कैथल की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन अभी खरीद शुरू नहीं हुई है। खरीद न होने का सबसे बड़ा कारण मंडी में लाए जा रहे अनाज में नमी की मात्रा अधिक होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को किसान गेहूं की पहली ढेरी लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन उसमें नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद नहीं हो पाई। अब अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि 8 अप्रैल के बाद ही खरीद कार्य सुचारू हो पाएगा। साथ ही बिक्री व उठान की व्यवस्था भी कर दी जाएगी। कैथल जिले में गेहूं की खरीद के लिए पांच मंडियां व 39 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य वेयर हाउस, हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति एजेंसियां करेंगी। इनके लिए अलग-अलग दिन भी निर्धारित किए गए हैं। अटल कैंटीन शुरू मंडियों और खरीद केंद्रों में तीनों एजेंसियां दिनों के हिसाब से फसल खरीदेंगी। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि खरीद के दौरान किसानों, मजदूरों और आढ़तियों के लिए मंडी में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बिजली, पानी, शौचालय, साफ-सफाई, सीवरेज और अन्य सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। मंडी में अटल कैंटीन शुरू की गई है, जहां किसानों और मजदूरों को उचित दामों पर भोजन उपलब्ध कराया गया है। किसान अपनी फसल को सुखाकर ही लाएं मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को पूरी तरह से सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि उन्हें बिक्री के लिए इंतजार न करना पड़े। अगर फसल में नमी की मात्रा अधिक होगी तो उसे मंडी में लाकर सुखाना पड़ेगा, जिससे उसे बेचने में समय लगेगा। साथ ही अन्य किसानों को भी अपनी फसल रखने के लिए जगह की समस्या आएगी। उन्होंने कहा कि अगर फसल सूखकर आती है तो उसे तुरंत बेचकर उठा लिया जाएगा। कैथल की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन अभी खरीद शुरू नहीं हुई है। खरीद न होने का सबसे बड़ा कारण मंडी में लाए जा रहे अनाज में नमी की मात्रा अधिक होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को किसान गेहूं की पहली ढेरी लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन उसमें नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद नहीं हो पाई। अब अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि 8 अप्रैल के बाद ही खरीद कार्य सुचारू हो पाएगा। साथ ही बिक्री व उठान की व्यवस्था भी कर दी जाएगी। कैथल जिले में गेहूं की खरीद के लिए पांच मंडियां व 39 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य वेयर हाउस, हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति एजेंसियां करेंगी। इनके लिए अलग-अलग दिन भी निर्धारित किए गए हैं। अटल कैंटीन शुरू मंडियों और खरीद केंद्रों में तीनों एजेंसियां दिनों के हिसाब से फसल खरीदेंगी। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि खरीद के दौरान किसानों, मजदूरों और आढ़तियों के लिए मंडी में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बिजली, पानी, शौचालय, साफ-सफाई, सीवरेज और अन्य सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। मंडी में अटल कैंटीन शुरू की गई है, जहां किसानों और मजदूरों को उचित दामों पर भोजन उपलब्ध कराया गया है। किसान अपनी फसल को सुखाकर ही लाएं मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को पूरी तरह से सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि उन्हें बिक्री के लिए इंतजार न करना पड़े। अगर फसल में नमी की मात्रा अधिक होगी तो उसे मंडी में लाकर सुखाना पड़ेगा, जिससे उसे बेचने में समय लगेगा। साथ ही अन्य किसानों को भी अपनी फसल रखने के लिए जगह की समस्या आएगी। उन्होंने कहा कि अगर फसल सूखकर आती है तो उसे तुरंत बेचकर उठा लिया जाएगा। हरियाणा | दैनिक भास्कर
