कालसर्प दोष से परेशान हैं तो नाग पंचमी पर करें ये उपाय, कच्चे दूध से शिवलिंग अभिषेक की है मान्यता

नाग पंचमी का पर्व सनातन परंपरा में भगवान शिव और नाग देवता की आराधना से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। श्रावण मास में आने वाली पंचमी तिथि पर श्रद्धालु नाग देवता की पूजा करने के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई शिव आराधना और नाग देवता की पूजा से जीवन में मौजूद बाधाओं को दूर करने तथा सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। खास तौर पर ज्योतिष शास्त्र में जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष बताया गया हो या जिन पर राहु-केतु की महादशा अथवा अंतर्दशा का प्रभाव चल…

सावन में त्र्यंबकेश्वर में क्यों उमड़ती है कालसर्प दोष पूजा कराने वालों की भीड़? जानिए धार्मिक मान्यता, पूजा विधि और जरूरी नियम

सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे शुभ और पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान देश के प्रसिद्ध शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग भी इन्हीं प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है, जहां हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि इस मंदिर की पहचान केवल बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि कालसर्प दोष शांति पूजा, राहु-केतु दोष निवारण, नारायण नागबली और पितृ दोष से जुड़े विशेष वैदिक अनुष्ठानों के कारण भी इसकी अलग धार्मिक प्रतिष्ठा है। विशेष रूप…