फिलीपींस में भीषण भूकंप से तबाही, सुनामी का खतरा बढ़ा; कई देशों में हाई अलर्ट

फिलीपींस में भीषण भूकंप से तबाही, सुनामी का खतरा बढ़ा; कई देशों में हाई अलर्ट

फिलीपींस में सोमवार तड़के आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 दर्ज की गई, जिसके बाद कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और लोगों के घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की खबरें सामने आई हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम एक व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के घायल होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों से लगातार नई जानकारी सामने आ रही है, इसलिए हताहतों और नुकसान के आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।

भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत महासागर क्षेत्र में सुनामी की आशंका को देखते हुए विभिन्न देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन कर रहे हैं, जबकि प्रशासन आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का प्रयास कर रहा है।

मिंडानाओ द्वीप के पास था भूकंप का केंद्र

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के निकट समुद्री क्षेत्र में स्थित था। रिपोर्ट के मुताबिक इसका केंद्र जनरल सैंटोस शहर से लगभग 13 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में बताया गया।

समुद्र के भीतर आए इस शक्तिशाली भूकंप के कारण आसपास के तटीय क्षेत्रों में तेज कंपन महसूस किया गया। कई स्थानों पर लोग नींद से जाग गए और एहतियात के तौर पर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। भूकंप का प्रभाव केवल केंद्र के आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों तक महसूस किया गया।

शुरुआती घंटों में बढ़ी अफरा-तफरी

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई क्षेत्रों में लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार अनेक लोग खुले मैदानों, पार्कों और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित होने की भी सूचना मिली। संचार सेवाओं पर भी कुछ क्षेत्रों में सीमित प्रभाव देखा गया, हालांकि संबंधित एजेंसियां सेवाओं को सामान्य करने में जुटी हुई हैं।

सुनामी की आशंका के बाद जारी हुआ अलर्ट

भूकंप के तुरंत बाद Pacific Tsunami Warning Center (PTWC) ने संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की।

विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र के भीतर आए शक्तिशाली भूकंप के कारण कुछ तटीय क्षेत्रों में समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

प्रारंभिक आकलन में बताया गया कि—

  • फिलीपींस के कुछ तटीय इलाकों में लगभग 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई।
  • इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ समुद्री क्षेत्रों में लगभग 1 मीटर तक ऊंची लहरों की आशंका व्यक्त की गई।

ऐसी परिस्थितियों में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र के किनारे जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।

कई देशों में महसूस किए गए भूकंप के झटके

इस भूकंप का प्रभाव केवल फिलीपींस तक सीमित नहीं रहा।

प्रशांत क्षेत्र के कई देशों में भी झटके महसूस किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • इंडोनेशिया
  • जापान
  • गुआम
  • मलेशिया के कुछ समुद्री क्षेत्र

शामिल बताए गए हैं।

इंडोनेशिया के उत्तर सुलावेसी और उत्तर मलुकु क्षेत्रों में लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी।

वहीं जापान की मौसम एजेंसी ने दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी संबंधी एडवाइजरी जारी की, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

राहत एवं बचाव कार्य तेज

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।

प्राथमिकता के आधार पर निम्न कार्य किए जा रहे हैं—

  • क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण
  • घायलों को अस्पताल पहुंचाना
  • सड़क मार्गों की स्थिति का आकलन
  • बिजली और संचार सेवाओं की बहाली
  • संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को खाली कराना
  • तटीय क्षेत्रों की निगरानी

स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

इमारतों को हुआ नुकसान

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कई भवनों और सार्वजनिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है।

कुछ स्थानों पर—

  • दीवारों में दरारें आईं।
  • भवनों के हिस्से क्षतिग्रस्त हुए।
  • सरकारी कार्यालयों को आंशिक नुकसान पहुंचा।
  • स्थानीय बुनियादी ढांचे पर प्रभाव पड़ा।

रिपोर्टों में सरंगानी प्रांत के अलाबेल क्षेत्र स्थित एक पुलिस स्टेशन को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है।

हालांकि सभी क्षेत्रों में क्षति का अंतिम आकलन अभी जारी है।

आफ्टरशॉक्स का खतरा बना हुआ है

भूकंप विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) महसूस किए जा सकते हैं।

आफ्टरशॉक्स क्या होते हैं?

