शादी के बाद अलग घर बसाने की चाह: क्यों बढ़ रही है महिलाओं में यह सोच, जानिए इसके पीछे की असली वजहें

भारतीय समाज में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि विवाह के बाद बेटी अपने मायके को छोड़कर पति के परिवार का हिस्सा बन जाती है। आमतौर पर यह उम्मीद की जाती है कि वह सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर घर की जिम्मेदारियां निभाए। हालांकि बदलते समय के साथ पारिवारिक व्यवस्था और लोगों की सोच में भी बदलाव आया है। आज बड़ी संख्या में ऐसे दंपती हैं जो शादी के बाद संयुक्त परिवार के बजाय अलग घर में रहना पसंद करते हैं। अक्सर इस फैसले को केवल पारिवारिक विवादों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन…