शादी से पहले कुंडली ही नहीं, थैलेसीमिया टेस्ट भी बन रहा जरूरी, बदल रही लोगों की सोच
भारत में शादी केवल दो लोगों के बीच का रिश्ता नहीं मानी जाती, बल्कि यह दो परिवारों के जुड़ने का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है। इसी वजह से भारतीय परिवार अक्सर विवाह तय करते समय शिक्षा, नौकरी, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक पृष्ठभूमि, स्वभाव और कई मामलों में कुंडली मिलान जैसी बातों पर ध्यान देते हैं। अब धीरे-धीरे स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को भी विवाह से पहले की बातचीत का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इन स्वास्थ्य संबंधी विषयों में थैलेसीमिया एक महत्वपूर्ण आनुवंशिक बीमारी है, जिसके बारे में जागरूकता बढ़ाना जरूरी माना जाता है। हर साल 8 मई…