मुख्य भूकंप के बाद पृथ्वी की प्लेटों में होने वाली अतिरिक्त हलचल के कारण छोटे या मध्यम तीव्रता के झटके आते हैं, जिन्हें आफ्टरशॉक्स कहा जाता है।

ये—

  • कुछ घंटों तक,
  • कई दिनों तक,
  • या कभी-कभी कई सप्ताह तक

जारी रह सकते हैं।

यदि कोई इमारत मुख्य भूकंप में पहले ही कमजोर हो चुकी हो, तो आफ्टरशॉक्स उसके लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकते हैं।

इसी कारण प्रशासन लोगों को क्षतिग्रस्त भवनों में वापस जाने से पहले विशेषज्ञों की अनुमति लेने की सलाह देता है।

‘रिंग ऑफ फायर’ क्या है?

फिलीपींस दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक प्रशांत रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) का हिस्सा है।

यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ है और यहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं।

इसी कारण यहां—

  • बार-बार भूकंप आते हैं।
  • ज्वालामुखीय गतिविधियां अधिक होती हैं।
  • सुनामी का जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है।

फिलीपींस, जापान, इंडोनेशिया, चिली, न्यूजीलैंड और अमेरिका के कुछ हिस्से भी इसी भूवैज्ञानिक क्षेत्र का हिस्सा माने जाते हैं।

समुद्र के भीतर आने वाले भूकंप अधिक खतरनाक क्यों हो सकते हैं?

जब भूकंप समुद्र के भीतर आता है और उसकी तीव्रता अधिक होती है, तो समुद्र की सतह पर अचानक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है।

यदि समुद्र की तलहटी में पर्याप्त विस्थापन होता है, तो इससे सुनामी लहरें उत्पन्न हो सकती हैं।

हालांकि हर समुद्री भूकंप सुनामी का कारण नहीं बनता।

सुनामी बनने की संभावना कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे—

  • भूकंप की गहराई
  • तीव्रता
  • प्लेटों की गति
  • समुद्र तल का विस्थापन

इसीलिए किसी भी बड़े समुद्री भूकंप के बाद संबंधित एजेंसियां वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर सुनामी अलर्ट जारी करती हैं।

प्राकृतिक आपदा के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप या संभावित सुनामी जैसी परिस्थितियों में निम्न सावधानियां उपयोगी हो सकती हैं—

  • स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
  • अफवाहों या अपुष्ट सोशल मीडिया संदेशों पर भरोसा न करें।
  • तटीय क्षेत्रों में चेतावनी जारी होने पर समुद्र से दूर रहें।
  • क्षतिग्रस्त भवनों में तुरंत प्रवेश न करें।
  • आफ्टरशॉक्स की संभावना को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें।
  • आपातकालीन आवश्यक वस्तुएं अपने पास रखें।
  • केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी अपडेट पर भरोसा करें।

प्रशासन लगातार कर रहा है स्थिति की निगरानी

फिलीपींस की आपदा प्रबंधन एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्थाएं पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। साथ ही सुनामी संबंधी चेतावनियों और समुद्र के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले घंटों में आधिकारिक एजेंसियों द्वारा जारी अपडेट के आधार पर राहत एवं बचाव कार्यों की दिशा तय की जाएगी।

चूंकि यह एक विकसित होती हुई स्थिति (Developing Situation) है, इसलिए मृतकों, घायलों, संपत्ति के नुकसान और सुनामी संबंधी आंकड़ों में समय के साथ बदलाव संभव है। ऐसे में नागरिकों के लिए आवश्यक है कि वे केवल सरकारी एजेंसियों और आधिकारिक आपदा प्रबंधन संस्थानों द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।