जब दुनिया पूछ रही थी ‘नेहरू के बाद कौन?’, तब 9 जून 1964 को भारत ने लोकतंत्र की ताकत से दिया जवाब
27 मई 1964 का दिन भारतीय इतिहास में एक गहरे शोक का दिन बनकर दर्ज हुआ। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के अचानक निधन ने पूरे राष्ट्र को स्तब्ध कर दिया। स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनकी केंद्रीय भूमिका रही थी और लगभग 17 वर्षों तक उन्होंने देश का नेतृत्व किया था। ऐसे में उनके जाने के बाद सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें दिल्ली पर टिक गई थीं। सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर अब देश की कमान किसके हाथ में जाएगी। उस दौर में भारत का लोकतंत्र अभी अपेक्षाकृत नया था। कई…
