भास्कर न्यूज । झोझू कलां मौड़ी हिन्दू मॉडल स्कूल में शनिवार को सुलेख प्रतियोगिता हुई। कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्रों ने इसमें भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को सुंदर और सुगठित लेखन के प्रति जागरूक करना था। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। हिन्दी टीचर नीलम कुमारी ने कहा कि सुंदर लिखावट विद्यार्थी का दर्पण होती है। यह आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ भाषा और लेखन कौशल को भी निखारती है। सुलेख से भाषा की शुद्धता, लेखन और विचारों की स्पष्टता विकसित होती है। प्राचार्य सोमवीर जाखड़ ने कहा कि सुलेख लेखन न केवल लिखने की कला को आकर्षक बनाता है, बल्कि धैर्य, अनुशासन और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देता है। इससे अभिव्यक्ति क्षमता निखरती है और भाषा के प्रति रुचि बढ़ती है। स्कूल निदेशक सोमवीर जाखड़ ने विजेता छात्रों को सम्मानित किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से सुंदर लिखावट पर ध्यान देने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के सदस्य संदीप, सरिता, सुशीला देवी, निशा, सुमन मुंझाल, अंजू, सीमा और स्कूल निर्देशिका अर्चना जाखड़ मौजूद रहीं। भास्कर न्यूज । झोझू कलां मौड़ी हिन्दू मॉडल स्कूल में शनिवार को सुलेख प्रतियोगिता हुई। कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्रों ने इसमें भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को सुंदर और सुगठित लेखन के प्रति जागरूक करना था। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। हिन्दी टीचर नीलम कुमारी ने कहा कि सुंदर लिखावट विद्यार्थी का दर्पण होती है। यह आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ भाषा और लेखन कौशल को भी निखारती है। सुलेख से भाषा की शुद्धता, लेखन और विचारों की स्पष्टता विकसित होती है। प्राचार्य सोमवीर जाखड़ ने कहा कि सुलेख लेखन न केवल लिखने की कला को आकर्षक बनाता है, बल्कि धैर्य, अनुशासन और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देता है। इससे अभिव्यक्ति क्षमता निखरती है और भाषा के प्रति रुचि बढ़ती है। स्कूल निदेशक सोमवीर जाखड़ ने विजेता छात्रों को सम्मानित किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से सुंदर लिखावट पर ध्यान देने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के सदस्य संदीप, सरिता, सुशीला देवी, निशा, सुमन मुंझाल, अंजू, सीमा और स्कूल निर्देशिका अर्चना जाखड़ मौजूद रहीं। हरियाणा | दैनिक भास्कर
Related Posts

सोनीपत में 10वीं के छात्र ने फंदा लगा किया सुसाइड:स्कूल में ड्राइंग मिटने पर टीचर ने पीटा; लिखा-मां-भाई अब मैं तुम्हारे बीच नहीं रहा
सोनीपत में 10वीं के छात्र ने फंदा लगा किया सुसाइड:स्कूल में ड्राइंग मिटने पर टीचर ने पीटा; लिखा-मां-भाई अब मैं तुम्हारे बीच नहीं रहा हरियाणा के सोनीपत में 10वीं कक्षा के छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि ‘मां रोना मत, मैं भगवान के दर्शन करने जा रहा हूं’। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल की टीचर की पिटाई से आहत होकर उसने आत्महत्या की है। परिजन स्कूल टीचर व प्रबंधन पर कार्रवाई के लिए अड़े हुए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया है। पुलिस छानबीन की बात कह रही है। जानकारी के अनुसार सोनीपत के आर्य नगर में रहने वाले राजीव कुमार का लड़का वंश (15) सिटी थाना के पास निजी स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ रहा था। उसने शनिवार को स्कूल से आने के बाद अपने घर में छत के ऊपर बने कमरे में फंदा लगा लिया। उस समय घर में कोई नहीं था। बाद में छोटा भाई घर आया तो उसने वंश को फंदे पर लटका देखा। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उसके पिता और सिटी थाना पुलिस को सूचना दी गई। शरीर पर मिले पिटाई के निशान पुलिस व परिजन मौके पर पहुंचे और छानबीन की। इस दौरान परिजन वंश के हाथ व शरीर पर पिटाई के निशान देख कर चौंक गए। