निर्जला एकादशी 2026: गुरुवार, स्वाति नक्षत्र और लक्ष्मी नारायण योग से बढ़ेगा व्रत का महत्व

निर्जला एकादशी 2026: महत्व, तिथि और शुभ संयोग का धार्मिक महत्व सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष स्थान माना गया है और इसे भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र दिन के रूप में देखा जाता है। प्रत्येक मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन इनमें से निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और सबसे अधिक फलदायी व्रतों में गिना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आता है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जल ग्रहण किए बिना उपवास रखा जाता है,…