8 दिन में खत्म हुआ रणवीर सिंह पर लगा FWICE का प्रतिबंध, इंडस्ट्री में फिर सामान्य हुए हालात

8 दिन में खत्म हुआ रणवीर सिंह पर लगा FWICE का प्रतिबंध, इंडस्ट्री में फिर सामान्य हुए हालात

अभिनेता रणवीर सिंह और FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) के बीच पैदा हुआ विवाद अब समाप्त हो गया है। संगठन ने अभिनेता के खिलाफ जारी किया गया नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) वापस लेने का फैसला किया है। इसके साथ ही रणवीर सिंह के साथ काम करने पर लगी सभी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दी गई हैं।

दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ से खुद को अलग करने का फैसला लिया। इस फैसले से फिल्म इंडस्ट्री के कुछ संगठनों और संबंधित पक्षों में नाराजगी देखी गई। इसके बाद 25 मई 2026 को FWICE ने उनके खिलाफ असहयोग निर्देश जारी कर दिया था।

इस कदम के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई थी क्योंकि रणवीर सिंह कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। ऐसे में इंडस्ट्री के भीतर चिंता बढ़ने लगी कि यदि प्रतिबंध जारी रहा तो कई फिल्मों की शूटिंग और निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

मामले को सुलझाने के लिए इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने अहम भूमिका निभाई। संगठन के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने की पहल की। 30 मई को FWICE को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने फिल्म उद्योग को एक परिवार बताते हुए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।

अभय सिन्हा ने अपने पत्र में कहा कि उद्योग की स्थिरता और निर्माताओं के हितों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने FWICE से अनुरोध किया कि वह अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।

IMPPA की इस पहल के बाद FWICE ने सकारात्मक रुख अपनाया। संगठन ने 1 जून को भेजे गए जवाब में संकेत दिया कि इंडस्ट्री की एकता और बेहतर माहौल को ध्यान में रखते हुए वह अपने फैसले को वापस लेने पर सहमत है। इसके बाद 3 जून को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिबंध हटाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

अपने बयान में FWICE ने कहा कि वह हमेशा तकनीशियनों, कलाकारों और फिल्म कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हालांकि, संगठन का यह भी मानना है कि उद्योग में सौहार्द और सहयोग बनाए रखना उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के तहत रणवीर सिंह के खिलाफ जारी निर्देश वापस लेने का फैसला किया गया।

FWICE ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी वह किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ अपनी आवाज उठाता रहेगा, लेकिन जहां संभव होगा वहां बातचीत और आपसी समझ से समाधान निकालने को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रतिबंध हटने के बाद अब रणवीर सिंह की आगामी फिल्मों और अन्य प्रोजेक्ट्स पर किसी प्रकार की बाधा नहीं रहेगी। फिल्म निर्माताओं और उनके प्रशंसकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि लंबे समय तक विवाद जारी रहने की स्थिति में इंडस्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।

इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अभिनेता की ओर से FWICE को कानूनी नोटिस भेजा गया था, जिसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। हालांकि, इस दावे की अब तक न तो रणवीर सिंह की टीम ने पुष्टि की है और न ही FWICE ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी की है।