Delhi Blast: Red Fort के पास Car explosion काCCTV Footage आया सामने, ट्रैफ़ि Traffic के बिच अचानक हुआ Car में धमाका

Delhi Blast: Red Fort के पास Car explosion काCCTV Footage आया सामने, ट्रैफ़ि Traffic के बिच अचानक हुआ Car में धमाका

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया। राजधानी के बेहद व्यस्त इलाके में हुए इस विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गईं। घटना में कई लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई है। सुरक्षा एजेंसियां घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं, जिसमें धमाके की वजह, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

यह घटना लाल किले जैसे ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले इलाके के पास हुई, जहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

लाल किले के पास कैसे हुआ धमाका

जानकारी के अनुसार, यह घटना 10 नवंबर 2025 यानी सोमवार शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट के आसपास हुई। धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास गेट नंबर-1 के नजदीक लाल किला चौराहे पर हुआ।

घटना के समय सड़क पर सामान्य ट्रैफिक चल रहा था। कई वाहन, बाइक और ऑटो सड़क पर मौजूद थे। इसी दौरान एक आई-20 कार में अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते कार में आग लग गई।

धमाका इतना तेज था कि आसपास खड़े कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। फुटपाथ और आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद तुरंत पुलिस, दमकल विभाग और राहत टीमों को मौके पर भेजा गया।

CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी घटना

जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। फुटेज में दिखाई देता है कि सड़क पर वाहन सामान्य गति से चल रहे हैं और अचानक एक कार से तेज रोशनी और आग की लपटें उठती हैं।

धमाके के बाद कुछ समय के लिए कैमरे की रिकॉर्डिंग प्रभावित दिखाई देती है। जांच एजेंसियां इस फुटेज का इस्तेमाल घटना के समय, कार की स्थिति और आसपास मौजूद लोगों की गतिविधियों को समझने के लिए कर रही हैं।

CCTV फुटेज के अलावा आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि कार के पूरे रास्ते और उससे जुड़े लोगों की जानकारी हासिल की जा सके।

धमाके में 12 लोगों की मौत, कई घायल

इस घटना में 12 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आसपास खड़े कई वाहन भी जल गए। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके को सुरक्षित किया और जांच के लिए कई घंटों तक क्षेत्र को नियंत्रित रखा।

संदिग्ध कार और जांच का दायरा

प्रारंभिक जांच में जिस कार में धमाका हुआ, उसके संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां कार के मालिक, चालक और उससे जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार में मौजूद व्यक्ति की पहचान उमर के रूप में बताई जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह घटना के समय अकेला था या उसके साथ कोई और व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था।

सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी या किसी अन्य परिस्थिति में हुई।

बड़ी साजिश की आशंका, नेटवर्क की जांच जारी

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस घटना के पीछे एक संगठित नेटवर्क हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ गतिविधियों की जांच से संकेत मिले हैं कि इसमें लंबे समय से तैयारी और संपर्कों की भूमिका हो सकती है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी समूह ने लोगों को जोड़ने, आर्थिक सहायता जुटाने या योजनाबद्ध तरीके से गतिविधियां चलाने का प्रयास किया था।

सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल संपर्क, आर्थिक लेन-देन और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

विस्फोटक सामग्री की जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम

घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम विस्फोटक सामग्री और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

जांच के दौरान विस्फोटक के नमूने और कुछ अन्य सामग्री बरामद की गई है। शुरुआती जांच में कुछ नमूनों में अमोनियम नाइट्रेट जैसे पदार्थों की संभावना जताई गई है।

हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फाइनल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट में किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल किया गया और उसे तैयार करने का तरीका क्या था।

NIA कर रही मामले की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। दिल्ली पुलिस भी जांच एजेंसी के साथ सहयोग कर रही है।

मामला गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इसमें CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, कार की गतिविधियां और संदिग्ध संपर्कों की जांच शामिल है।

कार के रूट और गतिविधियों की जांच

जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने धमाके वाली कार के रूट की जानकारी जुटाई है। अधिकारियों के अनुसार, कार की गतिविधियों को ट्रेस किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले वह किन-किन स्थानों पर गई थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि कार कुछ समय के लिए एक पार्किंग क्षेत्र में रुकी थी। एजेंसियां वहां की गतिविधियों और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले संदिग्ध व्यक्ति किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां कैसी थीं।

सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े खतरे की जांच तेज की

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच केवल धमाके तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश की जा रही है।

एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस घटना का संबंध देश के किसी अन्य हिस्से में हुई गतिविधियों से है। दिल्ली और अन्य राज्यों में भी संदिग्ध संपर्कों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई और सतर्कता के कारण किसी बड़े खतरे को रोकने में मदद मिली हो सकती है।

पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा

धमाके में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए दिल्ली सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

अस्थायी रूप से दिव्यांग हुए लोगों को 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपये और सामान्य रूप से घायल लोगों को 20 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।

सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए जा रहे हैं।

जांच में अभी कई सवालों के जवाब बाकी

इस मामले में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। इनमें विस्फोटक का स्रोत, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटना के पीछे की पूरी योजना शामिल है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल जांच और सुरक्षा एजेंसियों की पड़ताल के आधार पर आगे की जानकारी सामने आएगी।

फिलहाल जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।

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