भास्कर न्यूज | अमृतसर ट्रेनों की मेंटेनेंस के लिए तैनात कर्मियों को कांट्रेक्टर के साथ सफाई की देखरेख के लिए ड्यूटी लगाने को लेकर अफसरों की मनमानी का मामला दिल्ली तक पहुंचने के बाद अफसर हरकत में आ गए हैं। डीआरएम के बाद अब प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर दिल्ली से अमृतसर स्टेशन के वाशिंग लाइन का दौरा करने आज पहुंच रहे हैं। इस दौरान रेल कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनेंगे और मौके पर ही निपटारा कराएंगे। दरअसल, कैरिज एंड वैगन में ट्रेनों की मेंटेनेंस से जुड़े कर्मियों को ट्रेनों में सफाई का काम देखने के लिए मजबूर कर 3 से 4 दिनों के लिए उच्च अफसर ड्यूटी लगा दे रहे थे। वहीं जब मेंटिनेंस का काम रुकने लगा तो कर्मियों को चार्जशीट दे दिया गया। यह सिलसिला करीब एक महीने से चल रहा था, इसमें करीब 13 कर्मियों को चार्जशीट किया गया है। इसके बाद ऑल इंडिया रेलवे इंप्लाई एससी/एसटी यूनियन का गुस्सा फूट पड़ा और रेलवे अफसरों के विरोध में वाशिंग लाइन की ट्रैक पर उतर आए। ट्रेनों की मेंटेनेंस सेंसिटिव मामला होने के कारण रेलवे के उच्च अफसरों ने गंभीरता से लिया है। सवाल उठने लगे हैं कि जब अफसर ने ही कर्मियों की ड्यूटी ट्रेनों में सफाई व्यवस्था की देख-रेख के लिए लगाई थी तो चार्जशीट कैसे किया जा सकता है। वहीं मामला जब बढ़ा तो हायर लेवल तक पहुंच गया। सवाल उठाए गए कि वाशिंग लाइन में सफाई का काम प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। ऐसे में जिस प्राइवेट कर्मी को इस काम के लिए इंचार्ज लगाया गया उसे नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया। प्राइवेट तौर पर काम कर रहे मुलाजिमों से सवाल-जवाब क्यों नहीं किया जा रहा है। वहीं यूनियन की ओर से पिछले दिनों इस मामले में की गई हड़ताल से अब सभी रेलवे के अफसर हरकत में आ गए है। वहीं मामले में दखलअंदाजी देने के लिए अमृतसर स्टेशन में पहुंच रहे है। ताकि पता चल सके कि आखिर यह काम कब से चल रहा था। बता दें कि सोमवार को भी वांशिंग लाइन अफसर पहुंचे थे, जिन्होंने यूनियन के साथ बातचीत कर उनकी सभी शर्तें मान ली थी। वहीं अब आज के दौरे को लेकर अफसर अपने बचाव में जुट गए है। एडवोकेट पीसी शर्मा ने कहा कि कैरिज एंड वैगन में तैनात रेल कर्मचारी ट्रेनों की मेंटिनेंस का काम कर रहे उनकी ड्यूटी प्राइवेट कांट्रेक्टर के सफाई का काम देखने के लिए ड्यूटी लगा दिया जाना सही नहीं है। यह कर्मचारी ट्रेनों के अलग-अलग पार्ट्स को चेक करते हैं। थोड़ी भी लापरवाही या चूक हुई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जिस भी अफसर ने कर्मियों की ड्यूटी सफाई चेक करने के लिए कांट्रेक्टर के साथ लगाया फिर उनको बाद में चार्जशीट कर दिया गया उसके खिलाफ अफसरों को जांच बिठानी चाहिए। जो कर्मचारी या एसएसई ठेकेदार के द्वारा किए काम को ठीक तरह से चेक करने के बजाय जेब का ख्याल रखते है, उन पर कार्यवाही होनी चाहिए। सूत्रों की मानें तो ट्रेनों की मेंटिनेंस के लिए जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनको सफाई का काम देखरेख में लगाया ही क्यों गया। क्या अफसरों को यह नहीं पता कि ट्रेनों के मेंटिनेंस से जुड़ा मामला सेंसिटिव होता है। बता दें कि यह कर्मचारी ट्रेनों के पहिए चेंज करने, ब्रेक व अन्य मैकेनिज्म पार्ट्स को चेक करते हैं। कहीं कोई गड़बड़ी सामने आई तो उसे तत्काल दूर कराया जाता है। इसमें किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। भास्कर