ईंधन नीति में बड़ा बदलाव: सरकार ने फिर लगाया विंडफॉल टैक्स

ईंधन नीति में बड़ा बदलाव: सरकार ने फिर लगाया विंडफॉल टैक्स

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर विंडफॉल टैक्स दोबारा लागू कर दिया है, जिसे दिसंबर 2024 में हटा दिया गया था।


डीजल और ATF पर टैक्स में भारी इज़ाफा

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नई अधिसूचना के मुताबिक:

  • डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹21.5 से बढ़ाकर ₹55.5 प्रति लीटर कर दी गई है
  • ATF पर निर्यात शुल्क ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दिया गया है
  • पेट्रोल पर निर्यात शुल्क अभी भी शून्य ही रखा गया है

सरकार का मकसद क्या है?

सरकार का कहना है कि यह फैसला घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और रिफाइनरियों के अत्यधिक मुनाफे को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
इस कदम से देश के अंदर सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।


आम लोगों पर असर

इस फैसले का एक सकारात्मक पहलू यह माना जा रहा है कि:

  • घरेलू ईंधन सप्लाई मजबूत होगी
  • डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की आशंका कम हो सकती है

पहले क्या हुआ था?

  • मार्च में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी
  • पेट्रोल पर टैक्स ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया था
  • डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई थी

यह कदम ईरान-अमेरिका तनाव के चलते बढ़े कच्चे तेल के दामों से राहत देने के लिए उठाया गया था।


कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव

  • ईरान संकट के बाद कच्चा तेल $119 प्रति बैरल तक पहुंच गया था
  • फिलहाल कीमतें घटकर करीब $98 प्रति बैरल पर आ गई हैं

निष्कर्ष

सरकार की यह नई रणनीति तेल कंपनियों के मुनाफे पर लगाम लगाने और देश में ईंधन की स्थिति को संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इसका असर आम जनता और तेल बाजार दोनों पर साफ दिखाई देगा।