मिक मान्यता

पितृपक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों को समर्पित एक महत्वपूर्ण अवधि मानी जाती है। भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष के दौरान आने वाले इन 15 दिनों में लोग अपने दिवंगत परिजनों और पूर्वजों का स्मरण करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान पितरों को संतुष्टि प्रदान करता है। यही वजह है कि पितृपक्ष के दौरान देशभर में लोग अपने पूर्वजों के निमित्त अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। हालांकि, पितरों के लिए किए जाने वाले कर्मकांडों में बिहार के गया धाम का विशेष स्थान माना जाता है। यहां पिंडदान करने के…

पीपल की पूजा से जुड़े हैं ये धार्मिक नियम, साढ़ेसाती-पितृ दोष के लिए शनिवार और अमावस्या का माना जाता है खास महत्व

हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं माना गया, बल्कि उनमें देवी-देवताओं का वास होने की धार्मिक मान्यता भी प्रचलित है। इन्हीं पवित्र वृक्षों में पीपल का स्थान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सनातन परंपरा में पीपल के पेड़ की पूजा, परिक्रमा और उसके नीचे दीपक जलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से पीपल की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है तथा कई तरह की परेशानियों से राहत मिल सकती है। धार्मिक ग्रंथों में भी पीपल के पेड़ की महिमा का उल्लेख मिलता है। स्कंद…

भाद्रपद माह की शुरुआत, 26 सितंबर तक रहें इन बातों का ध्यान; जानें क्या करें, क्या न करें

हिंदू पंचांग में भाद्रपद का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। सावन पूर्णिमा के बाद इस पवित्र महीने का आगमन होता है। इस वर्ष वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह की शुरुआत 29 अगस्त से हो गई है और यह 26 सितंबर तक रहेगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण, भगवान गणेश और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। भाद्रपद को केवल पूजा-पाठ का महीना नहीं माना जाता, बल्कि इसे आत्मसंयम, तप, साधना और आत्मशुद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में व्यक्ति को अपने खान-पान से लेकर…