क्या आप जानते हैं? भारत आखिर क्यों देना चाहता है इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल, चीन क्यों है परेशान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से तीन देशों—इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया—की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस दौरे में सबसे अधिक नजरें इंडोनेशिया पर टिकी हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह साझेदारी सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक तस्वीर को भी प्रभावित कर सकती है। भारत और इंडोनेशिया पिछले कुछ वर्षों से अपने संबंधों को नई दिशा देने में जुटे हैं। व्यापार, रक्षा, समुद्री सहयोग और…

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में: QUAD शिखर बैठक और वैश्विक रणनीतिक बदलाव का संकेत

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताएं अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है और इसे पूरा होने में केवल कुछ सप्ताह का समय लग सकता है। यह संकेत ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला दबाव और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है। यह समझौता केवल एक व्यापारिक डील नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत-अमेरिका संबंधों में एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में…

अमेरिकी रक्षा मंत्री का बड़ा बयान: हिंद महासागर में भारत बना शक्ति संतुलन का सबसे मजबूत स्तंभ

सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। हेगसेथ के मुताबिक, भारत न केवल अपनी सेना का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है, बल्कि उसके पास ऐसी औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षमता भी विकसित हो रही है, जिससे वह लंबे समय तक बड़े सैन्य अभियानों को संचालित करने में सक्षम बन सके। उन्होंने विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र…

क्वाड बैठक में इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर जोर: होर्मुज संकट, ऊर्जा सप्लाई और समुद्री निगरानी पर बनी सहमति

नई दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सहयोग प्रमुख मुद्दे रहे। बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से विदेश मंत्री S. Jaishankar ने बैठक की अध्यक्षता की। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि इस क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित होती है तो उसका असर वैश्विक तेल और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है। क्वाड देशों ने साफ…

दिल्ली में आज क्वाड देशों की बड़ी बैठक, जयशंकर करेंगे मेजबानी; चीन और इंडो-पैसिफिक पर रहेगा फोकस

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अगुवाई भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar करेंगे। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong और जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi हिस्सा लेंगे। इस समय भारत क्वाड समूह की अध्यक्षता संभाल रहा है, इसलिए इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा का मुख्य केंद्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री गतिविधियां और आर्थिक साझेदारी रहेगा। ऐसे वक्त में यह बैठक हो रही है जब अमेरिका और चीन के संबंधों…

बंगाल की खाड़ी में बढ़ेगा अमेरिकी दखल, बांग्लादेश ने दिए दो अहम पोर्ट्स तक पहुंच

अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए नए रणनीतिक समझौतों ने दक्षिण एशिया की समुद्री राजनीति को नई दिशा दे दी है। ढाका ने अमेरिका को चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों के इस्तेमाल की अनुमति देने पर सहमति जताई है। इन दोनों पोर्ट्स का उपयोग अमेरिकी नौसैनिक और सैन्य जहाज कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कुल तीन अहम समझौते हुए हैं, जिनमें रक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करना भी शामिल है। माना जा रहा है कि इससे बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है।…

Britain के F-35B Fighter Jet की Japan में Emergency Landing, 2 महीने में दूसरा Malfunction का मामला

ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स (RAF) का अत्याधुनिक F-35B स्टील्थ फाइटर जेट एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह बनी है इसकी जापान में आपात लैंडिंग। शनिवार सुबह जापान के कागोशिमा एयरपोर्ट पर इस विमान को तकनीकी खराबी के चलते तुरंत उतारना पड़ा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान उड़ान के दौरान किसी तकनीकी समस्या से जूझ रहा था, जिसके बाद पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया। यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे (लोकल टाइम) हुई। लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट का रनवे करीब 20 मिनट तक बंद रहा, जिससे कुछ उड़ानों में देरी भी हुई। दो महीने…