अब छात्र बताएंगे कैसी हो शिक्षा व्यवस्था, पंजाब सरकार हर जिले में करेगी ‘ब्राइट माइंड्स’ संवाद

अब छात्र बताएंगे कैसी हो शिक्षा व्यवस्था, पंजाब सरकार हर जिले में करेगी ‘ब्राइट माइंड्स’ संवाद

पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की है। राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित विरासत-ए-खालसा से ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य केवल मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा नीतियों और स्कूल सुधारों से जुड़े विचार साझा करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना भी है।

कार्यक्रम के दौरान रूपनगर जिले के 600 से अधिक ऐसे विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाल ही में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। विद्यार्थियों को उपलब्धि प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनकी मेहनत और शैक्षणिक उत्कृष्टता को सराहा गया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि सरकार अब इस कार्यक्रम को पंजाब के सभी जिलों तक लेकर जाएगी, ताकि हर क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी बात रखने और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों की जरूरतों और विचारों के अनुरूप विकसित की जाएगी।

बैंस ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से राज्य के सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में विद्यार्थियों को नई चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना बेहद जरूरी है। एआई आने वाले वर्षों में रोजगार और उद्योगों की दिशा तय करेगा, इसलिए बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही इस तकनीक से परिचित कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है और हाल ही में जारी विभिन्न राष्ट्रीय मूल्यांकन रिपोर्टों में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सरकार का लक्ष्य केवल परीक्षा परिणामों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक, रचनात्मक और तकनीक-सक्षम शिक्षा उपलब्ध कराना भी है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, करियर, तकनीक और स्कूलों में सुविधाओं से जुड़े कई सवाल पूछे। कई विद्यार्थियों ने अपने सुझाव भी साझा किए, जिन पर शिक्षा विभाग द्वारा गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया गया। इस संवाद ने विद्यार्थियों और नीति निर्माताओं के बीच सीधे संपर्क का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया।

शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और विद्यार्थियों का परीक्षा परिणामों पर विश्वास और मजबूत होगा।

सरकार का मानना है कि ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026’ केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि राज्य में शिक्षा सुधारों को नई दिशा देने वाला अभियान साबित होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा व्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाने की भी कोशिश की जाएगी।