न्यूज | अमृतसर ट्रेनों की मेंटेनेंस के लिए तैनात कर्मियों को कांट्रेक्टर के साथ सफाई की देखरेख के लिए ड्यूटी लगाने को लेकर अफसरों की मनमानी का मामला दिल्ली तक पहुंचने के बाद अफसर हरकत में आ गए हैं। डीआरएम के बाद अब प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर दिल्ली से अमृतसर स्टेशन के वाशिंग लाइन का दौरा करने आज पहुंच रहे हैं। इस दौरान रेल कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनेंगे और मौके पर ही निपटारा कराएंगे। दरअसल, कैरिज एंड वैगन में ट्रेनों की मेंटेनेंस से जुड़े कर्मियों को ट्रेनों में सफाई का काम देखने के लिए मजबूर कर 3 से 4 दिनों के लिए उच्च अफसर ड्यूटी लगा दे रहे थे। वहीं जब मेंटिनेंस का काम रुकने लगा तो कर्मियों को चार्जशीट दे दिया गया। यह सिलसिला करीब एक महीने से चल रहा था, इसमें करीब 13 कर्मियों को चार्जशीट किया गया है। इसके बाद ऑल इंडिया रेलवे इंप्लाई एससी/एसटी यूनियन का गुस्सा फूट पड़ा और रेलवे अफसरों के विरोध में वाशिंग लाइन की ट्रैक पर उतर आए। ट्रेनों की मेंटेनेंस सेंसिटिव मामला होने के कारण रेलवे के उच्च अफसरों ने गंभीरता से लिया है। सवाल उठने लगे हैं कि जब अफसर ने ही कर्मियों की ड्यूटी ट्रेनों में सफाई व्यवस्था की देख-रेख के लिए लगाई थी तो चार्जशीट कैसे किया जा सकता है। वहीं मामला जब बढ़ा तो हायर लेवल तक पहुंच गया। सवाल उठाए गए कि वाशिंग लाइन में सफाई का काम प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। ऐसे में जिस प्राइवेट कर्मी को इस काम के लिए इंचार्ज लगाया गया उसे नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया। प्राइवेट तौर पर काम कर रहे मुलाजिमों से सवाल-जवाब क्यों नहीं किया जा रहा है। वहीं यूनियन की ओर से पिछले दिनों इस मामले में की गई हड़ताल से अब सभी रेलवे के अफसर हरकत में आ गए है। वहीं मामले में दखलअंदाजी देने के लिए अमृतसर स्टेशन में पहुंच रहे है। ताकि पता चल सके कि आखिर यह काम कब से चल रहा था। बता दें कि सोमवार को भी वांशिंग लाइन अफसर पहुंचे थे, जिन्होंने यूनियन के साथ बातचीत कर उनकी सभी शर्तें मान ली थी। वहीं अब आज के दौरे को लेकर अफसर अपने बचाव में जुट गए है। एडवोकेट पीसी शर्मा ने कहा कि कैरिज एंड वैगन में तैनात रेल कर्मचारी ट्रेनों की मेंटिनेंस का काम कर रहे उनकी ड्यूटी प्राइवेट कांट्रेक्टर के सफाई का काम देखने के लिए ड्यूटी लगा दिया जाना सही नहीं है। यह कर्मचारी ट्रेनों के अलग-अलग पार्ट्स को चेक करते हैं। थोड़ी भी लापरवाही या चूक हुई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जिस भी अफसर ने कर्मियों की ड्यूटी सफाई चेक करने के लिए कांट्रेक्टर के साथ लगाया फिर उनको बाद में चार्जशीट कर दिया गया उसके खिलाफ अफसरों को जांच बिठानी चाहिए। जो कर्मचारी या एसएसई ठेकेदार के द्वारा किए काम को ठीक तरह से चेक करने के बजाय जेब का ख्याल रखते है, उन पर कार्यवाही होनी चाहिए। सूत्रों की मानें तो ट्रेनों की मेंटिनेंस के लिए जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनको सफाई का काम देखरेख में लगाया ही क्यों गया। क्या अफसरों को यह नहीं पता कि ट्रेनों के मेंटिनेंस से जुड़ा मामला सेंसिटिव होता है। बता दें कि यह कर्मचारी ट्रेनों के पहिए चेंज करने, ब्रेक व अन्य मैकेनिज्म पार्ट्स को चेक करते हैं। कहीं कोई गड़बड़ी सामने आई तो उसे तत्काल दूर कराया जाता है। इसमें किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। पंजाब | दैनिक भास्कर