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शनिवार शाम को शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। रविवार को पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और आरोप लगाया कि वंश को स्कूल में टीचर ने बुरी तरह से पीटा है। इससे आहत होकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने जांच की बात कही, तो परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया। बाद में एसीपी राहुल देव अस्पताल पहुंचे और परिजनों को मनाया। पुलिस मामले में जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी। बोर्ड पर बनी तस्वीर मिटने की सजा… वंश के पिता राजीव ने बताया कि उसका बेटा कुछ दिन पहले ही 15वें वर्ष में हुआ था। सैनी मॉडर्न स्कूल में 18वीं में पढ़ रहा था। टीचर डे पर स्कूल में बोर्ड पर कुछ चित्र बनाए गए थे। वंश अपनी कक्षा में पहुंचा तो उसका पांव रपट गया। इसके बाद उसका मुंह बोर्ड पर लगा और इससे बोर्ड पर की गई ड्राइंग मिट गई। बच्चों ने टीचर से उसकी शिकायत की। आरोप है कि इसके बाद सीमा नाम की टीचर ने उसे डंडे से बुरी तरह से पीटा। उसके हाथ व शरीर पर चोट की वजह से नील के निशान पड़े हुए हैं। वंश ने टीचर की मार से आहत होकर घर पर आकर फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। मां रोना मत…मैं परमात्मा के दर्शन करने जा रहा हूं वंश ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा। पैंसिल से उसने लिखा है कि ‘आज मैं 7/09/24 को मरा हूं। मेरी प्यारी मां और मेरे प्यारे भाई मैं अब तुम्हारे बीच नहीं रहा। कृपया करके मुझे माफ कर देना…धन्यवाद। मेरी प्यार मां रोना मत। मैं परमात्मा के दर्शन करने जा रहा हूं। तुम्हारे बीच जल्दी आउंगा’। पुलिस पर भड़के परिजन अस्पताल पहुंचे परिजन वंश की मौत के लिए स्कूल वालों को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। वे मांग कर रहे थे कि वंश की पिटाई करने वाले टीचर पर कार्रवाई हो। पुलिस ने जांच की बात कही तो परिजन भड़क गए। पुलिस वालों की नहीं सुनी और अस्पताल में शव लेने से मना कर दिया। बाद में एसीपी राहुल देव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों की बात सुनी और जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर को परिजन शव लेने को राजी हुए।

हरियाणा में कांग्रेस को झटका, किरण-श्रुति चौधरी BJP जॉइन करेंगी:पूर्व CM बंसीलाल की MLA बहू-पोती; राहुल गांधी के आगे विरोध जता चुकीं
हरियाणा में कांग्रेस को झटका, किरण-श्रुति चौधरी BJP जॉइन करेंगी:पूर्व CM बंसीलाल की MLA बहू-पोती; राहुल गांधी के आगे विरोध जता चुकीं हरियाणा के पूर्व CM चौधरी बंसीलाल की पुत्रवधु और भिवानी के तोशाम से MLA किरण चौधरी कल कांग्रेस छोड़ रही है। सूत्रों के अनुसार, किरण अपनी बेटी पूर्व सांसद श्रुति चौधरी के साथ कल (19 जून) को ही BJP जॉइन करेगी। दोनों दिल्ली जाकर BJP हेडक्वार्टर में पार्टी में शामिल होगी। सोमवार को दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है। किरण चौधरी लोकसभा चुनाव में अपनी बेटी श्रुति चौधरी की भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से टिकट कटने के बाद से ही नाराज दिख रही थी। किरण ने खुलकर मीडिया के सामने कई बार राजनीतिक तौर पर उन्हें खत्म करने की साजिश रचने के आरोप लगाए। उनके अलावा कांग्रेस के एक और नेता पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा के भी पार्टी छोड़ने की चर्चा है। हालांकि कुलदीप अभी कांग्रेस में ही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बहुत जल्द वह भी बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से टिकट मांग रही थी श्रुति, हुड्डा के करीबी को मिली
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस को हरियाणा में 5-5 सीटों पर जीत मिली है। किरण चौधरी भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से अपनी बेटी श्रुति चौधरी टिकट मांग रही थी। उनकी बेटी इस सीट पर एक बार सांसद भी रह चुकी है, लेकिन पार्टी ने इस बार श्रुति की टिकट काटकर पूर्व सीएम हुड्डा के खास महेंद्रगढ़ से विधायक राव दान सिंह को दे दी। जिससे किरण नाराज हो गई और चुनावी प्रचार से भी पूरी तरह दोनों ने दूरी बना ली। हालात ये बने कि राव दान सिंह चुनाव हार गए। कुलदीप शर्मा करनाल सीट से थे दावेदार
