हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 के तहत फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन पहले किसी कारणवश पूरा नहीं हो पाया था, उनका सत्यापन अब PMT से पहले अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
आयोग का यह फैसला भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं जिनका बायोमैट्रिक सत्यापन पिछली प्रक्रिया के दौरान अधूरा रह गया था। अब आयोग उन्हें दोबारा अवसर प्रदान कर रहा है, ताकि पात्र अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के भर्ती प्रक्रिया में आगे शामिल हो सकें।
HSSC ने जारी किया PMT शेड्यूल
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अगले चरण के रूप में फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
PMT भर्ती प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें उम्मीदवारों की लंबाई, छाती (पुरुष अभ्यर्थियों के लिए लागू होने पर) तथा अन्य निर्धारित शारीरिक मानकों की जांच की जाती है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवार ही इस चरण में शामिल हो सकेंगे।
बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य
आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह के अनुसार जिन उम्मीदवारों का पहले बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो पाया था, उनका सत्यापन अब PMT से पहले किया जाएगा।
बायोमैट्रिक सत्यापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया में वही उम्मीदवार शामिल हों जिन्होंने आवेदन किया है और परीक्षा में भाग लिया है।
इस प्रक्रिया के माध्यम से उम्मीदवारों की पहचान डिजिटल माध्यम से सत्यापित की जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या प्रतिरूपण (Impersonation) की संभावना कम हो जाती है।
15 अप्रैल से पहले पूरी होगी प्रक्रिया
आयोग ने जानकारी दी है कि बायोमैट्रिक सत्यापन की पूरी प्रक्रिया 15 अप्रैल से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद पात्र उम्मीदवारों को PMT में शामिल किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचना और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
5500 पदों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन
हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती के तहत 5500 पदों पर भर्ती की जा रही है।
इन पदों के लिए लगभग 2.7 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण आयोग पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से संचालित कर रहा है, ताकि प्रत्येक चरण पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।
CET Group C 2025 से जुड़े उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ
आयोग ने बताया कि कई ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने CET Group C 2025 परीक्षा दी थी, लेकिन उस दौरान किसी तकनीकी या अन्य कारण से उनका बायोमैट्रिक सत्यापन पूरा नहीं हो पाया था।
ऐसे अभ्यर्थियों को अब एक और अवसर दिया जाएगा।
यदि वे निर्धारित समय के भीतर अपना बायोमैट्रिक सत्यापन पूरा कर लेते हैं, तो वे भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल हो सकेंगे।
उम्मीदवारों को क्यों दी गई राहत?
कई बार तकनीकी कारणों, नेटवर्क संबंधी समस्याओं या भीड़ अधिक होने के कारण बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती।
ऐसी परिस्थितियों में यदि उम्मीदवार को दोबारा अवसर नहीं दिया जाए, तो वह बिना किसी गलती के भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकता है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अतिरिक्त अवसर देने का निर्णय लिया है।
इससे योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी और भर्ती प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत बन सकेगी।
PMT क्या होता है?
फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) पुलिस भर्ती प्रक्रिया का प्रारंभिक शारीरिक परीक्षण होता है।
इस दौरान उम्मीदवारों के निर्धारित शारीरिक मानकों की जांच की जाती है।
आमतौर पर इसमें शामिल हो सकते हैं—
- लंबाई का मापन
- छाती का मापन (निर्धारित श्रेणी के अनुसार)
- अन्य निर्धारित शारीरिक मानदंड
जो उम्मीदवार इन मानकों को पूरा करते हैं, उन्हें भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए पात्र माना जाता है।
बायोमैट्रिक सत्यापन क्यों है जरूरी?
वर्तमान समय में लगभग सभी बड़ी भर्ती परीक्षाओं में बायोमैट्रिक सत्यापन का उपयोग किया जा रहा है।
इसके प्रमुख उद्देश्य हैं—
- उम्मीदवार की सही पहचान सुनिश्चित करना।
- फर्जी अभ्यर्थियों को रोकना।
- भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।
- डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना।
- परीक्षा और चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना।
इसी कारण HSSC ने इस प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया है।
आयोग ने उम्मीदवारों से क्या अपील की?
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
यदि किसी उम्मीदवार का बायोमैट्रिक सत्यापन पहले नहीं हो पाया था, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसे पूरा करा सकता है।
आयोग ने यह भी कहा है कि उम्मीदवार अपनी तैयारी जारी रखें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीकी उपायों का उपयोग लगातार बढ़ा है।
बायोमैट्रिक सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाना है।
हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती में भी आयोग इसी दिशा में कार्य कर रहा है।
उम्मीदवारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—
- आयोग की आधिकारिक सूचनाएं नियमित रूप से देखें।
- निर्धारित तिथि पर बायोमैट्रिक सत्यापन अवश्य कराएं।
- PMT के लिए आवश्यक दस्तावेज साथ रखें।
- समय से पहले परीक्षा स्थल पर पहुंचें।
- किसी भी फर्जी सूचना या सोशल मीडिया अफवाह पर भरोसा न करें।
इन सावधानियों से भर्ती प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सकती है।
आगे क्या होगा?
बायोमैट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र उम्मीदवारों को फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट में शामिल किया जाएगा।
इसके बाद भर्ती नियमों के अनुसार अगले चरणों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आयोग समय-समय पर आगे की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जारी करेगा।
हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती राज्य की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक मानी जा रही है। लगभग 2.7 लाख उम्मीदवारों के आवेदन और 5500 रिक्त पदों को देखते हुए आयोग पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर जोर दे रहा है। बायोमैट्रिक सत्यापन के लिए अतिरिक्त अवसर दिए जाने से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जिनका सत्यापन पहले किसी कारणवश अधूरा रह गया था। अब उम्मीदवारों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए PMT और भर्ती के अगले चरणों की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।