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अमृतसर में रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़:ड्यूटी खत्म कर जा रही थी कमरे पर, एसीपी बोले- लूट की कोशिश का मामला
अमृतसर में रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़:ड्यूटी खत्म कर जा रही थी कमरे पर, एसीपी बोले- लूट की कोशिश का मामला कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पंजाब में डॉक्टरों से छेड़छाड़ का मामला सामने आ गया। अमृतसर के श्री गुरु नानक अस्पताल की फीमेल रेजिडेंट डॉक्टर से दो युवकों द्वारा छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। रेजिडेंट डॉक्टर अपनी ड्यूटी खत्म कर अपने कमरे में जा रही थी, तभी बाइक सवार दो युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। जिसके बाद प्रिंसिपल की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। फिलहाल पुलिस मनचलों की तलाश कर रही है। युवकों की इस हरकत से डॉक्टर डर गई और भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने यह बार वार्ड के अन्य डॉक्टर को बताई और मामले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के पास पहुंचा। उसके बाद प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव देवगन ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने किया मामला दर्ज पुलिस ने देर रात इस संबंध में मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सभी सीसीटीवी खंगालकर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।शिकायत के बावजूद महिला डॉक्टर बेहद डर में है और घबराई हुई है। कलकत्ता रेप और हत्या मामले के बाद पंजाब सरकार ने पत्र जारी किया था कि अगर किसी रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ का मामला सामने आता है तो पुलिस 6 घंटे के भीतर मामला दर्ज करे। जिसके बाद पुलिस इन मामलों में बेहद सख्ती दिखा रही है। मामला लूट के इरादे का था : एसीपी एसीपी मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि 2 सितंबर की रात एक महिला अपनी ड्यूटी के लिए हॉस्टल जा रही थी। उन्होंने कहा कि यह उत्पीड़न का मामला नहीं है यह लूट के इरादे का मामला था, जहां पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है. वहीं, सोशल मीडिया पर महिला डॉक्टर को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है छेड़छाड़ कर दी गई है उन्होंने बताया कि युवक चोरी के इरादे से घुसा था और उसने चोरी करने की कोशिश की, जिसके बाद डॉक्टर डरकर हॉस्टल के अंदर भाग गई।
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मनमोहन सिंह को ‘पंथ रत्न’ सम्मान देने की मांग:राजा वड़िंग ने अकाल तख्त को लिखा पत्र, कहा- किसानों का कर्ज माफ किया पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह को पंथ रत्न देने की मांग रखी गई है। लुधियाना से लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को सिख समुदाय के लिए ऐतिहासिक और अद्वितीय बताया। उन्होंने लिखा कि डॉ. सिंह ने न केवल 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए संसद में माफी मांगी बल्कि पीड़ितों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए। साथ ही, किसानों के लिए 60 हजार करोड़ रुपए की ऋण माफी, पंजाब के विकास के लिए धन आवंटन, और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया। डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल पर