शनि जयंती 2026: केदार योग से बदलेगी किस्मत, 16 मई के बाद इन राशियों पर मेहरबान होंगे शनिदेव
सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में शनि जयंती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि को सूर्यदेव और माता छाया के पुत्र भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था। शनिदेव को न्याय, कर्म और अनुशासन का देवता माना जाता है। कहा जाता है कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करने वाले शनिदेव जीवन में मेहनत, धैर्य और ईमानदारी का महत्व समझाते हैं। इसी वजह से शनि जयंती के दिन उनकी पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस बार शनि जयंती को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से भी चर्चा हो रही…
