संपूर्ण सिंह कालरा से ‘गुलजार’ बनने की कहानी, परिवार की नाराजगी से छिपाकर शुरू हुआ था शायरी का सफर
18 अगस्त 1934 को पंजाब के दीना में जन्मे संपूर्ण सिंह कालरा आज दुनिया के लिए सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक पूरी साहित्यिक और सिनेमाई दुनिया हैं। यही संपूर्ण सिंह कालरा आगे चलकर ‘गुलजार’ के नाम से मशहूर हुए। उनके लिखे शब्दों में प्रेम है, विरह है, अकेलापन है, जिंदगी की उलझनें हैं और रिश्तों की ऐसी महीन संवेदनाएं हैं, जिन्हें पढ़ते या सुनते ही इंसान अपने भीतर उतरता महसूस करता है। 18 अगस्त 2026 को वह 92 वर्ष के हो गए हैं और इस मौके पर उनके जीवन का वह अध्याय भी बेहद दिलचस्प है, जब उन्हें अपने…
