भारत पर दबाव डालने की कोशिश बेअसर, रक्षा सौदों पर फैसला नई दिल्ली खुद करेगी: पुतिन

पुतिन की भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर सराहना और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर महत्वपूर्ण बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति की खुलकर सराहना की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत किसी भी बाहरी दबाव, आर्थिक प्रतिबंध या राजनीतिक धमकी के प्रभाव में आकर अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। उनके अनुसार भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसे यह पूरा अधिकार है कि वह अपने रक्षा और आर्थिक साझेदारों का चयन स्वतंत्र रूप से करे। पुतिन ने यह बयान सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान…

भारत-रूस संबंधों पर पुतिन का बड़ा बयान: अमेरिकी दबाव का असर नहीं, साझेदारी और मजबूत होगी

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु और मजबूत राष्ट्र है, जो अपने विदेश नीति संबंधी निर्णय पूरी तरह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर लेता है। ऐसे में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव भारत-रूस संबंधों को प्रभावित नहीं कर सकता। पुतिन के इस बयान को भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों की पुष्टि के रूप में देखा…

BRICS समिट 2026: पुतिन के भारत आने की संभावना, रणनीतिक रिश्तों को मिल सकता है नया आयाम

भारत सितंबर 2026 में एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रहने वाला है, जब नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के शामिल होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। क्रेमलिन के सूत्रों और प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के अनुसार, पुतिन इस समिट में भाग लेने के लिए “निश्चित रूप से” भारत आ सकते हैं। अगर यह दौरा होता है, तो यह एक साल से भी कम समय में पुतिन की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने भारत का दौरा किया था,…