नींद खुलते ही मोबाइल उठाना बन सकता है बड़ी परेशानी की वजह, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत से लेकर रात में सोने तक अधिकांश लोग किसी न किसी काम के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एक आदत ऐसी है जो धीरे-धीरे हमारी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है और ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह आदत है सुबह नींद खुलते ही सबसे पहले मोबाइल फोन उठाकर सोशल मीडिया, मैसेज, ईमेल या खबरें देखना। विशेषज्ञों का मानना है कि देखने में सामान्य लगने वाली यह आदत लंबे समय में मानसिक स्वास्थ्य, नींद की गुणवत्ता और…

रोजाना 6.4 से 7.8 घंटे की नींद क्यों मानी जा रही है सेहत के लिए अहम, जानिए क्या कहती हैं रिसर्च

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम, तनाव और डिजिटल स्क्रीन की वजह से अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। कई बार देर रात तक मोबाइल चलाना, ऑफिस का दबाव या अनियमित दिनचर्या पर्याप्त आराम नहीं लेने देती। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत केवल अगले दिन की थकान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर की कार्यक्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर भी असर डाल सकती है। हाल के वर्षों में प्रकाशित कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने संकेत दिए हैं कि रोजाना लगभग 6.4 से 7.8 घंटे की संतुलित नींद शरीर के लिए फायदेमंद…

देर रात तक जागना बन सकता है सेहत का दुश्मन, नींद की कमी से बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा; एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी

आज के डिजिटल दौर में देर रात तक जागना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, वेब सीरीज और लगातार स्क्रीन टाइम ने लोगों की नींद का समय काफी बदल दिया है। कई लोग रात के घंटों को अपना निजी समय मानकर सोने में देरी करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत धीरे-धीरे शरीर पर गंभीर असर डाल सकती है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने से सिर्फ थकान और चिड़चिड़ापन नहीं बढ़ता, बल्कि दिमाग और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स…

कम नींद से बढ़ सकता है दिमाग पर दबाव, नई रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बातें

नींद हमारे शरीर और दिमाग के लिए किसी दवा से कम नहीं मानी जाती। पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ दिमाग को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है। लेकिन आज की व्यस्त जीवनशैली में देर रात तक जागना, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण लोगों की नींद लगातार प्रभावित हो रही है। अब एक नई स्टडी में सामने आया है कि लंबे समय तक नींद पूरी न होने या बार-बार नींद टूटने का असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिमाग की अंदरूनी कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर…