सीएम सैनी ने की फरियादियों से बात:पानी व ब्रेकर की समस्या उठाई, भिवानी डीसी बोले- हर मंगलवार रिपोर्ट पेश करें विभागाध्यक्ष

सीएम सैनी ने की फरियादियों से बात:पानी व ब्रेकर की समस्या उठाई, भिवानी डीसी बोले- हर मंगलवार रिपोर्ट पेश करें विभागाध्यक्ष

हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ऑनलाइन माध्यम से वीरवार को समाधान शिविरों से सीधे रूप से जुड़े। उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ-साथ फरियादियों से भी बात की और शिकायतों को जाना। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं के समाधान की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करें। नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार चक्कर ना लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कई दिनों से लंबित शिकायतों का समाधान ना होने के कारण भी जाने। यह भी जाना कि फिलहाल किस-किस तरह की शिकायतें समाधान शिविरों में आ रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का अति शीघ्र समाधान किया जाए। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लें। नागरिकों को समाधान शिविरों की जानकारी भी होनी चाहिए कि अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याएं सुनकर उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। समाधान शिविर में पेयजल सप्लाई व ब्रेकर की मांग उठाई
समाधान शिविर में दादरी गेट ढाणा रोड क्षेत्र में पेयजल की सुचारू सप्लाई एवं सड़कों पर ब्रेकर बनवाए जाने की मांग को लेकर धानक समाज के प्रधान भगवानदास कालिया के नेतृत्व में क्षेत्रवासी पहुंचे। इस दौरान भगवान दास कालिया ने कहा कि पेयजल सप्लाई सुचारू ना होने के कारण इस क्षेत्र के लोग पानी को तरस गए है। जिसके चलते उन्हें रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशान हो रही है। समाधान शिविर में डीसी महाबीर कौशिक के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। जिसमें कहा कि दादरी गेट ढ़ाणा रोड़ पर करीब एक वर्ष से पेयजल सप्लाई सुचारू नहीं है। सबसे अधिक परेशानी ढ़ाणा रोड़ पर गली नंबर-1 से 9 तक बनी है। जहां एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं होती। जिसके चलते लोग पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर है। विभागाध्यक्ष अपने नीचे रखें नोडल अधिकारी
वहीं, डीसी महावीर कौशिक ने समाधान शिविर में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविर के लिए अपनी अधीनस्थ एक और अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उसको अपने विभाग से संबंधित समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की जानकारी होनी चाहिए। अधिकारी को समाधान शिविर में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि उनके विभाग से संबंधित कितनी समस्याएं आ चुकी हैं। कितनी समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, ताकि समीक्षा के दौरान उसके पास सही जवाब हो। मंगलवार को सभी विभागाध्यक्ष रिपोर्ट लेकर स्वयं आएं
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार को सभी विभागाध्यक्ष रिपोर्ट के साथ समाधान शिविर में स्वयं आएंगे। समाधान शिविर में महज खानापूर्ति ना हो। शिकायतों का तुरंत समाधान कर एटीआर पोर्टल पर अपलोड करें। समाधान के साथ-साथ नागरिकों की संतुष्टि भी जरूरी है। डीसी ने विशेषकर जन स्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करें। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ऑनलाइन माध्यम से वीरवार को समाधान शिविरों से सीधे रूप से जुड़े। उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ-साथ फरियादियों से भी बात की और शिकायतों को जाना। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं के समाधान की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करें। नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार चक्कर ना लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कई दिनों से लंबित शिकायतों का समाधान ना होने के कारण भी जाने। यह भी जाना कि फिलहाल किस-किस तरह की शिकायतें समाधान शिविरों में आ रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का अति शीघ्र समाधान किया जाए। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लें। नागरिकों को समाधान शिविरों की जानकारी भी होनी चाहिए कि अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याएं सुनकर उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। समाधान शिविर में पेयजल सप्लाई व ब्रेकर की मांग उठाई
समाधान शिविर में दादरी गेट ढाणा रोड क्षेत्र में पेयजल की सुचारू सप्लाई एवं सड़कों पर ब्रेकर बनवाए जाने की मांग को लेकर धानक समाज के प्रधान भगवानदास कालिया के नेतृत्व में क्षेत्रवासी पहुंचे। इस दौरान भगवान दास कालिया ने कहा कि पेयजल सप्लाई सुचारू ना होने के कारण इस क्षेत्र के लोग पानी को तरस गए है। जिसके चलते उन्हें रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशान हो रही है। समाधान शिविर में डीसी महाबीर कौशिक के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। जिसमें कहा कि दादरी गेट ढ़ाणा रोड़ पर करीब एक वर्ष से पेयजल सप्लाई सुचारू नहीं है। सबसे अधिक परेशानी ढ़ाणा रोड़ पर गली नंबर-1 से 9 तक बनी है। जहां एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं होती। जिसके चलते लोग पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर है। विभागाध्यक्ष अपने नीचे रखें नोडल अधिकारी
वहीं, डीसी महावीर कौशिक ने समाधान शिविर में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविर के लिए अपनी अधीनस्थ एक और अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उसको अपने विभाग से संबंधित समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की जानकारी होनी चाहिए। अधिकारी को समाधान शिविर में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि उनके विभाग से संबंधित कितनी समस्याएं आ चुकी हैं। कितनी समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, ताकि समीक्षा के दौरान उसके पास सही जवाब हो। मंगलवार को सभी विभागाध्यक्ष रिपोर्ट लेकर स्वयं आएं
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार को सभी विभागाध्यक्ष रिपोर्ट के साथ समाधान शिविर में स्वयं आएंगे। समाधान शिविर में महज खानापूर्ति ना हो। शिकायतों का तुरंत समाधान कर एटीआर पोर्टल पर अपलोड करें। समाधान के साथ-साथ नागरिकों की संतुष्टि भी जरूरी है। डीसी ने विशेषकर जन स्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करें।   हरियाणा | दैनिक भास्कर