इसी तरह करनाल सीट से पूर्व डिप्टी स्पीकर कुलदीप शर्मा दावेदारी जता रहे थे। यहां भी उनकी बजाय युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा को बीजेपी के हैवीवेट प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने उतार दिया। दिव्यांशु बुद्धिराजा और कुलदीप शर्मा दोनों ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खास हैं। टिकट नहीं मिलने के कारण कुलदीप शर्मा एक तरह से घर बैठ गए। कुलदीप ने बुद्धिराजा के चुनाव में किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसकी वजह से इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी बुरी तरह हार गए। सोनीपत की गन्नौर विधानसभा सीट से विधायक कुलदीप शर्मा सभी कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। पांच सीटें जीतने के बाद कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत करनाल से ही की है। 16 जून को करनाल में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में कुलदीप शर्मा नहीं आए। इसके बाद से ही ये कयास लगाए जा रहे है कुलदीप शर्मा कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं। किरण-श्रुति को राज्यसभा भेजने के भी आसार
दरअसल, दीपेंद्र हुड्डा के रोहतक लोकसभा से चुनाव जीतने के बाद हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट खाली हुई है। प्रदेश में फिलहाल बीजेपी की सरकार हैं। ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी के ही किसी उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है। चर्चा इस बात की है कि बीजेपी हरियाणा में कांग्रेस के किसी बड़े नेता को पार्टी में शामिल कराकर राज्यसभा में भेज सकती है। इनमें किरण चौधरी या उनकी बेटी श्रुति चौधरी का नाम टॉप पर है।किरण चौधरी के लोकसभा चुनाव से पहले भी बीजेपी में जाने की चर्चा चल रही थी। हालांकि माहौल को भांपकर किरण चौधरी शांत रही, लेकिन बेटी की टिकट कटने और फिर पार्टी के नेताओं द्वारा उन्हें इग्नोर करने से वे काफी आहत हुई। मीडिया के सामने किरण कई बार कह चुके है कि उन्हें दबाने और खत्म करने की साजिशें की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ब्राह्मण चेहरे के तौर पर कुलदीप शर्मा को पार्टी में शामिल कराकर उन्हें भी राज्यसभा में भेजा जा सकता है, लेकिन इसके चांस कम है। क्योंकि हरियाणा से पहले ही बीजेपी निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को समर्थन कर राज्यसभा भेज चुकी है। कई गुटों में बंटी कांग्रेस, हुड्डा ग्रुप भारी
हरियाणा में कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है। एक गुट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तो दूसरा उनके एंटी एसआरके ( कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी ) गुट बना हुआ है। इसके अलावा पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव भी अपनी अलग राह चुने हुए हैं। कैप्टन भी इस बार गुरुग्राम सीट से दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उनकी टिकट काटकर हुड्डा की सिफारिश पर फिल्म स्टार राज बब्बर को टिकट दे दी। हालांकि राज बब्बर भी राव इंद्रजीत सिंह से चुनाव हार गए। मौजूदा वक्त में हुड्डा का गुट भारी है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बैठे उदयभान भी उनके ही ग्रुप के हैं। हुड्डा से खटपट में कई नेता कर चुके किनारा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा से खटपट के चलते पहले भी कई कांग्रेसी नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें राव इंद्रजीत सिंह, कुलदीप बिश्नोई जैसे बड़े नेता भी शामिल है। राव इंद्रजीत सिंह ने दक्षिणी हरियाणा के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए 2014 में पार्टी छोड़ी तो कुलदीप बिश्नोई प्रदेशाध्यक्ष नहीं बनाए जाने के कारण 2022 में बीजेपी में शामिल हुए थे। फिलहाल राव इंद्रजीत सिंह केंद्र सरकार में मंत्री तो कुलदीप बिश्नोई राज्यसभा सीट को लेकर दावेदारी जता रहे है। बिश्नोई हिसार सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उनकी टिकट काटकर चौधरी रणजीत चौटाला को चुनाव लड़ाया, लेकिन चौटाला कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश से चुनाव हार गए। कांग्रेस अध्यक्ष बोले- सबको भविष्य चुनने का अधिकार
