पंजाब में वोटर डेटा अपडेट अभियान तेज, कई जिलों ने 90% आंकड़ा पार किया

पंजाब में वोटर डेटा अपडेट अभियान तेज, कई जिलों ने 90% आंकड़ा पार किया

पंजाब में आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनज़र चल रही प्री-एसआईआर (में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। चुनाव विभाग द्वारा मतदाता रिकॉर्ड को अधिक सटीक और अपडेट बनाने के लिए पूरे राज्य में बड़े स्तर पर वोटर मैपिंग अभियान चलाया जा रहा है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक 84 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं का सत्यापन और डेटा मिलान पूरा किया जा चुका है।

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, ग्रामीण जिलों में यह अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जबकि कुछ बड़े शहरी क्षेत्रों में अभी भी काम अपेक्षाकृत धीमा है। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में मानसा सबसे आगे है, जहां 93 प्रतिशत से अधिक वोटरों की मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा तरनतारन, श्री मुक्तसर साहिब और बरनाला ने भी 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की है।

अधिकारियों का कहना है कि गांवों में बीएलओ टीमों को स्थानीय सहयोग मिलने से काम तेजी से पूरा हो रहा है। वहीं दूसरी ओर एसएएस नगर (मोहाली) और लुधियाना जैसे बड़े शहरी इलाकों में हाईराइज सोसायटियों, प्रवासी आबादी और लगातार बदलते पते के कारण प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है। मोहाली में अब तक करीब 66 प्रतिशत और लुधियाना में लगभग 74 प्रतिशत डेटा मिलान ही पूरा हो पाया है।

राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, पंजाब के कुल 2.14 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 1.80 करोड़ लोगों के रिकॉर्ड का मिलान पुरानी मतदाता सूची से किया जा चुका है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से 2002 से 2004 के बीच की वोटर लिस्ट के आधार पर वर्तमान रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे डुप्लीकेट एंट्री, गलत पते और मृत मतदाताओं से संबंधित रिकॉर्ड को चिन्हित करने में मदद मिलेगी।

सूत्रों के मुताबिक, जिन जिलों में काम की गति धीमी पाई गई, वहां प्रशासन ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) की टीमों में फेरबदल भी किया है। कई कर्मचारियों के ट्रांसफर, स्वास्थ्य समस्याओं और फील्ड स्टाफ की कमी के कारण कुछ क्षेत्रों में अभियान प्रभावित हुआ था। अब नए सिरे से टीमों को तैनात कर रोजाना प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है।

निर्वाचन विभाग ने सभी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) को निर्देश दिए हैं कि वे रोजाना समीक्षा बैठकें करें और शहरी क्षेत्रों में विशेष फोकस बढ़ाएं। अपार्टमेंट सोसायटियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और स्थानीय समितियों की मदद से घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता रिकॉर्ड अपडेट से छूट न जाए।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा शेष मतदाताओं की मैपिंग जल्द पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।