<p style=”text-align: justify;”><strong>Ashish Shelar News:</strong> महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र सरकार उन सभी किलों के रखरखाव और संरक्षण का जिम्मा अपने हाथ में ले, जिनकी देखभाल वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कर रहा है. औरंगजेब की कब्र के विवाद के बीच सोमवार को केंद्रीय मंत्री शेखावत को लिखे अपने पत्र में आशीष शेलार ने पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (ICOMOS) की अपनी यात्रा का जिक्र किया, जिसकी अध्यक्षता उन्होंने की थी. </p>
<p style=”text-align: justify;”>न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने 54 केंद्र संरक्षित और 62 राज्य संरक्षित किलों की पहचान की है, जिनमें रायगढ़, राजगढ़ और प्रतापगढ़ जैसे प्रतिष्ठित किले शामिल हैं, जिन्हें यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>’छत्रपति शिवाजी महाराज के किले लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे'</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शेलार ने इस बात पर जोर दिया कि महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज सहित ये ऐतिहासिक किले महाराष्ट्र के लोगों के लिए बेहद ही सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व रखते हैं. उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की ओर से रणनीतिक रूप से निर्मित और इस्तेमाल किए गए किले महाराष्ट्र और दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं. राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना को मूर्त रूप देने वाले ये किले महाराष्ट्र के लोगों के बीच एक अनूठा भावनात्मक मूल्य रखते हैं. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>महाराष्ट्र सरकार किलों के संरक्षण के लिए सक्रिय- शेलार</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र में 54 केंद्र संरक्षित किले और 62 राज्य संरक्षित किले हैं. महाराष्ट्र सरकार राज्य संरक्षित किलों के संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है.” शेलार ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि महाराष्ट्र का पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय संरक्षण कार्य करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है और किले के रखरखाव के लिए सीएसआर डोनर को शामिल कर सकता है.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने 18 फरवरी 2025 की बैठक में राज्य में मराठा इतिहास से जुड़े किलों की सुरक्षा और संरक्षण में भाग लेने की इच्छा जताई. आशीष शेलार ने मांग करते हुए कहा कि महाराष्ट्र राज्य में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकार क्षेत्र के तहत केंद्रीय रूप से संरक्षित किलों को संरक्षण कार्य करने और इसी तरह पर्यटक सुविधाओं को विकसित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए,” </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>किलों को संरक्षित रखना हमारे लिए गर्व की बात होगी- शेलार</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने यह भी जिक्र किया कि सांस्कृतिक मामलों के विभाग के तहत पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय योजनाबद्ध ठेकेदारों और विरासत संरक्षण में एक्सपर्ट वास्तुकारों के माध्यम से संरक्षण कार्यों को अंजाम दे सकता है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री को लिखे अपने पत्र में ये भी कहा, ”इन किलों को अच्छी तरह से संरक्षित रखना हमारे लिए गर्व की बात होगी ताकि ये किले नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहें. मैं आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूं.”</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Ashish Shelar News:</strong> महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र सरकार उन सभी किलों के रखरखाव और संरक्षण का जिम्मा अपने हाथ में ले, जिनकी देखभाल वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कर रहा है. औरंगजेब की कब्र के विवाद के बीच सोमवार को केंद्रीय मंत्री शेखावत को लिखे अपने पत्र में आशीष शेलार ने पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (ICOMOS) की अपनी यात्रा का जिक्र किया, जिसकी अध्यक्षता उन्होंने की थी. </p>
<p style=”text-align: justify;”>न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने 54 केंद्र संरक्षित और 62 राज्य संरक्षित किलों की पहचान की है, जिनमें रायगढ़, राजगढ़ और प्रतापगढ़ जैसे प्रतिष्ठित किले शामिल हैं, जिन्हें यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>’छत्रपति शिवाजी महाराज के किले लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे'</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शेलार ने इस बात पर जोर दिया कि महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज सहित ये ऐतिहासिक किले महाराष्ट्र के लोगों के लिए बेहद ही सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व रखते हैं. उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की ओर से रणनीतिक रूप से निर्मित और इस्तेमाल किए गए किले महाराष्ट्र और दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं. राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना को मूर्त रूप देने वाले ये किले महाराष्ट्र के लोगों के बीच एक अनूठा भावनात्मक मूल्य रखते हैं. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>महाराष्ट्र सरकार किलों के संरक्षण के लिए सक्रिय- शेलार</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र में 54 केंद्र संरक्षित किले और 62 राज्य संरक्षित किले हैं. महाराष्ट्र सरकार राज्य संरक्षित किलों के संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है.” शेलार ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि महाराष्ट्र का पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय संरक्षण कार्य करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है और किले के रखरखाव के लिए सीएसआर डोनर को शामिल कर सकता है.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने 18 फरवरी 2025 की बैठक में राज्य में मराठा इतिहास से जुड़े किलों की सुरक्षा और संरक्षण में भाग लेने की इच्छा जताई. आशीष शेलार ने मांग करते हुए कहा कि महाराष्ट्र राज्य में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकार क्षेत्र के तहत केंद्रीय रूप से संरक्षित किलों को संरक्षण कार्य करने और इसी तरह पर्यटक सुविधाओं को विकसित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए,” </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>किलों को संरक्षित रखना हमारे लिए गर्व की बात होगी- शेलार</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने यह भी जिक्र किया कि सांस्कृतिक मामलों के विभाग के तहत पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय योजनाबद्ध ठेकेदारों और विरासत संरक्षण में एक्सपर्ट वास्तुकारों के माध्यम से संरक्षण कार्यों को अंजाम दे सकता है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री को लिखे अपने पत्र में ये भी कहा, ”इन किलों को अच्छी तरह से संरक्षित रखना हमारे लिए गर्व की बात होगी ताकि ये किले नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहें. मैं आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूं.”</p> महाराष्ट्र एलन मस्क की कंपनियों में निवेश के नाम पर 72 लाख की ठगी, जालसाजों ने कैप्टन को ऐसे लगाया चूना
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