किरण चौधरी के भाजपा जॉइन करने के सवाल पर हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान ने कहा कि हर नेता को अपना भविष्य का फैसला लेने का अधिकार है। अगर उन्हें वहां अपना भविष्य नजर आता है तो वह फैसला ले सकती हैं।

हिसार में बेटे-बहू को गोलियां मारने वाला पिता गिरफ्तार:शराब पीने से रोकने पर की वारदात, फांसी लगाने का प्रयास किया
हिसार में बेटे-बहू को गोलियां मारने वाला पिता गिरफ्तार:शराब पीने से रोकने पर की वारदात, फांसी लगाने का प्रयास किया हरियाणा के हिसार में बेटे-बहू पर गोलियां चलाने वाले आरोपी पिता को पुलिस ने 9 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बीड़ बबरान निवासी कश्मीर सिंह हरियाणा पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) के पद पर तैनात है। आरोपी पुलिस कर्मी ने फांसी लगाने का प्रयास किया था, मगर पड़ोसी ने उसे बचा लिया। आरोपी को हिसार के सर्वोदय अस्पताल में दाखिल करवाया था जहां उपचार के दौरान उसकी सेहत सुधरी। वहीं, पुलिस ने आरोपी के बेटे लवप्रीत (26) की शिकायत पर पिता कश्मीर सिंह पर केस दर्ज कर लिया था। अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से फिट घोषित करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई लाईसेंस रिवॉल्वर मौके से ही बरामद कर ली थी। गोलियां लगने के बाद लवप्रीत को अस्पताल भर्ती करवाया गया था… शराब पीने से बेटे-बहू ने रोका था
हिसार में 19 जनवरी को हरियाणा पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) के पद पर तैनात कश्मीर सिंह ने बेटे और बहू को गोली मारकर घर में फांसी लगा ली थी। तीनों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे के सीने और बहू की पीठ पर गोली लगी थी। पुलिस के मुताबिक लवप्रीत (26) और उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर (24) ने पिता कश्मीर सिंह को शराब पीने से रोका था। जिसके बाद गुस्से में आकर कश्मीर सिंह ने बेटे और बहू पर गोली चला दी। घटना के बाद कश्मीर सिंह फरार हो गया था। हालांकि तब परिवार के लोगों ने कहा था कि बंदूक ऊपर से नीचे गिर गई, जिस कारण गोली चल गई। घटनास्थल पर मिले थे जिंदा कारतूस
घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस, रिवॉल्वर व दो खोल बरामद किए थे। इसके अलावा घर से दो कारतूस के साथ एक दो नाली बंदूक पुलिस ने कब्जे में ली है। मामले में जांच अधिकारी उप निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी में घरेलू कलह के चलते अपने बेटे और बहू पर जानलेवा हमला कर उन्हें अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारी थी। थाना सदर हिसार में लवप्रीत की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग अंकित किया गया था। आरोपी की मां ने कहा-8 साल पहले रिटायर्ड हुआ था
बता दें कि, बीड़ बबरान गांव के निवासी कश्मीर सिंह करीब 8 साल पहले आर्मी से रिटायर्ड हुआ था। इसके बाद हरियाणा पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर भर्ती हुआ। अभी उसकी पोस्टिंग सिटी थाना में थी। कश्मीर सिंह की मां 80 वर्षीय प्यार कौर ने बताया कि सुबह कश्मीर सिंह रात की ड्यूटी से घर आया था। घर पर शराब पी, तो कश्मीर सिंह के बेटे लवजीत सिंह पुत्रवधु गुरप्रीत कौर ने उन्हें शराब न पीने की बात कही। इसे कश्मीर सिंह गुस्से में आकर गाड़ी लेकर घर से चला गया। कुछ ही दूर पर गाड़ी खेत में फंस गई। इसके बाद वापस आया और कमरे में घुसकर अलमारी से रिवाल्वर 32 बोर निकालकर पहले रसोई में खाना बना रही अपनी पुत्रवूध गुरप्रीत कौर की तरफ दौड़ा। गुरप्रीत अपने बचाव में कमरे की तरफ दौड़ी तो उसे गोली मार दी। इसी बीच लवजीत सिंह बरामदे में था। वो बाहर की तरफ दौड़ा तो उसके सीने में गोली मार दी। फिर पिस्तौल को वहीं पर फेंककर फरार हो गया।