किया ध्यान इसके अलावा, डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान सिख तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए करतारपुर कॉरिडोर जैसे कदमों की भी सराहना की गई। अमरिंदर सिंह ने जत्थेदार से आग्रह किया कि डॉ. मनमोहन सिंह के इन जनहितैषी कार्यों को देखते हुए उन्हें “पंथ रत्न” सम्मान से सम्मानित किया जाए। बीते दिन हुई अंतिम अरदास पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर की रात निधन हो गया था। वे 92 साल के थे। वे लंबे समय से बीमार थे। घर पर बेहोश होने के बाद उन्हें रात 8:06 बजे दिल्ली AIIMS लाया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, रात 9:51 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। इसके बाद 28 दिसंबर को निगमबोध घाट पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बीते दिन शुक्रवार ही उनकी आत्मिक शांति के लिए अंतिम अरदास की गई। इतना ही नहीं, इस अरदास से पहले श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी श्रद्धांजलि दी थी।
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अमृतसर नगर निकाय चुनाव:अभी तक मात्र 22 कैंडिडेट ने भरे पर्चें, AAP की अधूरी लिस्ट का इंतजार; SAD की पूरी पंजाब में निकाय चुनावों के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। अमृतसर की 85 वार्डों के लिए पहले दो दिन मात्र 22 उम्मीदवारों ने ही नामांकन भरा, जबकि अभी तक पार्टियां अपने पूरे उम्मीदवार भी मैदान में नहीं उतार पाई हैं। आखिरी दिन अधिकतर उम्मीदवारों को पेपर ही पूरे करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अमृतसर में सबसे पहले कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे। मंगलवार को जारी पहली सूची में 37 उम्मीदवार थे। कुछ ही देर बाद भाजपा की लिस्ट आ गई। जिसमें सभी उम्मीदवारों के नाम जोड़े गए। वहीं, बुधवार आम आदमी पार्टी ने अपनी अपने 72 उम्मीदवार ही मैदान में उतारे हैं। मंगलवार तक तीन पार्टियों की लिस्ट जारी होने के बाद भी शहर में मात्र 22 नामांकन ही भरे गए। आज अमृतसर के पांच रिटर्निंग अधिकारियों के दफ्तरों में भीड़ रहने वाली है। 85 वार्डों पर अगर तीन पार्टियों के उम्मीदवार ही उतरते हैं तो भी 255 उम्मीदवार अमृतसर में होने का अनुमान है। जबकि मात्र 22 नामांकन ही अभी तक भरे गए हैं और उनमें से भी अधिकतर आजाद उम्मीदवार हैं। एक अनुमान के अनुसार आज 250 के करीब नामांकन भरे जा सकते हैं। रिटर्निंग अधिकारियों के लिए भी 11 से दोपहर 3 बजे तक मात्र 4 घंटों में 250 से करीब नामांकन लेना एक चुनौती होगी। तीन जगह हो रही कागजों की जांच हर नामांकन केंद्र पर 5 से 7 टेबल लगे हुए हैं। जिन पर तीन चरणों में पेपरों की जांच के बाद नामांकन स्वीकार किया जा रहा है। बीते दो दिन नामांकन देने आए एक-एक उम्मीदवारों 20 से 30 मिनट का समय लगा। ऐसे में 250 उम्मीदवारों के नामांकन लेना चुनौती होगी। जल्दबाजी में अगर नामांकन स्वीकार किए जाते हैं तो स्क्रूटनी में नामांकन रद्द होने का डर बना रहेगा। आज दो पार्टियों की सूची आ सकती है शिरोमणि अकाली दल ने अभी तक मात्र लुधियाना में ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि अमृतसर, जालंधर, फगवाड़ा और पटियाला के लिए अभी तक कोई सूची जारी नहीं की गई। वहीं, AAP की तरफ से भी अभी तक 72 उम्मीदवारों के नाम ही सामने आए हैं, 13 वार्डों के लिए AAP जल्द अपनी सूची आज जारी कर सकती है। यहां दाखिल हो रहे नामांकन-